Hindus and Muslims in Rajasthan's border villages jointly protested mosque demolitions, demanding due process and resisting what they called the selective targeting of Muslim religious sites.
@ghazalaahmad5 reports:
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राजस्थान के सीमावर्ती जिलों बाड़मेर और जैसलमेर में इन दिनों सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है, जहां मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों को ढहाए जाने के खिलाफ हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग एक साथ मिलकर सड़कों पर उतरे हैं.
प्रशासन 'ऑपरेशन स्वीप' के तहत इसे अवैध अतिक्रमण हटाने की सुरक्षा कार्रवाई बता रहा है, जिसके दायरे में सीमा से सटे चार जिलों की करीब 350 मस्जिदें आई हैं.
दूसरी तरफ, स्थानीय लोगों और नागरिक अधिकार संगठनों का आरोप है कि नियमों के नाम पर केवल एक समुदाय के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है. इस कार्रवाई के विरोध में बाड़मेर के बडबीर और पादरिया जैसे गाँवों सहित जैसलमेर के कई हिस्सों में 'सर्व धर्म शांति सभा' के बैनर तले बड़े शांति मार्च निकाले गए और प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए.
इस पूरे आंदोलन की कमान स्थानीय हिंदू नेताओं और ग्रामीणों ने भी मजबूती से संभाल रखी है. दो बार के सरपंच सुरताराम मेघवाल ने इस मुहिम की अगुवाई करते हुए प्रशासन की मंशा पर सीधे सवाल खड़े किए हैं कि आखिर बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए सिर्फ मस्जिदों पर ही बुलडोज़र क्यों चल रहा है, और यदि जांच होनी ही है तो उसी पैमाने पर मंदिरों की भी जांच की जानी चाहिए.
प्रदर्शन में शामिल उदाराम मेघवाल और गोविंद भार्गव जैसे ग्रामीणों का कहना है कि ये मज़ारें और धार्मिक स्थल दशकों पुराने हैं, जहां पीढ़ियों से दोनों धर्मों के लोग मिलकर इबादत और प्रार्थना करते आए हैं.
उनका मानना है कि यह लड़ाई किसी एक धर्म की नहीं, बल्कि उनके गांवों के उस ताने-बाने और साझा संस्कृति को बचाने की है जिसे वे बरसों से जीते आ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर भी इस जमीनी एकजुटता की जमकर तारीफ हो रही है, जहां कानूनविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह आंदोलन नफरत की राजनीति के खिलाफ आम जनता के आपसी भाईचारे की एक बेहद मजबूत और सच्ची तस्वीर पेश करता है.
अंडा से इतनी दुश्मनी मत कीजिए, ऑमलेट पसंद नहीं तो बॉयल खाइये। बंगाल में भी खाइये. बिहार में भी खाइये। बच्चों को खिलाइये, ख़ुद भी खाइये। जो खाते हैं उनको खाने दीजिए, जो नहीं खाते हैं उन्हें मत दीजिए। लेकिन जो मन करता है वही कीजिए। अंडा क्या दाल भी बंद कर दीजिए, भात भी बंद कर दीजिए। बंद करते करते खुद को कमरे में बंद कर लीजिए।
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम ज़िले में साल 2022 में हुए एक मॉब लिंचिंग मामले में बड़ा फैसला सुनाने वाली एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज तबस्सुम खान को निशाना बनाया जा रहा है.
सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ सांप्रदायिक टिप्पणियां और ऑनलाइन धमकियां मिलने के बाद सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
12 जून को सुनाए गए अपने फैसले में जज तबस्सुम खान ने 14 कथित गो-रक्षकों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. अदालत ने इस हमले को 'अत्यंत क्रूर' करार देते हुए कहा था कि आरोपियों ने पीड़ित पर जानलेवा हमला करने के इरादे से एक गैर-कानूनी भीड़ (unlawful assembly) जुटाई थी.
"हम मरने के लिए बने हैं.. कभी गड्ढे में गिर कर मरते हैं, कभी पेपर लीक के बाद आत्महत्या करते हैं, कभी लाइब्रेरी में जलकर मरते हैं.. तुम सब सिर्फ हिंदू मुसलमान करने और भाषण देने के लिए हो?"
दिल दुख गया ये सुनकर,पर सवाल है क्या ये सब याद रहेगा जब वोट डालेंगे
SIO National Secretary Talha Mannan and SIO Delhi State Secretary Omair Afzal, along with other student activists, visited the protest site at Jantar Mantar today to express solidarity with the students protesting against the NEET paper leak.
#NEETPaperLeak#NEETScam
यूपी: संभल में जिस मस्जिद को अवैध बताकर ध्वस्त किया गया था, अब उसके जिम्मेदार का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि मस्जिद 100 वर्ष से अधिक पुरानी थी और उसे बिना कोई पूर्व नोटिस दिए तोड़ दिया गया।
उन्होंने मस्जिद में मिले 'I Love Muhammad' स्टिकर और इस्लामिक झंडे को लेकर भी दावा किया कि 'I Love Muhammad' वाले पोस्टर पुलिस ने स्वयं रखे थे, जबकि झंडा पहले से मस्जिद में मौजूद था।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इस्लामिक झंडा मस्जिद में नहीं होगा, तो फिर कहां होगा?
मुहर्रम जुलूस का 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' वाला वीडियो निकला फ़र्ज़ी, मुसलमानों को बदनाम करने की साजिश में दो गिरफ्तार
बरेली के हाफिजगंज क्षेत्र में मुहर्रम जुलूस के दौरान 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए जाने का दावा करने वाला वायरल वीडियो पुलिस जांच में कथित तौर पर फर्जी और सुनियोजित पाया गया है. पुलिस के अनुसार, दो हिंदुत्ववादी युवकों ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से एक नाबालिग से नारे लगवाकर उसका वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया, ताकि मुसलमानों को झूठा फंसाया जा सके और उनके खिलाफ नफरत फैलाई जा सके. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है और कहा है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
Students not being allowed to appear for exam for arriving late by a few minutes.
But Dharmendra Pradhan can continue as education minister despite the death of more than 16 students because of paper-leak
Muslims arranged Langar for students protesting at Jantar Mantar where Govt blocked Water & Electricity
Imagine Muslims standing in support of 18 Hindu students who died due to paper leak
While the Hindutva Organisation remains silent or tries to disrupt the protest
'Being a Muslim isn't easy in India' 💔
At Mannat Showroom, owner Rafat Hussain was allegedly targeted by four Hindutva women because of his Muslim identity. An FIR was later registered against Rafat Hussain.
So sarkaari RSS Muslims blocking roads and doing Yoga is not causing any inconvenience
But common muslims offering Namaz on roads is a problem
Peak Hypocrisy