जब सरकार युवाओं से संवाद कर उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप नई “युवा नीति” बनाने जा रही है, तो प्रदेश के 17,000+ CHO की आवाज़ भी इस नीति का हिस्सा क्यों न बने?
हम केवल नौकरी नहीं कर रहे, बल्कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहे हैं।
दिनांक 03.08.2026 को माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी को प्रेषित पत्र के माध्यम से हमारी 4 न्यायोचित मांगें रखी गई हैं—
🔹 CHO का पृथक कैडर गठित कर समायोजन सुनिश्चित हो।
🔹 रिक्त पदों पर पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू हो।
🔹 PBI को मूल वेतन/मानदेय में समाहित किया जाए।
🔹 CHO एवं उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिले।
हम भी उत्तर प्रदेश के युवा हैं।
हमारी सेवा भी उत्तर प्रदेश के भविष्य से जुड़ी है।
अब नई युवा नीति में हमारी आवाज़ भी सुनी जाए।
@myogiadityanath@brajeshpathakup@UPGovt@BJP4India@NitinNabin@JPNadda@myogioffice
#UPYouthPolicy #CHOCadre #CHO #UPNHM #AyushmanArogyaMandir
🚨 एक महिला #CHO ने #DPM के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दी है।
यदि यह मामला सच है, तो यह केवल एक महिला कर्मचारी के सम्मान पर नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य विभाग की विश्वसनीयता पर सवाल है।
अब इस प्रकरण में लीपापोती, दबाव या संरक्षण की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी जांच कराई जाए। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो दोषी को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
महिला सुरक्षा पर भाषण नहीं, कार्रवाई चाहिए। प्रदेश देख रहा है कि कानून बड़ा है या पद।
@myogiadityanath@brajeshpathakup@nhm_up@UPGovt@ayog_u@UMahilaayog@dgpup@DMKheri@Dhs_Lakhimpur
#JusticeForCHOs #WomenSafety #SafeWorkplace #ZeroTolerance #NHM
आने वाली वेब सीरीज़ छोड़ो यार जाने दो में CHOs को गांव-गांव घर घर जाकर लोगों को टीकाकरण के महत्व और उससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक करते हुए सकारात्मक रूप में सरकार के काम को दर्शाया गया है।
@NHMHRY@cmohry@ArtiSinghRao@DiprHaryana
“उत्तर प्रदेश में बढ़ती मातृ मृत्यु दर सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चेतावनी है।गांव की अंतिम पंक्ति तक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाले CHO आज भी स्थायी कैडर से वंचित हैं। @myogiadityanath@myogioffice@brajeshpathakup@AmitGhoshIAS
“उत्तर प्रदेश में बढ़ती मातृ मृत्यु दर सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चेतावनी है।गांव की अंतिम पंक्ति तक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाले CHO आज भी स्थायी कैडर से वंचित हैं। @myogiadityanath@myogioffice@brajeshpathakup@AmitGhoshIAS
देसही देवरिया स्वास्थ्यकर्मी सेवा देने आए हैं या हर विभाग का बोझ उठाने?CHOसे गैर-चिकित्सीय कार्यों का अंबार लगाकर अब बिना मूलभूत सुविधाओं के रात्रि विश्राम का आदेश जारी करना न्यायसंगत नहीं है पहले व्यवस्था फिर आदेश @c_deoria कृपया संज्ञान लें @nhm_up@brajeshpathakup#CHO#NHM