यूपी में मेरठ के सरधना क्षेत्र में ही पिछड़े वर्ग से कश्यप समाज के एक युवक को जलाकर मार देने की अति क्रूर व शर्मनाक घटना की जितनी भर्त्सना की जाये वह कम है। ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिये शासन व प्रशासन दोनों स्तर पर अनवरत उचित सजगता व सक्रियता आवश्यक। ऐसे असामाजिक व आपराधिक तत्वों को क़ानून का डर होना ज़रूरी।
मध्य प्रदेश राज्य के इन्दौर शहर में प्रदूषित पानी पीने से अनेक निर्दोष नागरिकों की मौत तथा अन्य अनेक लोगों के बीमार हो जाने की अति-दुखद एवं चौंकाने वाली ख़बर काफी चर्चा में है तथा ऐसी सरकारी ग़ैर-ज़िम्मेदारी व उदासीनता को लेकर लोगों में स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि पूरे देश भर में व्यापक आक्रोश भी स्वाभाविक है।
वैसे तो लोगों को ख़ासकर साफ हवा और पानी आदि मुहैया कराना हर सरकार की पहली ज़िम्मेदारी होती है, किन्तु यहाँ अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था की तरह ही बुनियादी जनसुविधा के सम्बंध में भी सरकारी लापरवाही व भ्रष्टाचार आदि काफी घातक साबित हो रहा है तथा परिवार उजड़ रहे हैं, यह अति-दुखद व अति-चिन्तनीय।
इस प्रकार की नागरिकों के जान से खिलवाड़ करने की शर्मनाक घटना की रोकथाम के लिये राज्य सरकार को सख़्त से सख़्त क़दम उठाते रहने की ज़रूरत है। साथ ही, केन्द्र की सरकार को भी इसका उचित संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई ज़रूर करनी चाहिये ताकि देश के किसी अन्य राज्य में ऐसी दर्दनाक घटनायें ना होने पायें।
समस्त देशवासियों तथा दुनिया भर में रहने वाले भारतीय नागरिकों एवं उनके परिवार वालों को आज नववर्ष सन् 2026 की दिली मुबारकबाद एवं उन सबकी सुख, शान्ति, समृद्धि, सुरक्षा एवं आत्म-सम्मान व स्वाभिमान-युक्त जीवन की शुभकामनायें।
नया साल देश में सर्वसमाज के हर ग़रीब व मेहनतकश लोगों अर्थात् समस्त बहुजनों की दिन-प्रतिदिन की ज़िन्दगी नित्य नये नियम-क़ानूनों की क़दम-क़दम पर जकड़नों से दूर सहज व सरल हो तथा यह साल आप सबके लिये बहुत सारी ख़ुशियाँ लाये, यही कुदरत से कामना ही नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक जीवन में बहुजन समाज का थोड़ा अच्छे दिन पाने के लिये यही संघर्ष भी है। अन्त में एक बार फिर सभी को नये साल की हार्दिक बधाई।
बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द को पुत्री के रूप में परिवार में नई सदस्य की प्राप्ति पर सभी लोगों में खुशी की लहर है तथा उनके लिये इससे भी ज़्यादा हर्ष व गौरव की बात यह है कि श्री आकाश ने अपनी बेटी को माननीय बहनजी की तरह ही बहुजन समाज के मिशन के प्रति समर्पित करने के लिये तैयार करने की इच्छा व्यक्त की है, जिसका भरपूर स्वागत। माँ और बेटी दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
जैसा कि विदित है कि आज से संसद में चूंकि चुनाव सुधार को लेकर चर्चा हो रही है। अतः बी.एस.पी. की ओर से इस सम्बन्ध में यह कहना है कि चुनाव की प्रक्रिया में अन्य सुधार लाने के साथ-साथ निम्न तीन ख़ास सुधार लाना बहुत ज़रूरी हैं।
SIR को लेकर जो पूरे देश में व्यवस्था चल रही है BSP उसके विरोध में नहीं है। परन्तु BSP का यह कहना है कि इस सम्बन्ध में मतदाता सूची में नाम भरने की जो भी प्रक्रिया होनी है, उसके लिए जो समय सीमा निर्धारित की गई है वो बहुत ही कम है, जिसकी वजह से BLO के ऊपर भी काफी दबाव है और कई BLO काम के दबाव के वजह से अपनी जान भी गवां चुके हैं। जहाँ करोड़ों मतदाता हैं वहाँ BLO को उचित समय मिलना ही चाहिये और ख़ासतौर पर उस प्रदेश में जहाँ जल्दी ही कोई भी चुनाव नहीं है।
