अशोक गहलोत खुद को मारवाड़ का गांधी कहलवाते है, लेकिन गांधी जी का सपना ही "ग्राम स्वराज" था!!
अशोक गहलोत 3 बार मुख्यमंत्री रहे हैं, जोधपुर उनका गृह क्षेत्र है, जोधपुर शहर का केमिकल जहर गांवों में जा रहा है, जानवरों की मौत और ग्रामीणों की बीमारियां सबके सामने है।
पिछले 2 साल से बड़े बड़े आंदोलन हुए हैं, सुप्रीम कोर्ट तक ने संज्ञान लिया है लेकिन...लेकिन अशोक गहलोत ने एकबार भी आवाज नहीं उठाई है, एक ट्वीट तक नहीं किया है।
जनता जानना चाहती है कि खुद को मारवाड़ का गांधी कहलवाने वाले अशोक गहलोत का इन फैक्ट्रियों में कोई हिस्सा है या अशोक गहलोत अब भी व्यापारी वर्ग की कठपुतली बनकर जान बूझकर ही कांग्रेस को ग्रामीण वर्ग में कमजोर करने में लगे हुए हैं?
सनद रहे अशोक गहलोत जी के आने आने के बाद मारवाड़ में कांग्रेस गर्त में जाती रही है और हर बार कमबैक करने के बाद 5 साल गहलोत मुख्यमंत्री रहने के बाद फिर से चुनाव में गहलोत जी के चेहरे पर कांग्रेस जोधपुर समेत पूरे मारवाड़ में ही बुरी तरह से हारती रही है, क्या ये मारवाड़ के गांधी सिर्फ मीडिया में ही है, धरातल पर इसी तरह की समस्याओं से परेशान होकर, पेपर लीक माफियाओं से परेशान होकर मारवाड़ की जनता अशोक गहलोत जी के खिलाफ ((गहलोत VS 36 कौम)) करके चुनाव हरवा देती है??
@ashokgehlot51@Barmer_Harish@MlaSanchore
एक अकेला 70 वर्ष का आदमी अपनी पुस्तैनी जमीन बचाने के लिए लड़ रहा है।
आज यही अमीर होता तो हजारों लोग खड़े होते
RLP वालो आप अपना धर्म निभावों क्योंकि जिसके साथ कोई नहीं उसके साथ RLP वाले।
हनुमान जी बेनीवाल तक भी ये बात पहुंचाने का कष्ट करे।
प्लीज शेयर करो।
इनको कोई जानता है वो इनसे कॉन्टेक्ट जरूर करे, हो सके तो RLP के किसी साथी को मोबाइल नंबर देवे
@hanumanbeniwal
This is Ambaram Meghwal. He has been protesting in Barmer, Rajasthan for the last 54 days. Some Rajputs grabbed his land using fake documents. He doesn't even have a proper place to sit in protest. The Sarpanch and many villagers are backing the people he has accused.
भाजपा सरकार का 'भर्ती कैलेंडर' महज एक कागजी छलावा और प्रदेश के लाखों युवाओं के साथ किया गया एक क्रूर मजाक साबित हुआ है।
एक तरफ सरकार बड़े-बड़े विज्ञापनों के जरिए समय पर भर्तियां कराने का दंभ भरती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि समान पात्रता परीक्षा (CET) के आयोजन में विफलता के कारण आज प्रदेश के 20 लाख से अधिक बेरोजगार युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। पिछली पात्रता की अवधि समाप्त हो चुकी है और नई परीक्षा का कोई अता-पता नहीं है, जिसके चलते कांस्टेबल और ग्राम विकास अधिकारी जैसी 23 महत्वपूर्ण नई भर्तियां अब सीधे एक साल के लिए अटक गई हैं।
नियमों में बदलाव और 'मंथन' के नाम पर राज्य सरकार की सुस्ती ने चयन बोर्ड को पंगु बना दिया है, जिससे युवाओं के सामने ओवरएज होने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हमारी सरकार ने हमेशा युवाओं को संबल देने का काम किया था, लेकिन वर्तमान सरकार की प्रशासनिक अक्षमता और दिशाहीनता ने राजस्थान के प्रतिभावान युवाओं को सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर कर दिया है।
मुख्यमंत्री जी को विज्ञापनों की दुनिया से बाहर आकर यह जवाब देना चाहिए कि जब चयन बोर्ड के पास परीक्षा के निर्देश तक नहीं हैं, तो फिर ये खोखले कैलेंडर जारी करने का ढोंग क्यों किया जा रहा है? युवाओं के सब्र का और इम्तिहान न लें, तुरंत नोटिफिकेशन जारी कर रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया को शुरू करें।
जम्मू की एक होनहार बेटी श्वेता सिंह अपने दिल में दंत चिकित्सक बनने का सपना, उम्मीदों का आलम और भविष्य की चमक आंखों में बसाए उदयपुर आई थी। मगर महाविद्यालय के सिस्टम में बैठे दरिंदे नैनी जैन और भगवत सिंह की प्रताड़ना ने उसकी मासूमियत को, उसके सपनों को, क्रूरता की अंधेरी खाई में धकेल दिया गया। उसको आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया ।
यह सिर्फ एक छात्रा की कहानी नहीं, यह हमारी संवेदनशीलता और इंसानियत पर सवाल है।
उस मासूम की आवाज सुसाइड नोट के पन्नों में दफन नहीं होगी—वह गूंजेगी, ललकारेगी, तब तक, जब तक उसे पूरा इंसाफ नहीं मिल जाता।
उसकी चीखें, उसके सपने, हमारी अंतरात्मा को झकझोर रही हैं। यह न्याय की लड़ाई है, इंसानियत की लड़ाई है—और हम इसे अधूरा नहीं छोड़ेंगे!
