पक���ष और विपक्ष अपनी जगह , लोकतंत्र में अच्छी बातो का समर्थन होना चाहिए..
आज सदन में राघव चड्ढा का एक बयान देखा जो स्वीटी जोमैटो ब्लिंकिंट और तमाम फ़ास्ट डिलीवरी या सर्विसेज से रिलेटेड मोबाइल एप कंपनीज़ के थे !! राघव जी का स्पष्ट कहना था कि सबसे तेज वाली होड़ के और बढ़िया सर्विस देने वाली रेस में कंपनियों का तो मिलियन डॉलर प्रॉफिट होता है लेकिन उस कर्मचारी का क्या जिस पर प्रेशर होता है दस मिनट के अंदर ऑर्डर डिलीवर करने का ? वो प्रेशर में लाल बत्ती जंप कारता है हाई स्पीडिंग करता है जान जोखिम में डालता है हर ऑर्डर रिसीव करते ही डिलीवरी बॉय के मन में डर समय रहता है की समय से पहुंच जाऊँगा या नहीं !! कहीं क्लाइंट गुस्सा न हो कहीं रेटिंग कम न दे दे !!
और इतने के बाद भी अगर कर्मचारी पूरी फुर्ती के साथ काम करते हुए एक मिनट भी लेट होता है तो कस्टमर गुस्सा भी करता है और रेटिंग कम देने की धमकी देता है साथ में मैं तेरी कंप्लेन करूँगा बोल के उस कर्मचारी की पूरी महीने की मेहनत पर पानी फेर देता है !!
इन फ़ूड डिलीवरी बॉयज़ की सैलरी सामान्य मजदूरों से भी कम होती है और इनका ना कोई बीमा होता है और ना कोई हेल्थ इंश्योरेंस !! ये कोल्हू के बैल नहीं हैं ये भी किसी के बेटे हैं पिता है पति हैं !!
सच में राघव भाई ने जो बात ��ज सदन में उठाई है काबिल ए तारीफ़ है और मेरे भी मन में ऐसा विचार कई बार आए हैं उम्मीद करते हैं उक्त विषय पर गवर्नमेंट अच्छा निर्णय लेगी परंतु हम आपसे इस पेज के माध्यम से निवेदन करेंगे की अगर आप किसी भी तरह की फ़ूड डिलीवरी या सर्विस डिलीवरी ऑर्डर करते हैं और सर्विस बॉय या डिलीवरी बॉय थोड़ा बहुत देरी करता है तो कृपा करके उसपे अनावश्यक गुस्सा होने या उसकी शिकायत करने के बजाय उसे धन्यवाद दें क्यों��ि उसने आपको घर बैठे सुविधा प्रदान की है और यकीन मानिए ये काम आपको करने को कह दिया जाय तो हम दो सौ प्रतिशत सहमत हैं कि आप ये काम कभी भी समय से नहीं कर पाएंगे !!
तो मित्रों प्लीज सबके सम्मान और अस्मिता का ख्याल रखें फ़ूड डिलीवरी बॉय भी एक इंसान है कोई मशीन नहीं उसके साथ मानवता से पेश आयें !!
धन्यवाद 🙏🏻
@khurpenchh ये व्यक्ति ईमानदार है, सौ करोड़ कमाए है तो खर्च भी भारत में hi करेगा और ज���ब भारत की जीडीपी बढ़ेगी तो भारत का विकास होगा।
आत्मा को सादर नमन!