उत्तर प्रदेश में लगभग 15.40 करोड़ से भी ज़्यादा मतदाता हैं और अगर वहाँ SIR का कार्य जल्दबाज़ी में पूरा करने की कोशिश की जायेगी तो इसका नतीजा यह होगा कि अनेकों वैध-मतदाता ख़ासतौर पर जो ग़रीब हैं और काम करने के सिलसिले में बाहर गये हैं, तो फिर उनका नाम मतदाता सूची से रह जायेगा और वो बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी द्वारा ऐसे व्यक्तियों को दिया गया वोट डालने का संवैधानिक अधिकार से वंचित कर देगा, जो कि पूर्ण रूप से अनुचित होगा। अतः ऐसे में SIR की प्रक्रिया को पूरी करने में जल्दबाज़ी ना करते हुये उचित समय दिया जाना चाहिये अर्थात् वर्तमान मे दी गई समय सीमा को बढ़ाना चाहिये।
इसके साथ ही, मा. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार चुनाव आयोग द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं। ऐसे लोग जिनका कोई भी आपराधिक इतिहास है उन्हें अपने हलफनामें में इसका अपने आपराधिक इतिहास का पूरा ब्योरा देना होगा और इसके साथ-साथ स्थानीय अख़बारों में भी इसका पूरा विवरण भी प्रकाशित करना होगा तथा जिस राजनैतिक पार्टी से वे चुनाव लड़ रहे हैं, उस राजनैतिक पार्टी की भी ज़िम्मेदारी होगी कि वह इस सूचना को अपने स्तर से भी राष्ट्रीय अख़बारों में भी प्रकाशित करेगी।
इस सम्बन्ध में BSP का कहना है कि अक्सर यह पाया गया है कि जिस व्यक्ति को चुनाव लड़ने के लिए टिकट/सिम्बल दिया जाता है उनमें से कुछ लोग अपना आपराधिक इतिहास पार्टी को नहीं बतातें हैं तथा कुछ लोगों के सम्बन्ध में स्क्रूटनी (scrutiny) के समय ही पार्टी को इसका पता लग पाता है, जिसकी वजह से इसकी ज़िम्मेवारी पार्टी के ऊपर आ जाती है और वैसे भी ऐसे प्रत्याशियों के आपराधिक इतिहास को राष्ट्रीय अख़बारों में छपवाने की ज़िम्मेवारी पार्टी के ऊपर डाली गयी है।
जबकि इस सम्बन्ध में हमारी पार्टी का यह सुझाव है कि आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों के सम्बन्ध में सभी औपचारिकताएं पूरी करने की ज़िम्मेवारी उन्हीं पर डालनी चाहिये ना कि पार्टी के ऊपर होनी चाहिये। और अगर आगे चलकर यह मालूम होता है कि किसी प्रत्याशी नेे अपना आपराधिक इतिहास छुपाया है तो इससे सम्बंधित हर प्रकार की कानूनी liability और ज़िम्मेदारी भी उसी पर आनी चाहिये ना कि पार्टी के ऊपर।
इसके इलावा हमारी पार्टी का यह भी सुझाव है कि EVM के द्वारा उसमें लगातार उठती गड़बड़ियों की शिकायत जो चुनाव के दौरान और उसके बाद व्यक्त की जाती है उसे दूर करने के लिए और चुनाव प्रक्रिया में सभी का पूर्ण रूप से विश्वास पैदा करने के लिए अब EVM के द्वारा vote डलवाने की जगह पुनः बैलेट पेपर से ही vote डलवाने की प्रक्रिया लागू की जाये और अगर किसी वजह से ऐसा अभी नहीं किया जा सकता है तो कम से कम VVPAT के डब्बे में जो vote डालते समय पर्ची (slip) गिरती है उन सभी पर्चियों की गिनती सभी बूथों में करके EVM के वोटों से मिलान किया जाये।
