⦿ A big conspiracy is underway in Karnataka. In more than 70% of the booths, we have already identified instances where various BJP leaders have been collecting Form 7 without any identification.
⦿ Pre-printed forms have been supplied by various agencies. These forms are being given to leaders of the BJP and its allied parties to ensure that the names of eligible voters are deleted.
⦿ These forms contain the names, EPIC numbers and booth details of eligible voters whose names are already on the electoral rolls.
: Karnataka CM Shri @DKShivakumar
SIR को लेकर चुनाव आयोग के फैसले और INDIA ब्लॉक की बैठक में उठी मांगों पर विस्तार से चर्चा
कर्नाटक में वोटर लिस्ट से नाम हटने और Form 7 के विवाद से लेकर गेहूं के MSP तक, देखिए आज की बड़ी खबरें
पूरी रिपोर्ट और विश्लेषण के लिए वीडियो देखें.
#IndianExpressHindi#SaurabhDwivedi
ब्रेकिंग न्यूज 🚨
बेलगावी SIR में ‘वोट चोरी’ एक बार फिर पकड़ी गई🔥
इस मामले को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ख़ुद इलेक्शन कमीशन के ऑफिस में धरने पर बैठ गए हैं।
दरअसल 22 सितंबर को बेलगावी के एक स्कूल में 198 Form-7 आवेदन जमा कराने का मामला सामने आया।
जिसमे दो लोग खुद को महानगर पालिका के चुनाव विभाग का कर्मचारी बताकर BLO सविता उपाध्याय के पास पहुंचे और मतदाता सूची से नाम हटाने की मांग की।
BLO की जांच में बताया गया कि इन फॉर्मों में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के नाम थे। BLO ने ERO की अनुमति के बिना फॉर्म लेने से इनकार किया।
इसके बाद फोन पर एक व्यक्ति ने खुद को ERO बताकर फॉर्म स्वीकार करने और रसीद देने का निर्देश दिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन 198 फॉर्मों में शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों के नाम भी हटाने की मांग की गई थी।
पूछताछ में दोनों युवकों ने महानगर पालिका से होने की बात से हटकर खुद को विजया हॉस्पिटल से जुड़ा बताया।
शिकायत के अनुसार उन्होंने कहा कि उन्हें डॉ. रवि पाटिल ने भेजा था।
बाद में डॉ. रवि पाटिल 20–25 लोगों के साथ स्कूल पहुंचे और दोनों युवकों को अपने अस्पताल का कर्मचारी बताया।
मौके पर पहुंचे ERO उदयकुमार ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि दोनों व्यक्ति महानगर पालिका के चुनाव कर्मचारी नहीं थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुस्लिम मतदाताओं के नाम चुन-चुनकर हटाने की कोशिश की जा रही थी।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके इस मामले को उठाया था और चुनाव आयोग को एक्सपोज़ किया था।
जांच होनी चाहिए कि 198 Form-7 किसने तैयार करवाए? ERO बनकर फोन किसने किया? और मतदाताओं के नाम हटाने के पीछे असली मकसद क्या था?
They cannot simply decide whom they like and appoint them as Election Commissioner.
1.5 billion lives are directly affected by who holds this chair.
Selection of Election Commissioners must be independent, neutral and transparent.
कॉकरोच जनता पार्टी मुंबई में 2 अक्टूबर से एक नए सिरे से प्रदर्शन शुरू कर रही है. इस बार मामला चुनाव आयोग का है.
इससे पहले पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देने के लिए 48 घंटों का अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद देशभर में प्रदर्शन की बात रखी थी.
2 अक्टूबर को, गांधी जयंती के मौके पर, पार्टी ये प्रदर्शन शुरू करने जा रही है. सुनिए, CJP नेता सौरव दास ने क्या कहा.
VIDEO | Mumbai: "We will start our protest in Mumbai, then go to various places and finally to Jantar Mantar. We have given intimation of the protest, and we believe that Mumbai Police will cooperate," says CJP co-convenor Saurav Das on the protest against CEC Gyanesh Kumar at Shivaji Park on Friday.
पूरा देश वोट चोरी के खिलाफ़ गुस्से में है - मगर फिर भी BJP-EC की बेशर्मी देखिए कैसे खुलेआम वही किए जा रहे हैं।
कर्नाटक के बेलगावी में एक झटके में लगभग 15 हजार वोटरों के नाम मिटाने की साजिश चल रही थी।
सिर्फ़ तीन दिनों - 22, 23 और 24 सितंबर - में इतने नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए Form 7 की बाढ़ आ गई।
और निशाने पर कौन? मुसलमान, SC, ST और OBC। क्योंकि इनमें से ज़्यादातर लोग BJP के खिलाफ वोट डालते हैं।
मैंने वोट चोरी के इस तरीके का पहले ही पर्दाफाश किया था - Centralized तरीके से software के जरिए वोट delete किए जाते हैं। "चुनिंदा" लोगों के खिलाफ BJP और EC के लोगों द्वारा मिलकर automated तरीके से थोक में Form 7 भरे जाते हैं - और देखते ही देखते लाखों वोटर लिस्ट से गायब हो जाते हैं। और ये सब ऊपर से नियंत्रित किया जाता है।
कर्नाटक कांग्रेस के नेता इस वक्त कर्नाटक CEO के दफ़्तर में इसके दोषियों के ख़िलाफ़ FIR की मांग कर रहे हैं। CEO इस FIR से मना क्यों कर रहे हैं?
इस तरह से मोदी, शाह और ज्ञानेश मिल कर SIR के ज़रिए लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं। ये देशद्रोह है।
इसलिए मैं कह रहा हूं ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे कर approver बन जाना चाहिए, और मोदी शाह के खिलाफ जांच होनी चाहिए।
ब्रेकिंग न्यूज 🚨
कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खड़गे का बड़ा एक्शन🔥
Aland में हर फर्जी वोटर डिलीट कराने पर ऑपरेटर को 80 रुपये मिले थे, ये कर्नाटक पुलिस SIT की जांच में सामने आया था।
जिसके बाद आलंद में मामला दर्ज हुआ था , अब SIR से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के आरोपियों के खिलाफ बेलगावी में FIR दर्ज की गई है।
गृहमंत्री प्रियांक खड़गे लगातार लोकतंत्र से खिलवाड़ करने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।
@PriyankKharge
You can understand how people's votes are being robbed and stolen and this is a commendable initiative by the Karnataka government CM DK Shivkumar that they caught and exposed the mistakes.
A case has come to light during the SIR in Belagavi that has not only shocked people but also raised many questions about the election process.
The complainant was on duty at the BLA when two unidentified individuals arrived with a bundle of Form 7s and identified themselves as being from the Elections Section of the Belagavi Municipal Corporation. Furthermore,
They handed the bundle to the BLO, Savita Upadhyay, and asked her to remove the name from the bundle.
The BLO was surprised to find that Form 7 contained only the names of minorities. When they refused, he had them speak to a fake ERO.
An FIR has now been filed regarding this matter, causing a political uproar in Karnataka.
Karnataka Chief Minister DK Shivakumar has warned that if an investigation is not ordered, he will soon stage a protest at the Election Commission's office.