पंकज धवरैय्या जी को रिहा कर दिया गया है ✊
कल रात जो हुआ, उसने एक बात साफ कर दी—
जब समाज एकजुट होता है, तो आवाज दबाई नहीं जा सकती।
सोशल मीडिया पर हर एक पोस्ट, हर एक शेयर और हर एक आवाज ने मिलकर ये साबित कर दिया कि सच के साथ खड़े लोगों को कोई कमजोर नहीं कर सकता। 🙏
लेकिन ये अंत नहीं है, ये शुरुआत है…
अब हमें और जागरूक रहना है, और मजबूती से अपनी बात रखनी है।
👉 जिस तरह कल सबने साथ दिया, उसी तरह आज भी आवाज बुलंद रखें
👉 सच को हर व्यक्ति तक पहुंचाएं
याद रखो — एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है! ✊🔥
#PankajDhavraiyya #Justice #Ekta #AwazUthao
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आरक्षित वर्ग चाहे आयु की, फीस की, स्थान की या आय आदि में छूट पता है, परंतु यदि वो ३५ वर्ष की आयु में २३ वर्ष की आयु के अनारक्षित व्यक्ति से एक नंबर अधिक लता है, तो उसे अनारक्षित सीट लेने का अधिकार है।
सुप्रीम कोर्ट जी, आप एक बिल लाइए जिसमें यह व्यवस्था हो कि दलित केवल फॉर्म भर दे, और उसे किसी दलित/अंबेडकर/फुले आदि नाम के NGO से एक सर्टिफिकेट मिल जाए कि इस बार ये नौकरी उसे मिले, तो उसे परीक्षा आदि देने की आवश्यकता नहीं।
लोग कहेंगे कि सुप्रीम कोर्ट बिल कैसे ला सकता है! भाई सुप्रीम कोर्ट इस देश में बिल, साँप, स्कोडा, लहसुन सब ला सकता है। वो संसद के कानून पलट देते हैं, तो बनाना क्या चीज है। नौकरियों को जाति-आधारित चुनाव से देना चाहिए।
परीक्षा की तैयारी करना एक मानसिक भार है ऐसे दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित समाज के लोगों पर। उन्हें ना तो जल पीने दिए गया, ना जीने दिया गया, ऐसे में परीक्षा भवन में बुलाना एक अपराध घोषित कर दीजिए। आप सोचिए कि कोई दो साँस हायड्रोजन, एक साँस ऑक्सीजन खींच कर, फेफड़े से पेट में पानी बना रहा हो, उसके इतना विज्ञान जानने के उपरांत भी उसे परीक्षा में बैठना पड़ेगा?
35 वर्ष तक वो तैयारी करता है, क्या इसी आधार पर यह न माना जाए कि उसने पढ़ने लायक सब पढ़ लिया होगा? दूसरी बात, अंबेडकर जी ने 64 मास्टर्स की डिग्री ले ली, क्या यह काफी नहीं है? जब सवर्णों की भूमि ट्रांसफर हो सकती है, तो क्या अंबेडकर जी की डिग्री को पूरे दलित समुदाय का सामूहिक अधिकार न माना जाए?
भाजपा और मोदी जी के इतने बुरे दिन आ गए कि अब भीड़ भी जबरन जुटानी पड़ रही है!
यूजीसी के काले कानून ने ऐसा तूफान खड़ा कर दिया है कि आज हालात ये हो गए हैं कि सरकार को अपनी ही रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए मजबूरी में छात्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बताइए, अगर जनता साथ है तो फिर
स्कूल और कॉलेजों पर दबाव क्यों?
छात्रों को जबरन रैली में क्यों बुलाया जा रहा है?
उत्तर प्रदेश के नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले ही सच्चाई सामने आ गई —
भीड़ अब स्वेच्छा से नहीं, मजबूरी से लाई जा रही है।
सवर्ण समाज, जो कभी वोट भी देता था और भीड़ भी बनता था,
आज वही यूजीसी के काले कानून से आक्रोशित है।
अब हाल ये हो गया है कि—
छात्र कर्मचारी अधिकारी
सभी पर दबाव डालकर भीड़ तैयार की जा रही है।
याद रखिए —
जब जनता खुद आना बंद कर दे और भीड़ “लानी” पड़े,
तो समझ जाइए कि सत्ता की जड़ें हिल चुकी हैं।
सवर्ण समाज अब जाग चुका है
अपने हक और अधिकार के लिए खड़ा हो चुका है
अब डर नहीं, जवाब मिलेगा।
#UGC_काला_कानून
#सवर्ण_समाज
#छात्रों_पर_जुल्म
#जबर्दस्ती_की_भीड़
#NoMorePressure
#YouthAgainstInjustice
Wait till I share stories of Modi's pampering of Christians in Gujarat while he was CM.
