माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
उत्तराखण्ड शासन,
देहरादून, उत्तराखण्ड।
@pushkardhami@OfficeofDhami
विषय: उत्तराखण्ड के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने हेतु कड़े कदम उठाने के संबंध में।
महोदय,
उत्तराखण्ड देवभूमि के रूप में संपूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक बद्रीनाथ, क���दारनाथ, ऋषिकेश, हरिद्वार, श्रीनगर, औली, मसूरी तथा अन्य धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों के दर्शन हेतु आते हैं।
दुर्भाग्यवश अनेक लोग इन पवित्र स्थलों पर प्लास्टिक, भोजन सामग्री के अवशेष, बोतलें एवं अन्य कचरा खुले में फेंक देते हैं, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों की प्राकृतिक स��ंदरता एवं पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है।
पर्वत, नदियाँ एवं वन उत्तराखण्ड की अमूल्य धरोहर हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुंदर उत्तराखण्ड उपलब्ध कराना कठिन होगा।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि निम्नलिखित कदमों पर विचार किया जाए—
सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे स्थापित किए जाएँ।
कचरा फेंकने वालों की पहचान कर उन पर न्यूनतम ₹5000 अथवा उससे अधिक का आर्थिक दंड लगाया जाए।
प्रत्येक प्रमुख स्थल, पार्किंग क्षेत्र, पैदल मार्ग एवं बाजारों में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन उपलब्ध कराए जाएँ।
नियमित कचरा संग्रहण हेतु विशेष स्वच्छता वाहन एवं कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए।
पर्यटकों एवं ��्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।
प्लास्टिक प्रदूषण रोकने हेतु सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए।
धार्मिक स्थलों के आसपास "कचरा मुक्त क्षेत्र" घोषित कर विशेष निगरानी रखी जाए।
मेरा विश्वास है कि आपके नेतृत्व में उत्तराखण्ड की प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को सुरक्षित रखने हेतु प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
सादर,
अजय अवस्थी
[email protected]
#CleanUttarakhand
#SaveHimalayas
#KeepKedarnathClean
#KeepBadrinathClean
#SwachhDevbhoomi
#ProtectHimalayas
#ResponsibleTourism
#EcoTourism
#GreenUttarakhand
#NoLittering
#MissionCleanMountains
जिला मजिस्ट्रेट महोदय,
जिला जालना, महाराष्ट्र।
@ashimamittal01
विषय: "किड्स वर्ल्ड इंग्लिश स्कूल, परतूर" के विरुद्ध FIR दर्ज करने एवं विद्यालय की मान्यता निरस्त करने हेतु आ��ेदन।
महोदय,
निवेदन है कि जालना जिले के परतूर स्थित "किड्स वर्ल्ड इंग्लिश स्कूल" में आयोजित वार्षिकोत्सव (Annual Day Program) के दौरान अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक गतिविधि सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के अनुसार विद्यालय के विद्यार्थियों से नकली तलवारों के साथ पाकिस्तानी गीत "गुस्ताख-ए-नबी की एक सज़ा..." पर नृत्य करवाया गया।
इस कार्यक्रम में पृष्ठभूमि में पाकिस्ता��� के कुख्यात व्यक्ति मुमताज़ कादरी का चित्र भी प्रदर्शित किया गया था। यह सर्वविदित है कि मुमताज़ कादरी ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के तत्कालीन गवर्नर सलमान तासीर की हत्या की थी तथा बाद में पाकिस्तान की न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत उसे मृत्युदंड दिया गया था।
विद्यालय जैसे पवित्र शिक्षण संस्थान में बच्चों के समक्ष ऐसे व्यक्ति का महिमामंड�� करना तथा कट्टरपंथी एवं उग्रवादी विचारधारा से संबंधित प्रतीकों एवं गीतों का उपयोग करना अत्यंत आपत्तिजनक है।
इससे विद्यार्थियों के मानसिक, नैतिक एवं संवैधानिक मूल्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है तथा सामाजिक सौहार्द एवं राष्ट्रीय एकता को भी नुकसान पहुंच सकता है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि:
