तुम चले तो आंधियाँ-तूफान खुद ही चल पड़ेंगे
सागरों की बात क्या, हिमगिरि सरीखे ढल पड़ेंगे
ये ना सोचना निशाएँ पथ तुम्हारा रोक लेंगी
तुम चले तो दीप क्या, सूरज हजारों जल पड़ेंगे
#fight_for_dignity@bankofbaroda@PMOIndia@RBI
@mohitbehlTOI
SAY NO TO INHUMAN BEHAVIOUR