लखनऊ के ईको गार्डन में पंचायत सहायक भाई-बहन अपनी मांगों को लेकर 8 दिन तक बैठे रहे, लेकिन उन्हें क्या मिला?
₹3,000 देकर और जबरन वहाँ से हटा दिया गया। मैं पंचायत सहायक भाइयों-बहनों से कहना चाहता हूँ कि घबराने की जरूरत नहीं है। उनकी कुशल मजदूरी और सम्मानजनक मानदेय की मांग को पूरा कराने के लिए आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) 100% उनके साथ खड़ी है। मैंने इन भाइयों-बहनों को बेहद कठिन परिस्थितियों में अपने हक़ के लिए आंदोलन करते हुए देखा है।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) उनके संघर्ष में उनके साथ है और उनके हक़ की इस लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएगी।
@BhimArmyChief@psunionup
आज हजारों की संख्या में लखनऊ पहुंचे युवा
प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन संशोधन और ग्रामीण के पद ऐड कराने की मांग को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग पहुंचे युवा....
₹9,000 पर मानें या मजबूर? धरने से लौटते पंचायत सहायकों की 2027 को लेकर स्पष्ट बात
जो सरकार हमारे काम व जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक वेतन की घोषणा करेगी, 2027 में पंचायत सहायकों और उनके परिवारों का समर्थन उसी के साथ होगा।
#पंचायत_सहायको_की_मांगे_पूरी_करो@yadavakhilesh
लखनऊ इको गार्डन में धरना को लेकर पंचायत सहायकों की सुनवाई नहीं हो रही है यह देखकर पंचायत घरों पर ताला लग गया है लोगों को ब्लॉक और तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं
जितने भी बीजेपी के नेता, विधायक और मंत्री हैं कृपया वो अपने बच्चों को 6000 रुपए में पंचायत सहायक बनाकर गांव में नौकरी कराके दिखाओ... सभी पंचायत सहायक अपनी नौकरी छोड़ देंगे!
: @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP