जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से लापता हुए छात्र नजीब अहमद की गुमशुदगी को लगभग 10 साल पूरे हो रहे हैं, लेकिन "नजीब कहाँ है?" यह सवाल आज भी हमारी व्यवस्था के मुंह पर एक तमाचे की तरह दर्ज है~ पत्रकार पूजा माथुर
दिल्ली
मोनिस खान की हत्या के बाद वीडियो सामने आया जिन हत्यारो को दिल्ली पुलिस नाबालिग बता रहीं है, वो नाबालिग नहीं है
वो हिन्दू है इसलिए दिल्ली पुलिस उन्हें बचा रही है
मोनिस खान की हत्या एक सोची समझी साजिश है
दिल्ली में यह दो मुस्लिम बच्चे जो की नाबालिग हैं, कनॉट प्लेस पर टहल रहे थे।
मेरे सामने पुलिस ने बेवजह इन बच्चों को पकड़ लिया। मैं पीछे भागती रही और पूछती रही कि नाबालिग बच्चे हैं, पुलिस वाले ने जवाब नहीं दिया और बाद में इन बच्चों को यह कहकर नहीं छोड़ा कि यह सेना को गाली दे रहे थे जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था।
छात्रों, वकीलों और पत्रकारों के ID कार्ड देखे जा रहे हैं, उन्हें डिटेन किया जा रहा है
लेकिन ये डंडों से भरी कार खुलेआम जंतर-मंतर के आसपास घूम रही है
जब पत्रकारों ने सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने कार को सुरक्षित भगाने में मदद कर दी
दिल्ली CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने जा रहे लोगों को मध्य प्रदेश के इटारसी में पुलिस ने ट्रेन से उतार दिया और डिटेन कर लिया;
एक प्रदर्शन को रोकने के लिए इस हद तक जाना पड़ रहा है सिस्टम को??
ये रही पूरी स्पीच...
उमर खालिद को 2026 के Award for Human Rights Defenders at Risk से सम्मानित किया गया है।
छह साल से अधिक समय से जेल में बंद उमर इस सम्मान समारोह में शामिल नहीं हो सके। डबलिन में उनके पिता ने उनकी कैद का मुद्दा उठाया।
सम्मान विदेश में मिला, लेकिन अपने देश में उनकी आज़ादी और न्याय की प्रक्रिया पर सवाल अब भी कायम हैं।
डॉ. उमर खालिद को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार रक्षक पुरस्कार मिला।
डॉ. उमर खालिद, जो 2020 के दिल्ली दंगों की कथित साजिश के मामले में छह साल से अधिक समय से जेल में हैं, ने गुरुवार को 2026 का ‘ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स एट रिस्क’ अवॉर्ड जीता।
यह पुरस्कार आयरलैंड स्थित मानवाधिकार संगठन फ्रंट लाइन डिफेंडर्स द्वारा दिया जाता है। यह पुरस्कार डबलिन में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें डॉ. उमर खालिद जेल में होने के कारण शामिल नहीं हो सके।
UP में 'वोट चोरी' पर नया खुलासा !
चुनाव आयोग के सॉफ़्टवेयर ने 85,854 फ़ॉर्म auto generate कर दिए
ये बिना कोई वजह बताए वोटरों को डिलीट करने के लिए थे - द रिपोर्टर्स कलेक्टिव की रिपोर्ट
जेएनयू के पूर्व छात्र नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता उमर खालिद को 2026 का 'फ्रंट लाइन डिफेंडर्स अवॉर्ड फॉर ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स एट रिस्क' दिया गया है। आयरलैंड स्थित संगठन फ्रंट लाइन डिफेंडर्स ने गुरुवार को डबलिन के ट्रिनिटी कॉलेज में आयोजित समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया।
चूंकि उमर खालिद सितंबर 2020 से तिहाड़ जेल में बिना मुकदमा चलाए बंद हैं, इसलिए वे समारोह में शामिल नहीं हो सके। उनके पिता डॉ. इलियास ने उनकी ओर से पुरस्कार स्वीकार किया।
क्या देश में आपातकाल लग चुका है? अगर नहीं तो फिर पुलिस की यह ‘ड्यूटी’ क्यों लगाई गई है? कि वह एलान करके लोगों को विरोध प्रदर्शन में जाने से रोक रही है? दूसरा सवाल यह कि कानून की वो कौनसी धारा है जिसके तहत यह पुलिसकर्मी मस्जिद में जाकर मस्जिद के माइक से एलान कर रहा है?
@WasimAkramTyagi@dgpup@Uppolice Hamare Ram Lalla ka Mandir Loota tab ye Sare Sanghi Dalal Desh k GADDAR kaha chhupe the?
Ye Sanghi Dalal Desh k GADDAR Angrejo ki Najayaj Aulad hai
Kya Ye Sanghi Dalalo ne kabhi kisi Mahila Atyachar, Garib pe Atyachar aur Desh ki Loot pe Virodh kiya???
दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट के दौरान कांग्रेस एक्टिविस्ट गुरमेहर कौर की पुलिस के साथ खींचतान हुई. इसमें उनके कपड़े भी फट गए.
Full Video: https://t.co/3Djq2adMkC
जिस पुलिसकर्मी पर पत्रकारों के यौन उत्पीड़न के आरोप, उसे मिला प्रमोशन
◆ ACP विवेक भगत को एडिशनल DCP के पद पर प्रमोट किया गया है
◆ विवेक भगत पर कथित तौर पर तीन महिला पत्रकारों से यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए गए हैं
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