क्रम संख्या 3 मे @RajCMO इस जवाब में स्वीकार कर रही है की कांस्टेबल,पटवारी,VDO का शुरूआती वेतन 20,800(L-5) समान है किन्तु प्रथम पदोन्नति पर कांस्टेबल को L-8 पर लाकर भूला दिया जाता है और पटवारी, VDO को L-10 में पहूँचा दिया जाता है,यह वेतन अंतर अब दूर होना चाहिए🙏
@jpk_11
@PoliceRajasthan का मनोबल बढ़ाइए, वेतन विसंगति हटाइए।
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp से आग्रह है कि पुलिस कांस्टेबलों की प्रथम पदोन्नति पर Pay Level में उचित संशोधन कर लाखों पुलिसकर्मियों को न्याय एवं सम्मान प्रदान करें।
@RajCMO
@PoliceRajasthan कांस्टेबल की प्रथम पदोन्नति में वेतन विसंगति दूर करें।
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp से विनम्र अनुरोध है कि समान कार्य, समान सम्मान के सिद्धांत पर पुलिस जवानों को न्याय दिलाते हुए प्रथम पदोन्नति पर Pay Level संशोधित किया जाए।
@RajCMO@1stIndiaNewsRaj@ZeeNews
सरकार अपने जवाब में स्वीकार कर रही है की कांस्टेबल,पटवारी व कानि सहायक का शुरूआती वेतन 20,800 (L-5) समान है
किन्तु प्रथम पदोन्नति पर कांस्टेबल को L-8 पर लाकर भूला दिया जाता है और पटवारी को L-10 तक पहूँचा दिया जाता है। यह अंतर अब दूर होना चाहिए. @RajCMO
क्रम संख्या 3 में,
सरकार इस जवाब में स्वीकार कर रही है की कांस्टेबल,पटवारी व कानि सहायक का शुरूआती वेतन 20,800 (L-5) समान है
किन्तु प्रथम पदोन्नति पर कांस्टेबल को L-8 पर लाकर भूला दिया जाता है और पटवारी को L-10 तक पहूँचा दिया जाता है। यह अंतर अब दूर होना चाहिए.
@BhajanlalBjp
क्रम संख्या 3 मे @RajCMO इस जवाब में स्वीकार कर रही है की कांस्टेबल,पटवारी,VDO का शुरूआती वेतन 20,800 (L-5) समान है किन्तु प्रथम पदोन्नति पर कांस्टेबल को L-8 पर लाकर भूला दिया जाता है और पटवारी, VDO को L-10 तक पहूँचा दिया जाता है। यह वेतन अंतर अब दूर होना चाहिए
@PoliceRajasthan
सरकार इस जवाब में स्वीकार कर रही है की कांस्टेबल,पटवारी व कानि सहायक का शुरूआती वेतन 20,800 (L-5) समान है
किन्तु प्रथम पदोन्नति पर कांस्टेबल को L-8 पर लाकर भूला दिया जाता है और पटवारी को L-10 तक पहूँचा दिया जाता है। यह अंतर अब दूर होना चाहिए.
राजस्थान पुलिस कांस्टेबलों की वेतन विसंगति दूर करने की उठी मांग।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चिट्ठी भेज कर की गई मांग, प्रथम पदोन्नति पर पे-लेवल संशोधन की मांग🙏
@BhajanlalBjp@RajCMO@PoliceRajasthan
क्रम संख्या 3 मे @RajCMO इस जवाब में स्वीकार कर रही है की कांस्टेबल,पटवारी,VDO का शुरूआती वेतन 20,800(L-5) समान है किन्तु प्रथम पदोन्नति पर कांस्टेबल को L-8 पर लाकर भूला दिया जाता है और पटवारी, VDO को L-10 में पहूँचा दिया जाता है,यह वेतन अंतर अब दूर होना चाहिए🙏
@PoliceRajasthan
रात-दिन, सर्दी-गर्मी और त्योहारों पर हमारी सुरक्षा में मुस्तैद रहने वाले राजस्थान पुलिस के जवानों के साथ यह अन्याय क्यों? 🚨
विधानसभा में पुलिसकर्मियों की 'वेतन विसंगति, 8 घंटे ड्यूटी और पदोन्नति' की जायज मांगों को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए सादुलपुर विधायक श्री #मनोज कुमार जी का बहुत-बहुत आभार। 🙏
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सरकार ने खुद सदन में लिखित में माना है कि प्रथम पदोन्नति के बाद पुलिस कांस्टेबल (L-8) का ग्रेड-पे पटवारी (L-10) से कम रह जाता है। फिर भी सरकार कह रही है कि इस अंतर को दूर करने और 8 घंटे ड्यूटी लागू करने पर कोई विचार नहीं है! क्या जवानों का मनोबल ऐसे ही बढ़ाया जाएगा? हमारी मांग है कि सरकार हठधर्मिता छोड़े और जवानों को उनका हक दे!
