Lecturer(EE Engg), Spirtual Social Worker, Godly Student. If u wnt to Change d World, do one simple thing Change Yourself. My wrk to CARE, SHARE & INSPIRE.
"परमहंस जी की मृत्यु की जांच हो जाए सब पता चल जाएगा.. उनका वेंटीलेटर हटाने वाले यही लोग थे."
संतोष दुबे ने स्वर्गीय परमहंस रामचंद्र दास जी की मृत्यु को लेकर ये बड़ा आरोप लगाया है। उनके मुताबिक परमहंस महाराज की मृत्यु की वजह कोई कार्डियक अरेस्ट नहीं बल्कि राम शिलाओं के गायब होने की गुत्थी और असहनीय वेदना ही थी।
परमहंस महाराज अयोध्या के दिगंबर अखाड़ा के महंत और श्री राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष थे। वे राम मंदिर आंदोलन के सबसे प्रमुख अगुआ और 'सलाखा पुरुष' माने जाते थे। 1949 में रामलला के प्रकटीकरण से लेकर कानूनी लड़ाई और कारसेवा के नेतृत्व तक, उनका पूरा जीवन मंदिर आंदोलन के लिए समर्पित रहा। 2003 में उनका निधन हो गया था।
संतोष दुबे का दावा है कि साल 2002 में देश भर से श्रद्धालुओं द्वारा भेजी गई सोने, चांदी और कीमती पत्थरों की 'राम शिलाएं' ट्रिपल लॉक से गायब हो गई थीं। उनके अनुसार, जब महंत परमहंस रामचंद्र दास ने वहां जाकर निरीक्षण किया था, तो वे शिलाएं वहां नहीं थीं, जिसे देखकर वे बेहद नाराज हुए थे। इसको लेकर वो दिल्ली के सियासी मठाधीशों के समक्ष भी गए थे लेकिन उनको दिल्ली में डांटने तक की कोशिश हुई.
यूं तो अयोध्या को पाप हारिणी भूमि कहते हैं लेकिन इस नगरी में ही महापाप हुआ है। आस्था की अशर्फियों को लूटा गया है. चंदा चोरी के शोर के बाद अब ट्रस्ट के भीतर इस्तीफा, गिरफ्तारी और जांच, सब जारी है। इन सब पर सियासत भी भारी है। लेकिन इस मामले में पूर्व कारसेवक संतोष दुबे का ये दावा कि परमहंस महाराज जी के देहावसान के पीछे भी राम नाम के डकैती की पीड़ा ही थी, बेहद संगीन और गंभीर है।
पूरी बातचीत @WittyChokha के Youtube Channel पर मिलेगी. देखिए और बताइए आप क्या सोच रहे हैं. 👇
https://t.co/5Ni5gZV5KK
"परमहंस जी की मृत्यु की जांच हो जाए सब पता चल जाएगा.. उनका वेंटीलेटर हटाने वाले यही लोग थे."
संतोष दुबे ने स्वर्गीय परमहंस रामचंद्र दास जी की मृत्यु को लेकर ये बड़ा आरोप लगाया है। उनके मुताबिक परमहंस महाराज की मृत्यु की वजह कोई कार्डियक अरेस्ट नहीं बल्कि राम शिलाओं के गायब होने की गुत्थी और असहनीय वेदना ही थी।
परमहंस महाराज अयोध्या के दिगंबर अखाड़ा के महंत और श्री राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष थे। वे राम मंदिर आंदोलन के सबसे प्रमुख अगुआ और 'सलाखा पुरुष' माने जाते थे। 1949 में रामलला के प्रकटीकरण से लेकर कानूनी लड़ाई और कारसेवा के नेतृत्व तक, उनका पूरा जीवन मंदिर आंदोलन के लिए समर्पित रहा। 2003 में उनका निधन हो गया था।
संतोष दुबे का दावा है कि साल 2002 में देश भर से श्रद्धालुओं द्वारा भेजी गई सोने, चांदी और कीमती पत्थरों की 'राम शिलाएं' ट्रिपल लॉक से गायब हो गई थीं। उनके अनुसार, जब महंत परमहंस रामचंद्र दास ने वहां जाकर निरीक्षण किया था, तो वे शिलाएं वहां नहीं थीं, जिसे देखकर वे बेहद नाराज हुए थे। इसको लेकर वो दिल्ली के सियासी मठाधीशों के समक्ष भी गए थे लेकिन उनको दिल्ली में डांटने तक की कोशिश हुई.
यूं तो अयोध्या को पाप हारिणी भूमि कहते हैं लेकिन इस नगरी में ही महापाप हुआ है। आस्था की अशर्फियों को लूटा गया है. चंदा चोरी के शोर के बाद अब ट्रस्ट के भीतर इस्तीफा, गिरफ्तारी और जांच, सब जारी है। इन सब पर सियासत भी भारी है। लेकिन इस मामले में पूर्व कारसेवक संतोष दुबे का ये दावा कि परमहंस महाराज जी के देहावसान के पीछे भी राम नाम के डकैती की पीड़ा ही थी, बेहद संगीन और गंभीर है।
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Super Exclusive-
राम मंदिर SIT के चीफ पर
खुद '420' की एफआईआर!
जांच कैसे निष्पक्ष होगी सरकार?
राम मंदिर SIT के चीफ और लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत पर खुद दर्ज है चीटिंग और फोर्जरी की एफआईआर!
मेरठ CJM कोर्ट ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर CO स्तर के अधिकारी को उनकी जांच के लिए कहा है।
जांच मेरठ क्राइम ब्रांच के CO के पास।
फ्रॉड, फोर्जरी, कमीशन खोरी और फ्लूड लगाकर सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ के गंभीर आरोप।
जो खुद फ्रॉड और फोर्जरी की जांच के दायरे में,
वो कर रहा है राम मंदिर में हुए गबन, फ्रॉड और फोर्जरी की जांच!!!
फिर राम मंदिर की जांच निष्पक्ष कैसे होगी?
जैसा सरकार कहेगी, एकदम वैसे होगी।
पूरी ख़बर @TOPSecret24x7
ऐसा लगता है कि इस देश की हवा में ‘कार्बन’ से ज़्यादा ‘करप्शन’ है!
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पुल को engineering marvel बता रहे थे.
गज़ब का engineering marvel रहा, जिसमें बहुत तेज़ रफ्तार से चलने वाली आंधी के बारे में तो सोचा गया, लेकिन बारिश के बारे में नहीं सोचा गया ! 🤯
@Dev_Fadnavis https://t.co/NKbXm9a2Pb
Your language for common people of India was disgusting....
Ego will melt down' sooner by Supreme Soul be ready for each karma consequences