अंजना खुद कभी कांवड़ भरने क्यों नहीं गई ?
अंजना अपने बच्चों को कांवड़ भरने क्यों नहीं भेजती ?
खुद के बच्चों को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाएगी और चाहती है कि गरीब के बच्चे कांवड़ भरने जाए ?
उत्तर प्रदेश के जिला मैनपुरी के भोगांव में भारी बारिश के कारण क्षेत्र में भारी जलभराव हो गया है। बच्चे जान हथेली पर रखकर स्कूल जाते दिख रहे हैं। कीचड़ से भरी सड़कों पर एक बच्ची गिरती है, मगर कोई विकल्प नहीं — शिक्षा के प्रति उसका संघर्ष झकझोर देने वाला है।
यह सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि सवाल है उस सिस्टम पर जो बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों को नजरअंदाज़ कर रहा है।
लेकिन शर्म की बात ये है कि सरकार हालत सुधारने के बजाय गाँव-गाँव के सरकारी स्कूलों को बंद कर, उन्हें जबरन "विलय" कर रही है।
मेरा सवाल है मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से — "क्या यही है वो 'विकास', जो स्कूलों को बंद करता है और बच्चों को कीचड़ में धकेलता है?"
मैं कहना चाहता हूँ @CMOfficeUP जी से शिक्षा बच्चों का अधिकार है, सुविधा नहीं। उसे छीनने का हक किसी सरकार को नहीं।
आखिरी में यही कहना चाहता हूँ — चले जाओ बच्चों स्कूल नहीं तो मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की शिक्षा-विरोधी तानाशाही सरकार कह देगी कि "रास्ता बंद कर देते हैं, इससे बाकी बच्चों को पढ़ने की सुविधाएँ बढ़ जाएंगी!"
हद तो तब होगी जब माननीय उच्च न्यायालय भी सरकार की हाँ में हाँ मिलाकर यह न कह दे कि "इन बच्चों को पढ़ाने के लिए अगर सड़क बनानी पड़ी, तो फिर तो गांव-गांव में सड़क बनानी पड़ेगी!"
मेरा एक सवाल है माननीय उच्च न्यायालय के उन न्यायाधीशों से, जो शिक्षा के संवैधानिक अधिकार (RTE Act 2009) के तहत प्रत्येक एक किलोमीटर के दायरे में, 300 की जनसंख्या पर एक स्कूल के प्रावधान को अस्वीकार करते हुए कहते हैं — कि 'फिर तो एक लाख स्कूल खोलने पड़ेंगे!' आपके बच्चे बिना गाड़ी के, अकेले, रोज़ कितनी दूर पैदल जा सकते हैं?
#SaveVillageSchools
उत्तर प्रदेश के तथाकथित रामराज्य में अब शिक्षा के पक्ष में बोलना भी अपराध बना दिया गया है।
"अगर एक शिक्षक यह कहे कि 'ज्ञान का दीप जलाओ' और 'कांवड़ से एसपी-डीएम नहीं बनते', तो उस पर मुख्यमंत्री योगी जी की पुलिस FIR दर्ज कर देती है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51(A)(ज) में स्पष्ट रूप से वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद तथा अन्वेषण एवं सुधार की भावना का विकास करने की बात कही गई है।
धर्म की आड़ में शिक्षा, विवेक, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला किया जा रहा है।
समाज को शिक्षित करना अपराध नहीं, बल्कि सबसे बड़ा ‘शिक्षक धर्म’ है।
भीम आर्मी,आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) तर्कवादी, विज्ञानवादी शिक्षक रजनीश गंगवार के साथ खड़ी है और @UPGovt से यह मुकदमा तुरंत वापस लेने की मांग करती है।
देश संविधान से चलेगा, तानाशाही के डर से नहीं।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
महाराष्ट्र के पालघर ज़िले के आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों को स्कूल जाने के लिए बाढ़ से लबालब नदियाँ और खतरनाक पगडंडियाँ पार करनी पड़ती हैं। यह स्थिति सिर्फ़ डबल इंजन सरकार ही नहीं, बल्कि संपूर्ण शासन-प्रशासन की विफलता को साफ़ तौर पर उजागर करती है।
अमेरिका, जापान, जर्मनी जैसे देशों में सीवर सफाई पूरी तरह मशीनों से होती है। वहीं भारत में आज भी दलितों को बिना सुरक्षा, जान जोखिम में डालकर सीवर में उतारा जाता है। ये कैसा "विकसित भारत" है जहाँ मशीनें महंगी और दलित जान सस्ती है?
बहुजनों रीट्वीट रुकनी नहीं चाहिए और up पुलिस को टैग करिए।
@Uppolice@CyberpoliceUP
ये मंदबुद्धि (Swami Anand Swaroop) लगातार जातिवाद फैला रहा है, बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के विरुद्ध झूठा प्रचार कर रहा है और संविधान निर्माता के तौर पर बी.एन. राव को आगे करके समाज में ज़हर घोल रहा है। ये नफरत और भ्रम फैलाने की साज़िश है। इस पर तत्काल FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई हो।
जय भीम नमो बुद्धाय जय संविधान 🔥🔥
#संविधान
पहले हरिद्वार में फ्री में व्यवस्था थी AC वेटिंग रूम की जहां यात्री विश्राम करते थे।
फिर अश्विनी वैष्णव को अच्छा नही लगा कि यात्री फ्री में कैसे आराम कर सकते है? तो अश्विनी वैष्णव ने AC वेटिंग रूम को प्राइवेट कंपनी को दे दिया।
अब 30 रुपये प्रतिघंटा लगता है.
वाह अश्विनी वैष्णव