📍 नेपाल में बाढ़ आपदा के दृष्टिगत महराजगंज पुलिस की अपील
नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक महराजगंज @ShaktiAvasthy के निर्देशन में महराजगंज पुलिस पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है। गंडक नदी के जलस्तर की 24×7 निगरानी की जा रही है। सोहगीबरवा क्षेत्र में पीएसी एवं एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस एवं प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं।
🌊 गंडक नदी के तटीय एवं निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।
🚫 जलभराव एवं तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
📢 अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन/पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
☎️ आपात स्थिति में सहायता हेतु हेल्पलाइन:
DEOC महराजगंज: 05523-222162
आपदा हेल्पलाइन: 1077
मोबाइल: 9628819145, 9621333537
पुलिस सेवा-
आपातकालीन- 112
पुलिस मीडिया सेल- 7839862432
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
शक्ति मोहन अवस्थी (IPS)
पुलिस अधीक्षक, महराजगंज
#MaharajganjPolice #UPPolice #FloodAlert #NepalFlood
रात के खाने (Dinner) के बाद से जुड़ी 5 उपयोगी स्वास्थ्य बातें:-
1) खाने के तुरंत बाद लेटना नहीं चाहिए।
इससे एसिडिटी, गैस और रिफ्लक्स की समस्या बढ़ सकती है।
कम से कम 2–3 घंटे बाद सोना बेहतर माना जाता है।
2) डिनर के बाद 10–15 मिनट टहलना फायदेमंद है।
हल्की वॉक पाचन में मदद करती है और रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकती है।
3) खाने के तुरंत बाद बहुत अधिक पानी न पिएँ। सामान्य मात्रा में पानी ठीक है, लेकिन एकदम से बहुत अधिक पानी पीने से कुछ लोगों को पेट में भारीपन महसूस हो सकता है।
4) डिनर दिन का सबसे हल्का भोजन होना चाहिए। देर रात भारी और तैलीय भोजन मोटापा, खराब नींद और पाचन संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।
5) खाने के बाद मीठा खाने की आदत पर नियंत्रण रखें।नियमित रूप से अधिक मिठाई खाने से कैलोरी और शुगर का सेवन बढ़ जाता है, जिससे वजन और ब्लड शुगर पर असर पड़ सकता है।
एक रोचक तथ्य:
रात में अच्छी नींद लेने वालों में भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन बेहतर काम करते हैं, जिससे अगले दिन अधिक खाने की संभावना कम हो सकती है।
थायरॉइड के मरीजों के लिए जरूरी सावधानियाँ
यदि आपको थायरॉइड की बीमारी है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
सही दवा, नियमित जांच और थोड़ी सावधानी से आप पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकते हैं।
🔵 दवा कैसे लें?
थायरॉइड की दवा (जैसे Levothyroxine) सुबह खाली पेट लें।
दवा लेने के बाद कम से कम 30–60 मिनट तक कुछ न खाएँ-पिएँ (सादा पानी छोड़कर)।
दवा रोज़ एक ही समय पर लें।
बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद या डोज़ में बदलाव न करें।
🟣 जांच कब कराएँ?
नई दवा शुरू होने या डोज़ बदलने के 6–8 सप्ताह बाद TSH जांच कराएँ।
थायरॉइड नियंत्रित हो जाने पर हर 6–12 महीने में TSH की जांच कराना उचित रहता है।
गर्भावस्था में जांच अधिक बार करानी पड़ सकती है।
🟢 खाने-पीने में क्या ध्यान रखें?
आयोडीन युक्त नमक का उपयोग करें।
संतुलित आहार लें, जिसमें फल, हरी सब्जियाँ, दालें और पर्याप्त प्रोटीन शामिल हों।
सोया उत्पाद, आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट दवा के साथ न लें; इनके और दवा के बीच कम से कम 4 घंटे का अंतर रखें।
अत्यधिक जंक फूड, मीठे पेय और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचें।
🟠 जीवनशैली में क्या करें?
