सेवा में,
माननीय शिक्षा मंत्री महोदय,
शिक्षा विभाग, बिहार सरकार, पटना।
विषय: जिले के अंदर एवं अंतरजिला शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया की समीक्षा कर अब तक एक बार भी स्थानांतरण का अवसर नहीं पाने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता देने के संबंध में।
महोदय,
सादर अभिवादन।
सर्वप्रथम, बिहार के शिक्षकों की स्थानांतरण संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु आपके द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं अब तक संचालित स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ आपका हार्दिक आभार व्यक्त करता है।
महोदय, हम इस बात को भली-भाँति समझते हैं कि सरकार की किसी भी नीति से प्रत्येक व्यक्ति को पूर्णतः संतुष्ट करना संभव नहीं होता। प्रशासनिक आवश्यकताओं, उपलब्ध रिक्तियों एवं विभिन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना सरकार की जिम्मेदारी है। हम आपकी नीतिगत सीमाओं और प्रशासनिक विवशताओं का सम्मान करते हैं। किंतु हमारा विनम्र आग्रह है कि नीति की समीक्षा करते समय उन शिक्षकों की पीड़ा पर भी गंभीरता से विचार किया जाए, जिन्हें अब तक एक बार भी स्थानांतरण का अवसर नहीं मिल पाया है।
पिछले लगभग दो वर्षों से चल रही स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान ऐसी स्थिति सामने आई है, जहाँ कुछ शिक्षकों को अलग-अलग चरणों में एक से अधिक, यहाँ तक कि तीन-चार बार तक स्थानांतरण का अवसर प्राप्त हुआ है, जबकि दूसरी ओर अनेक शिक्षक ऐसे हैं, जो अपने गृह जिला, परिवार अथवा अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण स्थानांतरण की प्रतीक्षा करते-करते वर्षों गुजार चुके हैं, लेकिन उन्हें एक बार भी अवसर नहीं मिल सका।
महोदय, हमारी चिंता किसी शिक्षक को मिले स्थानांतरण के अवसर का विरोध करना नहीं है। हम सभी शिक्षकों के हित और उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों का सम्मान करते हैं। प्रश्न केवल इतना है कि जब कुछ शिक्षकों को बार-बार अवसर मिल सकता है, तो सामान्य स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे उन शिक्षकों को एक अवसर देने के विषय में गंभीरता से विचार क्यों नहीं किया जा सकता, जिन्हें अब तक एक बार भी मौका नहीं मिला है?
कई बार ऐसा भी प्रतीत होता है कि प्राथमिकता अथवा विशेष श्रेणी के अंतर्गत आने वाले शिक्षकों का स्थानांतरण होता रहता है, जबकि सामान्य स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों की बारी आने से पहले ही नियमों या प्रक्रिया में परिवर्तन हो जाता है। परिणामस्वरूप, उनकी प्रतीक्षा अनिश्चितकाल तक बढ़ती जाती है। क्या यह स्थिति उन शिक्षकों के साथ एक प्रकार की असमानता का अनुभव नहीं कराती?