उक्त प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
▪︎विद्यालय प्रबंधन, आयोजकों एवं स���बंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत FIR दर्ज की जाए।
▪︎विद्यालय द्वारा CBSE अथवा अन्य बोर्ड से प्राप्त मान्यता की तत्काल जांच कराई जाए।
▪︎यदि आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए जाते हैं तो विद्यालय की मान्यता एवं संबद्धता निरस्त करने हेतु संबंधित प्राधिकरणों को अनुशंसा भेजी जाए।
▪︎बच्चों के मध्य किसी भी प्रकार की चरमपंथी, कट्टरपंथी अथवा राष्ट्रविरोधी विचारधारा के प्रसार की संभावना की जांच हेतु सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों को निर्देशित किया ��ाए।
▪︎राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) एवं शिक्षा विभाग को भी इस मामले से अवगत कराया जाए।
महोदय, शिक्षा संस्थानों का दायित्व राष्ट्र निर्माण, संवैधानिक मूल्यों एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना है। यदि किसी विद्यालय द्वारा इसके विपरीत गतिविधियां संचालित की जाती हैं तो उस पर कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अतः जनहित एवं राष्ट्रहित में आवश्यक एवं कठोर कार्रवाई करने की कृपा करें।
भवदीय,
akawasthi.official@gmail.com
@DGPMAHARASHTRA
@Dev_Fadnavis
व्यवस्थित मर्यादित तरीके से वैश्विक आंदोलन भगवती मानव कल्य���ण संगठन की नारीशक्ति कर रही है जो विश्व के लिए नशे के विरुद्ध क्रांति का प्रतीक है
इसे देखने समझने एवं गतिशीलता प्रदान करने हेतु हर भरसक प्रयास सभी को करना चाहिए
@ChhattisgarhCMO
क्या मांसाहार छोड़ने से जलवायु परिवर्तन में सुधार आ सकता है?
आज जलवायु परिवर्त�� (Climate Change) मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।
पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं और मौसम की चरम घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके प्रमुख कारणों में से एक पशुपालन उद्योग भी है।
मांस उत्पादन के लिए बड़ी मात्रा में भूमि, पानी और चारे की आवश्यकता होती है। विशेष रूप से गायों और भैंसों से निकलने वाली मीथेन गैस वाताव��ण में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में कई गुना अधिक गर्मी रोकती है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पशुपालन क्षेत्र से आता है।
यदि बड़ी संख्या में लोग मांसाहार कम कर दें या शाकाहार अपनाएँ, तो पशुपालन के लिए भूमि और संसाधनों की मांग घटेगी। इससे वनों की कटाई कम होगी, जल संसाधनों पर दबाव घटेगा और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी। साथ ही, अधिक भूमि पर वृक्षारोपण संभव होगा, जो वातावरण से कार्बन अवशोषित करने में मदद करेगा।
हालाँकि जलवायु परिवर्तन का समाधान केवल मांसाहार छोड़ने से नहीं होगा, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण कदम अवश्य है। स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली के साथ संतुलित शाकाहार पृथ्वी को सुरक्षित और हरित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
जय माता दी
[email protected]
अखिर कब तक ?
आजकल बाज़ार में नए-नए बाबा और चमत्कारिक दावों का दौर तेजी से बढ़ रहा है। कुछ लोग आस्था को व्यापार बनाकर लोगों की भावनाओं और मेहनत की कमाई का लाभ उठा रहे हैं।
याद रखें—
सच्चा संत समाज को जागृत करता है, स्वयं का प्रचार नहीं।
सच्चा धर्म विवेक सिखाता है, अंधविश्वास नहीं।
किसी भी व्यक्ति, संस्था या बाबा पर विश्वास करने से पहले उसके कार्य, चरित्र और समाज के प्रति योगदान को अवश्य परखें।
आस्था रखें, लेकिन विवेक के साथ।
श्रद्धा रखें, लेकिन प्रश्न पूछने का साहस भी रखें।
जागरूक बनें, अं��भक्ति से बचें और समाज को सही दिशा दें।"
akawasthi.official@gmail.
सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
मध्य प्रदेश शासन, भोपाल।
@CMMadhyaPradesh
विषय: दमोह जिले के 18 थान��� क्षेत्रों में रात्रिकालीन अवैध शराब बिक्री एवं शराब दुकानों से हो रही अवैध सप्लाई पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने बाबत।
भगवती मानव कल्याण संगठन विगत लगभग 15 वर्षों से समाज में व्याप्त अवैध शराब, गांजा, जुआ, सट्टा, अवैध खनन एवं अन्य सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान संचालित करते हुए पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करता आ रहा है।
संगठन का उद्देश्य समाज को नशामुक्त एवं अपराधमुक्त बनाना है।
महोदय, अत्यंत दुःख एवं चिंता के साथ अवगत कराना पड़ रहा है कि दमोह जिले के अनेक थाना क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है।
प्राप्त जानकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों की शिकायतों के अनुसार जिले के लगभग सभी प्रमुख थाना क्षेत्रों में रात्रि 12 बजे से प्रातः 9 बजे तक अवैध शराब की बिक्री निरंतर जारी रहती है।
शरा�� दुकान से बिना नंबर की मोटरसाइकिलों एवं चार पहिया वाहनों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब की सप्लाई किए जाने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। यह गतिविधियां आबकारी ��धिनियम एवं शासन के नियमों का खुला उल्लंघन हैं।
अवैध शराब की उपलब्धता के कारण—
• युवाओं में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।
• घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं एवं अपराधों में वृद्धि हो रही है।
• महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
• ग्रामीण क्षेत्रों का सामाजिक एवं सांस्कृतिक वातावरण दूषित हो रहा है।
• शासन की नशामुक्त समाज की परिकल्पना को गंभीर क्षति पहुंच रही है।
अतः आ���से विनम्र निवेदन है कि—
दमोह जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
शराब दुकानों से होने वाली अवैध सप्लाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
रात्रिकालीन विशेष अभियान चलाकर अवैध शराब विक्रेताओं एवं सप्लायरों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जिले को चरणबद्ध रूप से नशामुक्��� बनाने हेतु विशेष कार्ययोजना लागू की जाए।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रदेश सरकार एवं प्रशासन इस गंभीर सामाजिक समस्या पर संवेदनशीलता के साथ प्रभावी कार्रवाई कर जनता को राहत प्रदान करे!
भगवती मानव कल्याण संगठन
दमोह
@CMMadhyaPradesh
@DrMohanYadav51@DGP_MP
@CollectorDamoh
@SPDamohPolice
@MPEXCISE
@dharmendrlodhii
#Damoh
#NashaMuktDamoh
#StopIllegalLiquor
#IllegalLiquor
#DamohPolice
#MadhyaPradesh
#NashaMuktMadhyaPradesh
#BhagwatiManavKalyanSangathan
#YouthAgainstDrugs
#SaveRuralIndia
कॉकरोच पार्टी का जंतर मंतर पर👉 फंडेड प्रदर्शन
झलकियां
यही दिन देखने के लिए इनके मां बाप ने इन्हें आई फोन ले कर दिया था कि तुम कोकराच बनो ।
और खेलो
इन्हें हर एक को गधे की सख्त जरूरत हे 😂
🤣🐜😂
माननीय श्री विष्णुदेव साय जी
मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
रायपुर (छत्तीसगढ़)
@vishnudsai
विषय: छत्तीसगढ़ को चरणबद्ध रूप से पूर्ण नशामुक्त प्रदेश घोषित करने हेतु ऐतिहासिक पहल करने के संबंध में।
महोदय,
सादर
जय माता दी!
मैं, अजय अवस्थी, छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति, मातृशक्ति तथा आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आपसे एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर निवेदन कर रहा हूँ। यह विषय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामा��िक, नैतिक, आर्थिक और राष्ट्रीय पुनर्निर्माण से जुड़ा हुआ है।
आज छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। शराब, गांजा, सिंथेटिक ड्रग्स एवं अन्य मादक पदार्थों के कारण हजारों परिवार आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक रूप से टूट रहे हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी विशेषकर युवा वर्ग नशे के दुष्चक्र में फंसकर अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और भविष्य खो रहा है।
नशे के कारण—
• घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।
• महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों में वृद्धि हो रही है।
• सड़क दुर्घटनाओं में हजारों लोग असमय मृत्यु का शिकार हो रहे हैं।
• परिव���रों की आय का बड़ा भाग नशे में नष्ट हो रहा है।
• युवाओं में बेरोजगारी, अवसाद, अपराध और आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