नियमित व्यायाम करें।
पर्याप्त नींद लें।
वजन पर नजर रखें।
तनाव कम करने का प्रयास करें।
🔴 तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:
अचानक वजन बहुत बढ़ने या घटने लगे।
दिल की धड़कन बहुत तेज़ या अनियमित हो।
अत्यधिक कमजोरी, सांस फूलना या गर्दन में सूजन बढ़ने लगे।
🟤 याद रखें:
थायरॉइड की बीमारी में सबसे बड़ी दवा है दवा समय पर लेना,
जांच नियमित कराना और
धैर्य बनाए रखना।
अधिकांश मरीज उचित उपचार से पूरी तरह सक्रिय और स्वस्थ जीवन जीते हैं।
❇️ओ.आर.एस. (ORS)❇️
ज़िंदगी बचाने वाला घोल
गर्मी हो, उल्टी-दस्त चल रहे हों या बुखार में कमजोरी महसूस हो रही हो, शरीर से पानी और नमक का नुकसान (डिहाइड्रेशन) जानलेवा हो सकता है।
ऐसे में ओआरएस (Oral Rehydration Solution) सबसे आसान और असरदार उपाय है।
✅ कैसा ओआरएस खरीदें?
हमेशा WHO/FSSAI प्रमाणित ओआरएस पाउडर ही लें।
पैकेट पर “WHO formula” या “ORS as per WHO recommendation” लिखा होना चाहिए।
फ्लेवर्ड ड्रिंक्स या ग्लूकोज़ पाउडर ओआरएस नहीं होते|
(सिर्फ मीठा घोल शरीर को नुकसान पहुँचा सकता है।)
✅ओआरएस कैसे बनाएं?
एक पूरा ओआरएस का पैकेट सिर्फ 1 लीटर साफ़ उबले और ठंडे किए हुए पानी में मिलाएं।
अच्छे से घोलें जब तक सारा पाउडर घुल न जाए।
फ्रिज में रख सकते हैं लेकिन 24 घंटे से ज़्यादा न रखें।
बचा हुआ पुराना घोल फेंक दें।
✅ कब-कब ओआरएस दें?
उल्टी या दस्त के हर एपिसोड के बाद।
बुखार, हीट स्ट्रोक या बहुत पसीना आने पर।
बच्चों और बुजुर्गों में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार दें।
बहुत अधिक कमजोरी, पेशाब कम होना या बेहोशी जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
✅ कितना ओआरएस दें?
6 महीने से 2 साल तक: हर दस्त या उल्टी के बाद 50–100 ml
2–10 साल तक: हर बार 100–200 ml
10 साल से ऊपर और वयस्क: जितनी प्यास लगे उतना |
आम तौर पर हर दस्त/उल्टी के बाद 1 ग्लास (200–250 ml)
धीरे-धीरे चम्मच या कप से बार-बार पिलाएं। एक बार में बहुत ज़्यादा नहीं।
✅ क्या सावधानियाँ रखें?
पैकेट खुलने के बाद पूरा इस्तेमाल कर लें।
24 घंटे बाद बचा हुआ घोल फेंक दें।
साफ़ पानी ही प्रयोग करें।
घर में खुद से नमक-शक्कर घोल बनाना पड़े तो ध्यान रखें:
1 लीटर पानी + 6 चम्मच चीनी + आधा चम्मच नमक (यह आपातकालीन विकल्प है, मेडिकल ओआरएस का विकल्प नहीं)।
शिशुओं को दूध और सामान्य आहार जारी रखें।
✅ Powder vs Ready to Drink ORS
अगर घर पर हैं और साफ़ पानी उपलब्ध है:
पाउडर वाला WHO-ORS सबसे अच्छा और भरोसेमंद विकल्प है।
अगर सफर में हैं, बच्चा तुरंत पीने लायक चाहिए या पानी उपलब्ध नहीं है तो Ready to Serve ORS उपयोगी है लेकिन विश्वसनीय ब्रांड ही लें।
✅ याद रखें:
ओआरएस शरीर का पानी, नमक और ऊर्जा तुरंत बहाल करता है।
समय पर दिया गया ओआरएस कई बार अस्पताल जाने की ज़रूरत भी रोक देता है।
*लिनन कपड़े का रहस्य: LEA नंबर से जानें क्या है आपके लिए सही।
क्या आप जानते हैं कि लिनन कपड़े पर लिखे LEA नंबर से आप उसकी गुणवत्ता और उपयोग को समझ सकते हैं? आइए, जानते हैं कैसे:
60 LEA= थोड़ा मोटा और मजबूत, डेली यूज़ और रफ यूज़ के लिए सही।