@BhajanlalBjp@RajCMO@JawaharBedam@TikaRamJullyINC@ashokgehlot51
#RajasthanPolice #JusticeForRajasthanPolice #PoliceDemands #GradePay #Rajasthan
खाकी का समर्पण और वेतन का संघर्ष: न्याय की प्रतीक्षा में राजस्थान पुलिस 🚨
राजस्थान पुलिस के जवान दिन-रात, सर्दी-गर्मी या त्योहार की परवाह किए बिना आमजन की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं। उनके भीतर कर्तव्य के प्रति जो तेजस्व और समाज के लिए जो सौहार्द की भावना है, वह अतुलनीय है। जब पूरा प्रदेश सोता है, तब खाकी जागती है। लेकिन इस अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा के बदले में, जब उनके अधिकारों और उचित वेतन की बात आती है, तो वर्तमान व्यवस्था उनके मनोबल को ठेस पहुंचाती है।
हाल ही में सामने आई #firstindianews खबर के अनुसार, राजस्थान पुलिस कांस्टेबलों की वेतन विसंगति का मुद्दा अब एक गंभीर रूप ले चुका है। यह केवल एक आर्थिक मांग नहीं है, बल्कि जवानों के आत्मसम्मान और न्याय की पुकार है।
🔴 वेतन विसंगति की वास्तविकता:
#नागरिक_सुरक्षा_समन्वय_समिति के अध्यक्ष #जय_प्रकाश_कुमावत द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी को लिखे गए पत्र ने इस जमीनी हकीकत को स्पष्ट रूप से उजागर किया है। विधानसभा में दिए गए एक जवाब का हवाला देते हुए जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं:
▪️ समान शुरुआत: पुलिस कांस्टेबल के साथ-साथ पटवारी, ग्राम सेवक (VDO) और कृषि पर्यवेक्षक—इन सभी का प्रारंभिक वेतन पे-लेवल L-5 (₹20,800) के तहत बिल्कुल समान है।
▪️ पदोन्नति में भेदभाव: असली अन्याय प्रथम पदोन्नति पर होता है। जहां पटवारी, ग्राम सेवक और कृषि पर्यवेक्षक अपनी पहली पदोन्नति पर सीधे पे-लेवल L-10 तक पहुंच जाते हैं, वहीं दिन-रात पसीना बहाने वाला और अपनी जान जोखिम में डालने वाला पुलिस कांस्टेबल मात्र L-8 तक ही सीमित रह जाता है।
▪️ सरकार का रुख: सबसे निराशाजनक पहलू यह है कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में इस वेतन अंतर को समाप्त करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
⚖️ मनोबल, कर्तव्यनिष्ठा और भ्रष्टाचार पर रोक:
यह स्थिति न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के भी खिलाफ है। जैसा कि कुमावत जी ने लिखा है— "जब प्रारंभिक वेतन समान, तो प्रथम पदोन्नति पर इतना बड़ा वेतन अंतर न्यायसंगत नहीं।"
पुलिस की नौकरी कोई साधारण 9 से 5 की ड्यूटी नहीं है। यहाँ काम के घंटे तय नहीं होते, जान का जोखिम होता है, और परिवार से ज्यादा तवज्जो ड्यूटी को देनी पड़ती है। ऐसे में, पदोन्नति पर वेतन में इतना बड़ा अंतर जवानों के भीतर कुंठा पैदा करता है।
यदि इन जवानों का मनोबल मजबूत होगा और उन्हें उनका वाजिब हक मिलेगा, तो इसका सीधा और सकारात्मक असर पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर पड़ेगा। वेतन विसंगति दूर होने से न केवल विभाग में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार जैसी प्रवृत्तियों में भारी कमी आएगी, बल्कि जवान आर्थिक और मानसिक रूप से निश्चिंत होकर और भी बेहतरीन तरीके से अपनी ड्यूटी कर पाएंगे। जब रक्षक सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेगा, तो समाज की सुरक्षा भी दोगुनी होगी।
📢 नेतृत्व से अपील:
एक सशक्त और सुरक्षित राजस्थान के निर्माण के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि राज्य की पुलिस का मनोबल हमेशा ऊंचा रहे। इस दिशा में माननीय पुलिस महानिदेशक (डीजी) साहब, माननीय मुख्यमंत्री महोदय और माननीय गृह राज्य मंत्री जी को जवानों के इस गंभीर मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल ध्यान देना चाहिए।
जवानों के सौहार्द और तेजस्व का असली सम्मान सिर्फ शब्दों या पदकों से नहीं, बल्कि उन्हें उनका न्यायसंगत और वाजिब हक देने से होगा। सरकार को अविलंब पुलिस कांस्टेबलों की प्रथम पदोन्नति के पे-लेवल में सुधार कर इस वेतन विसंगति को दूर करने के आदेश जारी करने चाहिए।
@BhajanlalBjp@KumariDiya@DrPremBairwa @JawaharSBedam @ashokgehlot51@TikaRamJullyINC@GovindDotasara@1stIndiaNews@ZeeRajasthan_@ArvindChotia
#RajasthanPolice #PolicePayAnomaly #BhajanlalSharma #JusticeForPolice #RajasthanGovernment
राजस्थान पुलिस के जवान दिन-रात जनता की सुरक्षा में समर्पित रहते हैं। बढ़ती जिम्मेदारियों और कार्यभार को देखते हुए पुलिस कर्मियों का ग्रेड पे 3600 किया जाना समय की मांग है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी से निवेदन है कि राजस्थान से इस ऐतिहासिक सुधार की शुरुआत करें।