बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कारण पूछने पर यही लगा कि जिस बैंक की नौकरी को अच्छी नौकरी में गिना जाता था, उसकी हालत बदतर हो गई है। टारगेट के नाम पर कर्मचारी देर शाम तक रोके जाते हैं, छुट्टी नहीं दी जाती है,
तनाव रोज़ का हिस्सा है। काम करने की जगह भी अच्छी नहीं है। ऐसा लगता है कि बैंकर को सज़ा दी जा रही है कि उन्होंने बैंक की नौकरी क्यों की। लोगों ने बताया कि अत्यधिक तनाव के कारण बीमारियाँ होने लगी हैं।
एक बैंकर ने यह भी बताया-
सुबह 8:00 बजे घर से निकलने वाला बैंकर रात को 8:00 या 9:00 बजे के बाद ही घर लौट पाता है, क्योंकि एनपीए (NPA - गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) को रोकने का भारी दबाव होता है। हर खाते की मंथली ईएमआई (EMI) होती है, और यदि वह 90 दिनों तक जमा न हो, तो खाता एनपीए हो जाता है। ऐसे में रीजनल ऑफिस से ब्रांच हेड पर दबाव आता है कि यह खाता आज किसी भी हाल में एनपीए नहीं होना चाहिए। पहले केवल महीने की आखिरी तारीख को एनपीए रोकने का दबाव होता था, लेकिन अब हर सिंगल डे (प्रतिदिन) यह प्रेशर रहता है।
रात के 9:00 बज रहे होते हैं और रीजनल ऑफिस से फोन आता है कि "किसी भी तरह इस खाते को बचाइए।" थक-हारकर जब ब्रांच हेड को लगता है कि उसे अब घर जाना चाहिए, तो वह अपनी जेब से 2,000, 4,000 या 10,000 रुपये तक की ईएमआई खुद भर देता है। बाद में ग्राहक वह पैसा लौटाता नहीं है, जिससे बैंक मैनेजर के अपने पैसे डूब जाते हैं।
बैंक में दिनभर कई तरह के मानसिक तनाव झेलने पड़ते हैं। आपको रिकवरी के लिए फील्ड में निकलना होता है। वहाँ कोई ग्राहक आपको ब्लैकमेल करता है कि "मेरे घर मत आओ, नहीं तो मैं पैसा जमा नहीं करूँगा, सिर्फ़ फोन पर बात करो।" फोन पर बात करने के दौरान ग्राहक कभी-कभी अभद्र और गाली-गलौज वाली भाषा का प्रयोग करते हैं। उस तनाव में यदि मैनेजर के मुँह से गलती से भी कोई गलत बात निकल गई, तो ग्राहक उसकी कॉल रिकॉर्डिंग करके ब्लैकमेल करने लगता है।
कृपया बैंकर की बात सुनें । कोई रास्ता निकालें।
Bankers keep India connected 24×7.
But behind every transaction, target and deadline is a human being, with a family, responsibilities and a life beyond the branch.
A 5-day week was agreed in March 2024, with bankers accepting longer working hours from Monday to Friday.
The demand is reasonable. The commitment is proven. The delay is difficult to justify.
Implement 5-Day Banking now.
@PMOIndia@narendramodi@FinMinIndia@nsitharaman@DFS_India
#5DayBankingNow
Time to shift focus—support a 5-day workweek for banking staff as other sectors move towards balance and well-being for employees. #5DayWeekandFairPLI#AIBOC@PMOIndia https://t.co/gPexVj2VAP
India’s Bank employees seek two things rooted in fairness and dignity at work.
#5DayWeekandFairPLI
The demand for a 5 Day Work Week in banks is not new. It already stands agreed upon in the Bipartite Settlement of March 2024. What remains is its long-pending implementation.
At the same time, the unilateral and discriminatory PLI system must be abolished and replaced with a fair, transparent and inclusive framework for all employees, recognising the collective effort behind every institution’s performance.
Hardworking bank employees are not asking for privilege. They are asking for implementation of an agreement and equality in reward.
A motivated banking workforce strengthens Indian banking and the nation.
@PMOIndia
मुंबई महापालिका निवडणुकीतील शिवसेनेचा जाहीरनामा ते शाखा भेटी, मुंबईचे मुद्दे मांडणारी भाषण @AUThackeray हे मॅन ऑफ द मॅच आहेत! सत्ताधाऱ्यांच्या घाणेरड्या गोंगाटात त्यांनी मुंबईकरांचे नेमकी विषय मांडले..यातून त्यांचा अभ्यास आणि या शहरावरील प्रेम दिसून आले...
आंदोलन कव्हर करायला सुरुवात केल्यापासून ट्रोलर्स काही ना काही शोधत आहेत. अनेकांनी फोटो व्हायरल केले. काहींनी जाहीर कार्यक्रम सुरू केला. पण बातम्या थांबत नसतात. शेतकऱ्यांचे प्रश्न आणि त्यांचं संपलेले अर्थकारण हे या आंदोलनातील मूळ प्रश्न आहेत. याचं सामाजिक प्रतिबिंब रस्त्यावर आहे.
प्रौढ प्रताप पुरंदर, महापराक्रमी रणधुरंधर, क्षत्रिय कुलावतंस, शस्त्रास्त्र सिंहासनाधीश्वर, राजाधिराज, श्रीमंत छत्रपती शिवाजी महाराज यांना जयंती निमित्त त्रिवार वंदन ! 🙏
या मुलांच्या प्रश्नांची उत्तर भाजपच्या कोणत्याही नेत्याने दिले तर माझं मतं भाजप आणि महायुती ला.
बोला @Dev_Fadnavis आहे का हिंमत ??
मुद्द्यावर बोलायला हिंमत लागते. ती हिंमत गांधी पवार, ठाकरे यांच्यात आहे. ✌🏻
हिंदू धर्म 60 वर्षे टिकला
काँग्रेसची राजवट.
हिंदू धर्म 200+ वर्षांच्या ब्रिटिश राजवटीत टिकून राहिला.
हिंदू धर्म 400+ वर्षे मुघल राजवटीत टिकून राहिला.
हिंदू धर्म 5,000 वर्षे सांस्कृतिक, सामाजिक, तात्विक आणि वैज्ञानिक विकास टिकून राहिला.
पण भाजप आणि आरएसएस सत्तेत आल्यापासून हिंदू खतरे में है.