80 LEA= कम्फर्टेबल और बैलेंस, डेली वियर और कैजुअल यूज़ के लिए अच्छा।
100 LEA= प्रीमियम कैटेगरी, लाइटवेट और ब्रेथेबल, ऑफिस वियर के लिए बेस्ट।
120 LEA= फाइन क्वालिटी लिनन, सॉफ्ट फील और लग्जरी फिनिश।
150 LEA= टॉप-एंड लिनन, बहुत स्मूथ और एयरि, स्पेशल ओकेशन्स के लिए परफेक्ट।
अब दुकानदार कुछ भी बोले, आप LEA नंबर देखकर समझ सकते हैं कौन सा कपड़ा कब पहनना है और कितना सही है! 😊
#लिनन #LEA #कपड़ा #क्वालिटी #fashion #टिप्स
🔰यूपी वालों के लिए मूर्ख बनाने के बाद राहत की खबर ✨
◾अब बिजली वाले स्मार्ट मीटर में प्रीपेड व्यवस्था लेना अनिवार्य नहीं है. इसका आदेश आ गया है.
◾ आपकी इच्छा पर है कि आपको प्रीपेड व्यवस्था लेनी है या नहीं. कोई जोर जबरदस्ती नहीं हो पाएगी.
◾यूपी में जनता प्रीपेड मीटर से घनघोर परेशान है. बिल्कुल मोबाइल के डाटा की तरह हो गया है, कभी भी खत्म हो जाता है और लाइट कट जाती है.
जनपद महराजगंज के पुलिस कार्यालय में e-office सेल में नियुक्त रहे कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-बी (ASI) श्री राम चौहान को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) परीक्षा वर्ष 2023 मे चयनित होने पर पुलिस अधीक्षक महराजगंज श्री शक्ति मोहन अवस्थी द्वारा पुष्प गुच्छ देकर उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी गई।
श्री राम चौहान ने e-office सेल में अपनी सेवा के दौरान डिजिटल फाइलिंग सिस्टम के सुचारू संचालन, तकनीकी सहायता एवं ई-ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन में अपना योगदान दिया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक महोदय ने कहा कि उनकी मेहनत, लगन और समर्पण सभी पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
#UPPolice
#Success
क्या आपने कभी सोचा कि बाजार में Type-C cable लेते समय कैसे पहचानें कि कौन सी fast charging देगी और कौन सी सिर्फ normal है?
जब आप market में जाते हैं
तो सिर्फ Type-C देखकर मत खरीदो
क्योंकि हर cable same नहीं होती
सबसे पहले देखें
cable पर PD support लिखा है या नहीं
अगर लिखा है तो fast charging के chances ज्यादा हैं
दूसरा
Amp rating check करें
3A normal fast charging के लिए
5A cable high speed charging के लिए बेहतर रहती है
तीसरा
charger की watt power match करें
अगर आपका charger 33W या 65W है
तो उसी हिसाब की cable लें
अगर low quality cable ले ली
तो चाहे charger कितना भी fast हो
speed slow ही मिलेगी
बाजार में Type-C cable लेते समय PD support, amp rating और charger की watt match करना सबसे जरूरी है
कमेंट में बताइए आप cable लेते समय ये चीजें check करते हैं या नहीं
Disclaimer
charging speed device compatibility, cable quality और charger rating पर depend करती है इसलिए certified और original accessories लेना बेहतर रहता है
पुरुषों के यौन स्वास्थ्य के लिए शीर्ष 5 पोषक तत्व
पुरुषों का यौन स्वास्थ्य हार्मोन, रक्त प्रवाह और ऊर्जा के स्तर के मेल पर निर्भर करता है।
इन कार्यों को बनाए रखने के लिए कुछ विशेष पोषक तत्व आवश्यक हैं।
वे पोषक तत्व कौन से हैं?