• गरीब परिवार और अधिक गरीबी के दलदल में धकेले जा रहे हैं।
• समाज का नैतिक एवं सांस्कृतिक आधार कमजोर हो रहा है।
महात्मा गांधी जी ने कहा था कि यदि उन्हें एक दिन के लिए भी भारत का शासन मिले तो वे सबसे पहले शराब की दुकानों को बंद करेंगे। उनका मानना था कि शराब केवल व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को नष्ट कर देती है।
महोदय,
राज्य को शराब से राजस्व अवश्य प्राप्त होता है, परंतु यदि स्वास्थ्य व्यय, अपराध नियंत्रण, दुर्घटनाएं, न्यायिक प्रक्रियाएं, पारिवारिक विघटन, महिलाओं की सुरक्षा तथा मानव संसाधन की क्षति का वास्तविक मूल्यांकन किया जाए, तो नशे से होने वाली सामाजिक हानि किसी भी राजस्व लाभ से कहीं अधिक है।
अतः आपसे विनम्र आग्रह है कि छत्तीसगढ़ को देश का प्रथम आदर्श "नशामुक्त एवं संस्कारित प्रदेश" बनाने हेतु निम्नलिखित कदम उठाए जाएं—
वर्षवार लक्ष्य निर्धारित कर चरणबद्ध पूर्ण शराबबंदी की कार्ययोजना घोषित की जाए।
प्रत्येक जिले में आधुनिक नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएं।
विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अनिवार्य नशा-विरोधी शिक्षा लागू की जाए।
महिलाओं, पंचायतों एवं सामाजिक संगठनों को नशा उन्मूलन अभियान से जोड़ा जाए।
अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध विशेष टास्क फोर्स गठित की जा��।
नशामुक्त ग्राम, नशामुक्त नगर एवं नशामुक्त वार्ड अभियान प्रारंभ किया जाए।
युवाओं के लिए खेल, योग, ध्यान, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं।
शराब राजस्व के विकल्प के रूप में उद्योग, पर्यटन, कृषि प्रसंस्करण एवं निवेश
आधारित आय के स्रोत विकसित किए जाएं।
प्रत्येक वर्ष "राज्य नशामुक्ति प्रगति रिपोर्ट" प्रकाशित की जाए।
नशामुक्ति को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए।
मेरा दृढ़ विश्वास है कि यदि छत्तीसगढ़ नशामुक्ति की दिशा में साहसिक निर्णय लेता है, तो यह केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नही�� होगी बल्कि सामाजिक क्रांति का सूत्रपात होगा। आने वाली पीढ़ियां इस निर्णय को प्रदेश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित करेंगी।
आशा है कि आप करोड़ों माताओं, बहनों, युवाओं और जागरूक नागरिकों की इस भावना पर गंभीरतापूर्वक विचार करेंगे तथा छत्तीसगढ़ को नशामुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाएंगे।
"नशामुक्त छत्तीसगढ़ – समृद्ध छत्तीसगढ़, सुरक्षित छत्तीसगढ़, संस्कारित छत्तीसगढ़।"
सधन्यवाद।
भवदीय,
अजय अवस्थी
जनहित चिंतक एवं सामाजिक कार्यकर्ता
भगवती मानव कल्याण संगठन
[email protected]
#NashaMuktChhattisgarh
#NashaMuktBharat
#SaveYouthSaveNation
#WomenSafety
#DrugFreeChhattisgarh
#AjayAwasthi
#जनजागरण
#नशामुक्त_छत्तीसगढ़
#युवा_बचाओ_राष्ट्र_बनाओ
#संस्कारित_समृद्ध_छत्तीसगढ़
#परिवर्तन
@ChhattisgarhCMO
■ अल्पसंख्यक की परिभाषा और समान शिक्षा ��धिकार का प्रश्न▪︎▪︎▪︎
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने उस जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया, जिसमें देश के अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों पर भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) लागू करने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना एवं न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा महादेवन की पीठ ने 2014 के प्रसिद्ध Pramati Educational & Cultural Trust v. Union of India निर्णय का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक संस्थानों पर RTE अधिनियम लागू नहीं होगा। साथ ही याचिकाकर्ता संस्था पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
यह निर्णय एक बार फिर भारत में "अल्पसंख्यक" की संवैधानिक एवं कानूनी परिभाषा को लेकर चल रही बहस को केंद्र में ले आया है।
संविधान के अनुच्छेद 29 और 30 अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि, संस्कृति तथा शिक्��ण संस्थान स्थापित एवं संचालित करने का अधिकार प्रदान करते हैं, किंतु संविधान में "अल्पसंख्यक" शब्द की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है।
यहीं से कई महत्वपूर्ण प्रश्न उत्पन्न होते हैं। यदि अल्पसंख्यक की कोई स्पष्ट संवैधानिक या वैधानिक परिभाषा नहीं है, तो उसकी पहचान किस आधार पर की जाती है?
क्या इसकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर होगी अथवा राज्य स्तर पर?
क्या किसी जिले में बहुसंख्यक समुदाय किसी अन्�� जिले में अल्पसंख्यक माना जा सकता है?
किसी समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित करने का प्र��िशत या मानक क्या होगा?
