15 सितंबर 2022 को राजस्थान के हल्ला बोल महारैली में जयपुर पधारे लाखों युवाओं, बुजुर्गों एवं माताओं का विशाल आगाज आज भी आपके स्वाभिमान और संघर्ष की याद दिलाता है, साथ ही जब तक हमारे हक और अधिकारों के पक्ष में वार्ता नहीं हुई, तब तक हम वहीं डटे रहे।
राजस्थान सरकार ने षड्यंत्र कर हमारे 84 वीर क्रांतिकारीयों पर लाठीचार्ज कराई, जेल भेजा साथ ही झूठे मुकदमें भी लगाए। हमारे 84 वीर क्रांतिकारी साथियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपना धैर्य बनाए रखा और डरे नहीं बल्कि सरकार की आंखों में आंखे डालकर वार्ता की जिसमें पांच मांगों पर सहमति बनाई। जो पांचों की पांच मांगे आज पूरी हो चुकी है।
यह सब उन लाखों युवाओं, बुजुर्गों एवं माताओं की ताकत का नतीजा था, जिन्होंने स्वर्णिम इतिहास लिखा और दूसरी तरफ उन लोगो को मुंह तोड़ जवाब दिया, जो हमें कायर और भुजदिल समझते थे।
"जो लोग अपनी कौम का नहीं वो किसी काम का नहीं है" जो अपनी कौम के साथ ही दगा करते हैं वह सर्व समाज की क्या सेवा कर पाएंगे।।
15 सितंबर 2022 को जयपुर में हल्ला बोल महारैली में लाखों की संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले सभी क्रांतिकारियो का मैं चन्द्र प्रकाश सैनी आपका दिल से आभार व्यक्त करता हूं।
#chandraprakashsaini
@fule_jai@BJP4India@BJYM@narendramodi@AmitShah@INCIndia@IYC@RahulGandhi@priyankagandhi@ashokgehlot51@aajtak@zeerajasthan_@1stIndiaNews
राजस्थान के मुखिया जननायक अशोक गहलोत जी के कर्मचारी हितैषी संकल्प की बदौलत आज GPF-2004 नंबर जारी कर दिए गए हैं। OPS की असली बहाली हो चुकी है , राजस्थान से NPS की विदाई हो गई है। सामाजिक सुरक्षा एक बहुत बड़ी सिक्योरिटी है , जिसे एक संवेदनशील राजनैतिक व्यक्तित्व ही समझ सकता है और उसे पूरा करने की इच्छाशक्ति बहुत जरूरी है और उसी इच्छाशक्ति की बदौलत यह पूरी हुई।
राजस्थान के मुखिया जननायक अशोक गहलोत जी के कर्मचारी हितैषी संकल्प की बदौलत आज GPF-2004 नंबर जारी कर दिए गए हैं। OPS की असली बहाली हो चुकी है ,राजस्थान से NPS की विदाई हो गई है। सामाजिक सुरक्षा एक बहुत बड़ी सिक्योरिटी है ,जिसे एक संवेदनशील राजनैतिक व्यक्तित्व ही समझ सकता है...
@RajCMO@ashokgehlot51 भाजपा ने प्रथम नियुक्ति के समय काउंसलिंग नीति लागू कर दशकों से चले आ रहे राजनीतिक हस्तक्षेप समाप्त कर नवनियुक्त युवा कर्मचारियों के सामने पारदर्शी सुशासन का आदर्श प्रस्तुत किया।
क्या आप पारदर्शी तबादला नीति लागू करने का साहस रखते हो या अपने विधायकों के तबादला उद्योग का पोषण करेगे
अनुसूची 5 के तहत वित्त विभाग द्वारा की गई वेतन कटौती मांग नहीं बल्कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा 2017 में कर्मचारियों पर किया गया कुठाराघात है। जुलाई 2013 में @ashokgehlot51 जी के नेतृत्व वाली सरकार ने कर्मचारी हित में वेतन विसंगति दूर करने के लिए एक वेतन वृद्धि का तोहफा दिया था , जिसे जुलाई 2017 में वेतन वृद्धि को निरस्त कर दिया तब से यह मांग नहीं होकर पूर्ववर्ती सरकार द्वारा किए गए अन्यायपूर्ण फैसले का विरोध है। वर्तमान अशोक गहलोत जी की सरकार से इसलिए भी यह मुद्दा समक्ष रखा जा रहा है क्योंकि कर्मचारियों को उन पर पूरा विश्वास है और 2013 में वेतन विसंगति का निवारण उन्हीं के द्वारा किया गया था जिसे 2017 में बदला गया।
वेतन कटौती को निरस्त करने की अपेक्षा इसलिए भी है क्योंकि यह फैसला अवैधानिक, अन्यायपूर्ण व पूर्ववर्ती सरकार का कर्मचारी विरोधी फैसला है , इसलिए जननायक ही इस समस्या का समाधान करेंगे।
@ashokgehlot51@_lokeshsharma@AshokChandnaINC@artizzzz@GovindDotasra@akhilarora93 @DRathore_INC @DeshrajMeenaIN@PParashar60 @AmritaDhawan1 @Sukhjinder_INC@SumitBhagasara @
@ashokgehlot51
आपने आज तक भारत के सबसे बड़े राजपत्रित कैडर व्याख्याता स्कूल शिक्षा की वेतन विसंगति दूर नहीं की जो आपके चुनावी घोषणा पत्र में शामिल था उस वेतन कटौती का क्या हुआ मुख्यमंत्री जी, व्याख्याताओं को कब न्याय प्राप्त होगा
वेतन कटौती निरस्त करके राहत प्रदान करें।