रोज़ाना
१) कम से कम एक फल खाएँ
2)जहाँ तक हो सके सीढ़ी का प्रयोग करें ना कि लिफ्ट का।
3) 2-3 लीटर पानी पियें।
4) आधे घंटे धूप में बैठें
5) 20 मिनट शारीरिक व्यायाम करें
6) घरवालों/दोस्तों के साथ कुछ वक्त बिताएँ
7) 7-8 घंटे की नींद लें
हर एक टोल पर ये लगातार डिस्प्ले होना चाहिए की
१) उस रोड की लागत कितनी है ।
२) उस रोड का सालाना मेंटेनेंस खर्च कितना है ।
३) Live अपडेट की अभी तक कितना पैसा वसूला जा चुका है ।
@PMOIndia@nitin_gadkari
🔆🔆धूप लेने के सही तरीका 🔆🔆
सही तरीके से ली गई धूप:
Vitamin-D बनाती है
हड्डियाँ मजबूत करती है
immunity बेहतर करती है
depression का risk घटाती है
insulin sensitivity सुधारती है
sleep cycle ठीक करती है
अतः धूप सिर्फ रोशनी नहीं, hormonal therapy की तरह काम करती है
✅ धूप कितनी और कब लेनी चाहिए:
भारत जैसे देश में ज़्यादातर लोगों के लिए
15–25 मिनट रोज़ाना, सुबह 7 से 10 बजे के बीच सबसे बेहतर समय रहता है।
(हालाँकि Vitamin-D बनाने के लिए त्वचा को UV-B जो सबसे ज़्यादा मिलती है 10 AM से 3 PM के बीच में लेकिन इसी समय Sunburn का risk भी सबसे ज़्यादा रहता है)
हफ्ते में कम से कम 5 दिन लें तो बेहतर है।
अगर आपके त्वचा का रंग थोड़ा गहरा है तो 25–30 मिनट धूप में रहें तो बेहतर है।
✅ धूप लेने का सही तरीका:
forearms खुले हों
सिर्फ चेहरे ही नहीं बल्कि arms या legs exposed हों
खुले आसमान के नीचे लें ।
हल्की walking के साथ लें तो बेहतर ।
जितनी ज्यादा skin expose रहेगी उतना बेहतर है।
‼️ध्यान दें की शीशे के पीछे बैठकर धूप ना लें क्यूँकि ग्लास UVB रोक देता है।‼️
🛑🛑 अगर आपको ये सब समस्या है तो विटामिन D की जाँच ज़रूर करायें:
बार-बार थकान
B ody pain
Frequent infections
Hair fall
Mood low
🚫🚫 धूप के नुकसान कब होते हैं?
दोपहर 11–4 बजे की तेज़ धूप
लंबे समय तक बिना protection
बार-बार sunburn
🛑🛑 सावधानियाँ
तेज़ धूप में sunscreen / cap का उपयोग करें तथा आँखों के लिए UV protection लें ।
अगर sunburn है तो धूप में ना जाएं
अगर lupus, photosensitivity, या skin cancer की हिस्ट्री है तो अपने डॉक्टर की सलाह लें ।
क्या आपने कभी सोचा कि बैंक आपको Aadhaar link कराने के लिए branch बुलाता है जबकि वही काम NPCI से घर बैठे हो सकता है?
ज़्यादातर लोगों को लगता है कि Aadhaar seeding के लिए branch जाना जरूरी होता है जबकि NPCI की website से ये काम खुद किया जा सकता है
सबसे पहले phone में Chrome या कोई भी browser खोलिए
Google पर NPCI search कीजिए
पहली official website खोलिए
वहाँ Customer option पर click कीजिए
अब Bharat Aadhaar Seeding का option दिखेगा
उस पर tap करते ही नया page खुलेगा
फिर Aadhaar Seeding Deseeding पर दोबारा tap कीजिए
अब अपना Aadhaar number डालिए
Seeding option में Fresh Seeding select कीजिए नीचे bank list से SBI या कोई भी दूसरा bank चुनिए
इसके बाद अपना account number डालिए
Submit पर tap कीजिए
OTP आएगा
OTP डालकर Confirm पर click कीजिए
Aadhaar seeding request register हो जाएगी
कुछ समय बाद bank से confirmation मिल जाता है लगभग सभी banks के लिए यही process काम करता है
कमेंट में बताइए आपने Aadhaar किस bank में link किया है या अब करने वाले हैं?