ऐसा ना करने का जो कारण Election Commission द्वारा बताया जाता है, कि इसमें काफी समय लग जायेगा जबकि इनका यह तर्क बिलकुल भी उचित नहीं है। क्यांेकि अगर सिर्फ कुछ और घन्टे गिनती में लग जाते हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिये, जबकि वोट डालने की चुनाव प्रक्रिया महीनों चलती है। और यह इसलिए भी जरूरी है कि इससे देश की आमजनता का चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा तथा इस प्रकार के जो अनेकों प्रकार के सन्देह उत्पन्न होते हैं उनपर भी पूर्ण विराम लगेगा, जो देश हित में होगा।
देश में करोड़ों-करोड़ ’बहुजन समाज’ के मसीहा भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को आज उनके परिनिर्वाण दिवस (देहान्त) पर मेरे द्वारा नई दिल्ली निवास स्थान पर तथा उत्तर प्रदेश के 12 मण्डलों के पार्टी के लोगों व बाबा साहेब के अनुयाइयों द्वारा यू.पी. की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के तट पर बी.एस.पी. सरकार द्वारा निर्मित विशाल व भव्य ’डा. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल’ में एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली तथा उत्तराखण्ड राज्य के लोगों द्वारा दिल्ली सीमा पर ज़िला गौतम बुद्ध नगर के नोएडा में बी.एस.पी. सरकार द्वारा स्थापित ’राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डेन’ में भारी संख्या में एकत्र होेकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।
यहाँ नोएडा में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द ने भी बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किये जबकि देश के अन्य राज्यों में बी.एस.पी. के लोगों ने ज़ोन स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करके बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धा-सुमन अर्पित किया, जिसके लिए पार्टी प्रमुख ने सभी का व ख़ासकर उत्तर प्रदेश के लोगों का पूरे तहेदिल से शुक्रिया व आभार प्रकट किया।
साथ ही, कहा कि स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस के साथ-साथ संविधान निर्माता बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की जयंती एवं पुण्यतिथि के ख़ास मौकों पर यह सवाल मन-मस्तिष्क में उठता रहेगा कि संविधान के पवित्र मानवतावादी व कल्याणकारी उद्देश्यों पर आधारित देश के करोड़ों बहुजनों के ’आत्म-सम्मान व स्वाभिमान-युक्त अच्छे दिन’ कब आयेंगेेे।
वैसे भी देश की एकमात्र अम्बेडकरवादी पार्टी होने के नाते बी.एस.पी इस बात को लेकर सचेत, सजग व चिन्तित भी है कि देश के उन करोड़ों शोषित-पीड़ित दलितों, आदिवासियों व अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) आदि समाज के लोगों के लिये थोड़े ’अच्छे दिन’ अब तक क्यों नहीं आये हैं जिनके लिये बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर आजीवन कड़ा संघर्ष करते रहे और अन्ततः उनके हित, कल्याण व उत्थान हेतु संविधान में अनेकों अधिकार देकर क़ानून बनवाये। इनको शत्-शत् नमन्।
बहुजन समाज के मसीहा व भारतीय संविधान के निर्माता भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी को आज उनके परिनिर्वाण दिवस
(देहान्त) पर भावभीनी श्रद्धांजलि व श्रद्धा–सुमन अर्पित।
साथ ही बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी के अनुयाइयों से व खासकर नौजवानों से भी अपील है कि वे उनके अधूरे रहे कारवां को मंज़िल तक पहुँचाने के लिए बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीया सुश्री मायावती जी को अपना हर स्तर पर पूरा–पूरा सहयोग दें। जय भीम।