This roaring Hindutva lioness is also questioning Modi's credentials!
Modiji ji your end is near and it will be a tragic end!
आपके लिए दो लोग भी रोने वाले नहीं होंगे क्यूँकि आपने अपनी पार्टी के नेतायों को बहुत दहशत में रखा है !
@ajeetbharti भीमष्ट नवबौद्ध महामानव मोगली सवर्णों को कुचल देना चाहते हैं।
जिन सवर्णों ने इन्हें सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाया और अब तक बनाए रखा, उन सवर्णों से बोलने, आंदोलन करने, लिखने तक का अधिकार जबरन छीना जा रहा है।
सुबह यह ख़बर दिखी, क्या भारत के भविष्य की आहट है.?
https://t.co/1E8hIHrZaB
@ajeetbharti मोदी पागल हो चुका है। भाजपा जैसे संगठन ने बीबीसी जैसे वामपंथी और इस्लामिक जिहादियों को खुली छूट दे रखी है देश में झूठी खबरें फैलाने के लिए। लेकिन यही भाजपा और मोदी सामान्य वर्ग के हितों की बात करने वालों को जेल में डाल रहे हैं। साफ दिखता है मोदी क्या चाहता है।
@ajeetbharti बिना किसी कानूनी दस्तावेज या न्यायिक आदेश के की गई गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। वैचारिक मतभेदों के बावजूद, प्रक्रियात्मक शुचिता और नागरिक अधिकारों का संरक्षण अनिवार्य है। सरकारी तंत्र की यह कार्यशैली चिंताजनक है। #CivilRights#JusticeForAll
@ajeetbharti#सवर्ण घर घर प्रचार करने पर विशेष ध्यान दें, अब भाजपा आत्महत्या करना चाहती है तो कोई क्या कर सकता है, विशेष ध्यान रखें कि 2029 में और अब से आने वाले सभी इनकलुडिंग उत्तर प्रदेश भाजपा जीतनी नहीं चाहिए, कोई भी सवर्ण वोट भाजपा को नहीं जाना चाहिए @teampankajdhavraiyya @SawarnOrgRsp
कल रात पंकज धवरैया को दिल्ली पुलिस ने, संभवतः अवैध तरीके से, घर से अरेस्ट कर लिया। पंकज लगातार अनशन, विरोध और प्रदर्शन के माध्यम से सामान्य वर्ग की पीड़ा को ले कर लिख और बोल रहे थे।
सरकार का यूजीसी पर क्या विचार है, वह किसी से छुपा नहीं है: आज तक सरकार ने इस पर कुछ बोला ही नहीं है। ऐसे में चाहे वह आठ मार्च की बात हो, या आज जो हुआ वह, सरकार जीतती नहीं दिख रही।
पंकज की राजनीति क्या है, क्या वह किसी संगठन के लिए काम कर रहे हैं, क्या उनका अपना स्वार्थ है? इन बातों से मुझे कोई लेना-देना नहीं। मेरे लिए यही सुनना विचित्र है कि दिल्ली-NCR में यह अवैध कार्य किया जा रहा है।
अवैध इसलिए है क्योंकि पिछली बार जब मेरे साथ यह (दो बार) हुआ, तो पुलिस ने कभी कोई डाकूमेंट, कोई न्यायिक आदेश, कुछ नहीं दिखाया। यह केवल और केवल सरकारी सनक है।
और यह उचित नहीं है।
"Respected @narendramodi Ji,
Every month #MannKiBaat inspires the nation, but millions of Indian men are silently suffering. False 498A cases, biased family courts that snatch children & dignity, skyrocketing male suicides, no gender-neutral laws, and zero support for men in distress — these are the real "Mann Ki Baat" of Indian men.
We are not against women’s rights, we only demand equality and justice for men too. Please dedicate even 2 minutes in tomorrow’s episode to the crisis facing Indian men. #MenTooHuman #SaveIndianMen #GenderJusticeForAll
Jai Hind🙏🏻 "
हिंदुत्व के नाम पर संघ और आरएसएस की गुलामी करने वाले देशवासियों, देख लो अपने संघ का चरित्र।
अब संघ तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को पेंशन देगा।
अभी भी अगर लग रहा है कि संघ और आरएसएस हिंदुत्ववादी संगठन है, तो आपसे बड़ा मूर्ख कोई नहीं है।
#संघ#RSS#हिंदुत्व#राजनीति#सवाल_पूछो #जागो_देशवासियों