अतः बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ आपसे विनम्र अनुरोध करता है कि वर्तमान में चुनाव के कारण स्थानांतरण प्रक्रिया पर लगी रोक की अवधि में विभागीय स्तर पर एक विस्तृत समीक्षा कराई जाए। समीक्षा के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार किया जाए—
1. जिले के अंदर एवं अंतरजिला स्थानांतरण के अंतर्गत अब तक कितने शिक्षकों को एक बार भी स्थानांतरण का अवसर नहीं मिला है, इसका स्पष्ट आँकड़ा तैयार किया जाए।
2. ऐसे शिक्षकों की पहचान की जाए, जो लंबे समय से सामान्य स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं तथा जिन्हें अब तक किसी भी चरण में लाभ नहीं मिल सका है।
3. आगामी स्थानांतरण प्रक्रिया में उन शिक्षकों को प्राथमिकता देने की नीति बनाई जाए, जिन्हें अब तक एक बार भी स्थानांतरण का अवसर प्राप्त नहीं हुआ है।
4. जिन शिक्षकों को पहले ही कई बार स्थानांतरण का लाभ मिल चुका है, उनके मामलों की समीक्षा करते हुए अवसरों के अधिक न्यायसंगत वितरण पर विचार किया जाए।
5. गृह जिला, पारिवारिक दायित्व, पति-पत्नी की पदस्थापना, गंभीर बीमारी तथा अन्य वास्तविक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए एक पारदर्शी एवं न्यायसंगत स्थानांतरण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
महोदय, हमारा उद्देश्य किसी शिक्षक के अधिकार को कम करना नहीं, बल्कि उन शिक्षकों को भी न्यायसंगत अवसर दिलाना है, जो वर्षों से अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। स्थानांतरण नीति की सफलता केवल इस बात से नहीं आँकी जानी चाहिए कि कितने शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ, बल्कि इस बात से भी कि कितने ऐसे शिक्षकों की समस्याओं का समाधान हुआ, जिन्हें लंबे समय से कोई अवसर नहीं मिल पाया था।
हमें विश्वास है कि आप इस विषय की संवेदनशीलता को समझते हुए जिले के अंदर एवं अंतरजिला स्थानांतरण के संबंध में सकारात्मक पहल करेंगे और आगामी प्रक्रिया में अब तक वंचित रहे शिक्षकों को उचित प्राथमिकता देने पर गंभीरता से विचार करेंगे।
शिक्षक हित में आपके सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा के साथ।
सादर धन्यवाद।
भवदीय,
अनीश सिंह
प्रदेश अध्यक्ष
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ (BRVAS)
एकता • अधिकार • सम्मान
*आज अनशन का चौथा दिन है...*
BRVAS आज भी धरना स्थल पर डटा हुआ है।
बहुत लोग आए, फोटो खिंचवाए और चले गए...
*लेकिन BRVAS शिक्षकों के सम्मान और उनके हक की लड़ाई के लिए आज भी मैदान में खड़ा है।*
अब बारी आपकी है...
जो लोग आपके हिस्से की लड़ाई लड़ रहे हैं, उन सभी संघर्षशील साथियों का हौसला बढ़ाते रहिए।
आपका एक कदम, एक संदेश और आपका समर्थन—
संघर्ष कर रहे साथियों के लिए बड़ी ताकत है।
*आवाज़ दो, हम एक हैं — BRVAS*
सोशल मीडिया से सातवें वेतनमान की शुरू हुई लड़ाई अब आंदोलन में तब्दील हो चुकी है । पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए है शिक्षक । अब इस लड़ाई को मजबूती देना आप सभी का काम है । सभी पूरी ताकत से आंदोलनरत भाइयों को मजबूती प्रदान करे गर्दनीबाग पहुंचे । एक मांग ....... सातवां वेतनमान #BiharTeachersNeed7thPay
#बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ की ओर से #माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र आग्रह है कि बिहार के विद्यालय अध्यापकों की वर्षों से लंबित मांग—सातवें वेतनमान के अनुरूप वेतन निर्धारण—विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए।
#BiharTeachersNeed7thPay@Team_BRVAS
बिहार के माननीय मुख्यमंत्री @samrat4bjp एवं माननीय शिक्षा मंत्री @mkrtiwari_bjp जी के पास ऐतिहासिक मौक़ा है कि बिहार के राज्यकर्मी शिक्षकों को फिक्स्ड पे से निजात दिलाते हुए 7th Pay का पूर्ण लाभ दिए जाने की घोषणा करें।
@VijayKChy@SanjayJhaBihar@narendramodi
#BiharTeachersNeed7thPay
मुख्यमंत्री द्वारा शनिवार को सरकारी विद्यालयों में हाफ डे पढ़ाई की घोषणा की गई है । इसका अनुपालन शिक्षा विभाग को करते हुए जल्द इस सबंध में पत्र जारी करना चाहिए ।
@BiharEducation_@mkrtiwari_bjp@samrat4bjp