जैसाकि सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश में मेरे (मा. बहनजी के) नेतृत्व में चार बार बनी बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की सरकार के दौरान् ’बहुजन समाज’ में समय-समय पर जन्मे उन महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों में भी ख़ासकर महात्मा ज्योतिबा फुले, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायणा गुरु, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी आदि को विभिन्न रूपों में भरपूर आदर-सम्मान दिया गया है, जिनकी जातिवादी पार्टियों की रही सरकारों में यहाँ हमेशा उपेक्षा की गयी व उनका तिरस्कार भी किया जाता रहा है।
देश में करोड़ों लोगों की भलाई के लिये ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ का संदेश देने वाले तथा उसके लिये आजीवन त्याग व संघर्ष करने वाले इन महापुरुषों के नाम पर बी.एस.पी. सरकार द्वारा जनहित व जनकल्याण की अनेकों बड़ी-बड़ी योजनायें शुरू की गयीं तथा इनके नाम पर यूपी की राजधानी लखनऊ में व राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नज़दीक यूपी के ज़िला गौतम बुद्ध नगर में बनाये गये भव्य स्थल, स्मारक व पार्क आदि, जो अब इनके अनुयाइयों के लिये तीर्थस्थल का रूप धारण कर चुके हैं और जिनकी भारी भीड़ ख़ासकर इन महापुरूषों की जयंती व पुण्यतिथि के मौकों पर यहाँ देखने को मिलती है।
लेकिन इस दौरान् अनुभव यही रहा है कि मेरे जाने पर मेरी सुरक्षा प्रबंध के नाम पर जो सरकारी व्यवस्था की जाती है, जो अत्यन्त ज़रूरी भी है, उससे लोगों को काफी परेशानी/दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तथा वहाँ मेरे ठहरने तक उन्हें मुख्य स्थल से काफी दूर ही रोक दिया जाता है, जिसकी वजह से अब मैंने उन स्थलों पर स्वंय ना जाकर अपने निवास स्थान पर या पार्टी कार्यालय में ही इन सभी महापुरुषों की जयंती व पुण्यतिथि आदि पर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करने का यह फैसला लिया है।
इस क्रम में परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर, पश्चिमी यूपी को छोेड़कर, उत्तर प्रदेश में पार्टी के लोग व उनके अनुयायी मेरे निर्देशानुसार आगामी 6 दिसम्बर को लखनऊ के विशाल एवं भव्य ’डा. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल’ में तथा पश्चिमी यूपी, दिल्ली व उत्तराखण्ड स्टेट के लोग नोएडा में स्थित ’राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल’ में अपने परिवार सहित भारी संख्या में पहुँचकर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे तथा उनके जीवन संघर्ष से प्रेरणा लेकर उनके कारवाँ को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लेंगे ताकि बी.एस.पी. के नेतृत्व में उनके आत्म-सम्मान व स्वाभिमान का मूवमेन्ट सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करके मंज़िल की ओर आगे बढ़ सके। धन्यवाद।
संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसके हर सत्र की तरह इस बार भी काफी हंगामेदार होने की संभावना व्यक्त की जा रही है, किन्तु हमारी पार्टी चाहती है कि संसद के दोनों सत्र सुव्यवस्थित व शान्तिपूर्ण तरीक़े से संचालित हों, ताकि देश व जनहित के ज़रूरी और अहम मुद्दों में भी ख़ासकर राजधानी दिल्ली आदि में वायु प्रदूषण के कारण आ रही भारी परेशानी तथा वोटर लिस्ट के सघन रिवीज़न अर्थात् एस.आई.आर. को लेकर व्यावहारिक तौर पर हो रही परेशानियों एवं आपत्तियों व इस कार्य के मुख्य कर्ताधर्ता बीएलओ की दिक्कतों तथा उनके द्वारा की जा रही ख़ुदकुशी आदि की दुखद घटनाओं पर सही से चर्चा हो सके और इनका उचित समाधान निकलने की दिशा में सार्थक प्रयास हो सके।