प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग है कि नैनी जैन और भगवत सिंह की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त पूछताछ हो एवं उस कॉलेज की भूमिका की उच्च स्तरीय व स्वतंत्र जांच हो, जिसने ऐसे अपराधियों को बचाने की साजिश रची।
@PMOIndia@narendramodi@BhajanlalBjp@RajCMO@PoliceRajasthan@RajPoliceHelp@UdaipurPolice@UdaipurDm
#NirmalChoudhary
🚨 Husband cannot use bankruptcy as an excuse for not paying maintenance; wife, kids will get priority over claims of creditors: Supreme Court of India.
थोड़े से जमीन विवाद में कक्षा 12वीं के एक उज्जवल भविष्य वाले बालक का सर धड़ से अलग कर दिया गया। गांव को ग्लोरिफाई करने वाले इस नीचता को बिल्कुल इग्नोर कर देते हैं। गांवों में कुंठा, ईर्ष्या से लोग भरे बैठे होते हैं आप उनसे मतलब न रखकर एक सामान्य जीवन जी लें ऐसा संभव ही नहीं हैं।
समाज के कभी IAS, RAS, कभी IPS, RPS तो कभी डॉक्टर , मास्टर तक राजनीति के शिकार हो जाते हैं और उनकी कोई आवाज उठाने तक ना खड़ा होता,,,,
अभी शिप्रा पथ थाने में समाज के 4 पुलिसकर्मी राजनीति के शिकार हो गए, लेकिन दुःख की बात है, कोई भी सामाजिक संगठन या राजनेता उनके साथ नहीं खड़ा हुआ है,,
मैं एक ऐसा सामाजिक संगठन खड़ा करना चाहता हूँ जिसकी एक आवाज पर सरकार से लेकर प्रशासन तक हरकत में आ जाए, जो संगठन अपने समाज के अधिकारी, कर्मचारी और लोगों के हकों के लिए लड़ सके!!
इस संगठन में IAS, IPS से लेकर हर विभाग के बुद्धिजीवी से लेकर जमीन पर पकड़ रखने वाले व्यक्ति होंगे 👊
आओ सब एकजुट होकर समाज के लिए साथ में एक कदम बढ़ाते हैं!
जल्द ही संगठन की पूरी रूपरेखा और नाम तय करेंगे, आप सभी अपना साथ और समर्थन दो 💪🏻
आप जो साथ मिलकर समाज के लिए कुछ कुछ करना चाहते हैं कंमेंट् या DM में अपना समर्थन जरूर दें ✊
अगर विनेश कुश्ती के मैदान में ही नही जाती उसके बाद भी देश को सिल्वर मेडल तो मिल ही जाता।विनेश के मेडल से हमारे अपनों को तो दिक़्क़त नहीं थी ? विनेश के अयोग्य घोषित होते ही प्रधानमंत्री जी सांत्वना का ट्वीट कर देते है।जो प्रधानमंत्री रुस और यूक्रेन का युद्ध रुकवा सकते है वह विनेश को इंसाफ़ क्यों नहीं दिला सकते।देश की बेटी के खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है - @rssurjewala
विनेश फोगाट भारत की वो शेरनी जिसने आज बैक टू बैक मैच में
4 बार की World Champion और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन को हराया
उसके बाद क्वार्टरफाइनल में पूर्व World Champion को हराया
मगर एक बात बताऊं,
ये लड़की अपने देश में लातों से कुचली गई थी
ये लड़की अपने देश में सड़कों पर घसीटी गई थी
ये लड़की दुनिया जीतने वाली है मगर इस देश में सिस्टम से हार गई थी 😢
राजस्थान से भी कोई भाई-बहन पेरिस ओलंपिक में गया है क्या?
8.36 करोड़ की आबादी में से मेडल की उम्मीद है क्या किसी से?
अब तक राजस्थान के कितने खिलाडी ओलंपिक मेडल जीत चुके हैं?
ये राज्य की सरकारों के लिए शर्म की बात है अगर उनके राज्य से एक भी ओलंपिक मेडल नहीं जीता जा रहा है!