Disclaimer यह जानकारी सामान्य Aadhaar seeding awareness के लिए है
Process और approval time bank और NPCI guidelines के अनुसार बदल सकता है
Final confirmation के लिए bank message या NPCI status जरूर check करें
कई बार हम थकान मन का उदास होना , मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द कट कट कि आवाज महसूस करते हैं
और इसकी कोई साफ़ वजह सामने नहीं आती,
हो सकता है कि यह
Vitamin D और Calcium की कमी के कारण हो।
आईए देखते हैं
🔶 Vitamin D की कमी के 10 लक्षण
(Part – 1)
🔶 अगले पोस्ट में Vitamin D की कमी का उपचार
शेयर करूँगा
(Part – 2)
#HealthTips #VitaminD #Calcium #BonePain #MusclePain
आपके खून में चीनी हो तो उसे डायबिटीज़ कहते हैं।
आपके दिमाग में चीनी हो तो उसे डिमेंशिया कहते हैं।
आपके दाँतों में चीनी हो तो उसे कैविटी कहते हैं।
आपके लिवर में चीनी हो तो उसे फ़ैटी लिवर कहते हैं।
आपकी कोशिकाओं में चीनी हो तो उसे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कहते हैं।
आपकी त्वचा पर चीनी हो तो उसे एजिंग कहते हैं।
इसके बजाय ये लें —
🍉 तरबूज = मज़बूत इरेक्शन
🍍 अनानास = अच्छी त्वचा
🥒 खीरा = स्वस्थ लिवर
🍎 सेब = अच्छा पाचन स्वास्थ्य
🍌 केला = सेक्स ड्राइव में सुधार और बेहतर रक्तचाप
🍊 संतरा = उच्च विटामिन C से इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है
🍇 अंगूर = हृदय स्वास्थ्य में सुधार
🍓 स्ट्रॉबेरी = सूजन कम करे और त्वचा को बेहतर बनाए
🥥 नारियल = दिमाग़ को सपोर्ट करे और वज़न नियंत्रण में मदद
🥭 आम = त्वचा और इम्यून फंक्शन को बेहतर बनाए
🥑 एवोकाडो = खराब कोलेस्ट्रॉल कम करे और दिल के लिए अच्छा
🫐 ब्लूबेरी = दिमाग़ी कार्य क्षमता बेहतर करे और दिल को सपोर्ट करे
फल, प्रोसेस्ड शुगर से कहीं बेहतर होते हैं।
#HealthTips
Antibiotics का बेअसर होना: आने वाले समय का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट!🚨☣️
एंटीबायोटिक्स बैक्टीरिया को मारने वाली दवाइयाँ हैं।
एंटीबायोटिक्स बेअसर कैसे होती हैं? (Antibiotic Resistance)
जब किसी बैक्टीरिया पर गलत दवाई, गलत मात्रा या गलत अवधि तक एंटीबायोटिक दी जाती है, तो वह दवा को पहचानकर अपने अंदर बदलाव कर लेता है और भविष्य में उसी दवा से मरता नहीं।
इसे ही “एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस” कहते हैं—विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इसे मानवता का सबसे बड़ा खतरा मानता है।
एंटीबायोटिक्स बेअसर कब होती हैं?
• बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने पर
• शुरुआत में ही कम डोज या गलत डोज से
• 7 दिन की जगह 2–3 दिन में दवा बंद करने पर
• वायरस वाली बीमारी में एंटीबायोटिक लेने पर (सर्दी–खांसी–ज़ुकाम 90% वायरल होते हैं)
ये सभी आदतें बैक्टीरिया को मजबूत बनाती हैं, इंसान को नहीं।
क्या असर पड़ता है? क्यों इतना खतरा है?