केवल आरोप-प्रत्यारोप लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यापक देश व जनहित साधने हेतु संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिये सत्ता और विपक्ष दोनों को राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर पूरी तरह से संवेदनशील एवं गंभीर होने की ज़रूरत है, यही आग्रह।
आज देश ‘‘संविधान दिवस‘‘ मना रहा है और इस खास मौके पर भारतीय संविधान के मूल निर्माता व बहुजन समाज के मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी को मैं पूरे तहेदिल से शत्-शत् नमन करती हूँ और साथ ही ये भी उम्मीद् करती हूँ कि केन्द्र व राज्य सरकारें “संविधान दिवस” मनाने के साथ-साथ संविधान के समतामूलक, मानवतावादी व कल्याणकारी उद्देश्यों पर ईमानदारी एंव निष्ठा से अमल करके जनता की अपेक्षाओं को जरूर पूरा करेंगी, यही समय की मांग है। जय भीम, जय भारत व जय संविधान
अपनी अभिभावक मातृत्व स्नेह वाली नेता के सामने ऐसे एक बालक या विद्यार्थी की तरह मुस्कुराते हुए बैठे की तस्वीर में असामान्य ढूँढना ही जातिय द्वेष है. और इसकी तुलना अपने पूर्वजों के जातिय दमन से करना जातिय समझ की शून्यता को दिखाता है.
बिहार विधानसभा के अभी हाल ही में सम्पन्न हुये आमचुनाव में कैमूर ज़िले की रामगढ़ विधानसभा सीट (संख्या 203) पर बी.एस.पी. के उम्मीदवार श्री सतीश कुमार सिंह यादव को जीत दिलाने के लिये पार्टी के सभी लोगों को बधाई तथा उनका पूरे तहेदिल से आभार प्रकट।
हालाँकि वोटों की गिनती बार-बार कराने के बहाने से वहाँ के प्रशासन व एकजुट होकर सभी विरोधी पार्टियों द्व़ारा बी.एस.पी. उम्मीदवार को हराने का पूरा-पूरा प्रयास किया गया, किन्तु पार्टी के बहादुर कार्यकर्ताओं का पूरे समय तक डटे रहने से विरोधियों का यह षडयंत्र सफल नहीं हो सका।
इतना ही नहीं बल्कि बिहार के इस क्षेत्र की अन्य सीटों पर भी विरोधियों को काँटे की टक्कर देने के बावजूद बी.एस.पी. उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सके, जबकि फीडबैक के अनुसार अगर चुनाव पूरी तरह से फ्री एण्ड फेयर होता तो बी.एस.पी. और भी कई सीटें ज़रूर जीतती, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, जिससे पार्टी के लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है बल्कि आगे और भी अधिक तैयारी के साथ काम करते रहने की ज़रूरत है।
अन्त में, बिहार विधानसभा के इस चुनाव में अपने ख़ून-पसीने व पूरी लगन से चुनाव लड़ने के लिये बी.एस.पी. के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं एवं शुभचिन्तकों आदि का तहेदिल से आभार प्रकट तथा आगे बिहार में पूरे जी-जान से लगे रहने का आह्वान ताकि बिहार, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी के सपनों की, ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की धरती बन सके।
@BiharBsp
बिहार में भाजपा की तमाम कोशिशो के बीच के मा. सतीश उर्फ़ #पिंटू_यादव चुनाव जीते, #बहुत_बहुत बधाई यह जीत बहुजन बिहार की बिहार के कैमूर की कैमूर के रामगढ़ की आवाम के नाम
माननीय @ramjigautambsp जी के संघर्ष को सलाम