⚠️ 1. रेजिस्टेंट बैक्टीरिया का इलाज लगभग असंभव
जब मरीज को बैक्टीरियल इन्फेक्शन होता है, वही रेजिस्टेंट बैक्टीरिया शरीर में हमला कर देता है।
फिर सबसे बड़ी, महंगी और आख़िरी लाइन की दवाइयाँ (carbapenems, colistin) भी काम नहीं करतीं।
⚠️ 2. बैक्टीरिया के टॉक्सिन 24 घंटे में जान ले सकते हैं
और सही दवा पता करने वाली कल्चर-सेंसिटिविटी रिपोर्ट आने में 5–6 दिन लगते हैं।
इसी बीच कई मरीजों की मौत हो जाती है।
⚠️ 3. देश में ICU में 40–60% इंफेक्शन रेजिस्टेंट हो चुके हैं
रेजिस्टेंस बढ़ने के सबसे बड़े कारण ‼️👇🏼
1️⃣ झोलाछाप, कंपाउंडर और बिना डिग्री वाले लोग
इन्होंने आधी-अधूरी जानकारी से इलाज को धंधा बना रखा है।
ना बीमारी पहचान, ना डोज की समझ—बस सस्ता इलाज, मीठी बात और बदले में धीमा जहर।
2️⃣ मेडिकल स्टोर से बिना पर्ची दवाई लेना
कई मेडिकल स्टोर कमाई के लिए सस्ती और घटिया दवाइयाँ दे देते हैं—जो सीधे रेजिस्टेंस बढ़ाती हैं।
3️⃣ वायरल बीमारी में एंटीबायोटिक
ज्यादातर मौसम बदलने वाली बीमारी 5–6 दिन में खुद ठीक हो जाती है।
लेकिन लोगों की जल्दी ठीक होने की हड़बड़ी उन्हें उल्टा ICU तक पहुँचा देती है।
4️⃣ स्टेरॉयड का धड़ल्ले से इस्तेमाल
स्टेरॉयड तुरंत राहत देता है लेकिन—
• immunity खराब करता
• BP बढ़ाता
• sugar बढ़ाता
• infection को और बिगाड़ता
यह एक धीमा जहर है।
एंटीबायोटिक्स का सही उपयोग कैसे किया जाता है?
जैसे युद्ध में आखिर में परमाणु बम इस्तेमाल होता है, वैसे ही
एंटीबायोटिक आखिरी विकल्प है—पहला नहीं।
एंटीबायोटिक देने से पहले डॉक्टर—
✔ खून की जांच करता है
✔ समझता है कि वायरल है या बैक्टीरियल
✔ कौन-सी दवा उस बैक्टीरिया पर चलेगी
✔ कितनी डोज और कितने दिन देनी है
✔ दवा के दौरान साइड इफेक्ट और एलर्जी की निगरानी करता है
यही वैज्ञानिक चिकित्सा है।
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क्या करें और क्या बिल्कुल ना करें
❌ बिल्कुल ना करें
• झोलाछाप / बंगाली डॉक्टर / बिना डिग्री वालों से इलाज
• मेडिकल स्टोर से बिना पर्ची एंटीबायोटिक
• सर्दी–खांसी में खुद से दवा शुरू
• स्टेरॉयड बिना डॉक्टर के
✅ क्या करें
• सिर्फ MBBS/MD/registered doctor से ही इलाज
• किसी भी व्यक्ति की डिग्री चेक करें
• वायरल बीमारी में धैर्य रखें—एंटीबायोटिक की कोई जरूरत नहीं
• बच्चे और बुजुर्ग को खास बचाएँ—रेजिस्टेंस सबसे तेजी से इन्हीं में बढ़ता है
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🚨अंत में एक कड़वी लेकिन सच्ची बात
जो लोग सस्ता इलाज करवाते हैं,
वही बाद में ICU में लाखों रुपये इलाज में खर्च करते हैं।
एंटीबायोटिक गलत तरीके से लेने वाला व्यक्ति सिर्फ खुद को नहीं,
पूरे समाज को खतरे में डालता है।
#Healthcare