इन प्रश्नों पर आज भी व्यापक राष्ट्रीय विमर्श की आवश्यकता महसूस की जाती है।
वर्तमान में National Commission for Minorities द्वारा अधिसूचित समुदायों को अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त है। इनके लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं, वित्तीय सहायता कार्यक्रम, शैक्षणिक संस्थानों को विशेष अधिकार तथा अन्य कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जाती हैं।
परंतु आलोचकों का तर्क है कि इतने व्यापक अधिकारों ए���ं व्यवस्थाओं के बावजूद अल्पसंख्यक की अवधारणा के निर्धारण हेतु कोई स्पष्ट, सार्वभौमिक और वस्तुनिष्ठ मानक स्थापित नहीं किया गया है।
समानता के संवैधानिक सिद्धांत की दृष्टि से भी यह विषय महत्वपूर्ण है। जब शिक्षा का अधिकार प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार माना गया है, तब यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या सभी शिक्षण संस्थानों पर समान नियम लागू होने चाहिए, अथवा सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अधिक��रों की रक्षा हेतु कुछ विशेष अपवाद आवश्यक हैं। यह एक जटिल संवैधानिक संतुलन का विषय है, जिस पर व��भिन्न पक्षों के अपने-अपने तर्क हैं।
आज आवश्यकता इस बात की है कि इस विषय पर भावनात्मक या राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि संवैधानिक, कानूनी और तथ्यपरक आधार पर गंभीर राष्ट्रीय चर्चा हो।
अल्पसंख्यक की पहचान, उसके मानदंड, उसकी इकाई तथा उससे जुड़े अधिकारों एवं दायित्वों पर स्पष्टता आने से न केवल विवाद कम होंगे, बल्कि संविधान की मूल भावना — समानता, न्याय और सामाजिक समरसता — को भी अधिक सुदृढ़ आ���ार मिलेगा।
📧 akawasthi.official@gmail.com
@AshwiniUpadhyay
#MinorityDefinition #EqualLaw #RTE #Constitution #Article30 #EqualRights #OneNationOneLaw@HMOIndia @PMOIndia
जिलाधिकारी महोदय,
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश
@DMKanpur
विषय: किदवई नगर चौराहा क्षेत्र में अवैध टेम्पो/ऑटो स्टैंड, सार्वजनिक स्थान पर पेशाब, शर���बखोरी, गाली-गलौज एवं यातायात अवरोध के संबंध में तत्काल कार्रवाई हेतु प्रार्थना-पत्र।
निवेदन है कि मैं किदवई नगर चौराहा क्षेत्र का निवासी हूँ। हमारे आवास के सामने लंबे समय से अवैध रूप से टेम्पो, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा एवं अन्य वाहन दिन-रात खड़े रहते हैं। स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के कारण यह स्थान एक अनधिकृत वाहन स्टैंड का रूप ले चुका है।
इस कारण क्षेत्र के निवासियों को निम्नलिखित गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है—
▪︎घरों के सामने सड़क पर वाहनों का स्थायी अतिक्रमण।
▪︎आवागमन में अत्यधिक कठिनाई तथा घर से वाहन निकालने में निरंतर बाधा।
▪︎टेम्पो चालकों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा सड़क किनारे खुले में पेशाब करना, जिससे ��स्वच्छता एवं दुर्गंध फैलती है।
▪︎रात्रि के समय वाहनों में बैठकर शराब सेवन करना।
▪︎आपसी विवादों में अभद्र भाषा, गाली-गलौज एवं असामाजिक गतिविधियाँ।
▪︎महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा एवं सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव।
यातायात व्यवस्था बाधित होना तथा दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ना।
पूरे क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित एवं असुरक्षित होना।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सार्��जनिक सड़क को अवैध रूप से वाहन स्टैंड बनाकर कानून एवं नागरिक अधिकारों का खुला उल्लंघन किया ��ा रहा है।
क्षेत्र के सभ्य नागरिक वर्षों से इस समस्या से मानसिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी कष्ट झेल रहे हैं।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि—
किदवई नगर चौराहा क्षेत्र में संचालित अवैध टेम्पो/ऑटो/ई-रिक्शा स्टैंड को तत्काल हटाया जाए।
सड़क एवं सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
शराब सेवन एवं असामाजिक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने हेतु नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए।
सड़क पर अवैध पार्किंग पूर्णतः प्रतिबंधित की जाए।
उक्त स्थान को अतिक्रमण मुक्त कर हरित क्षेत्र (Green Zone) अथवा जनहित उपयोग हेतु विकसित किया जाए।
संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जनहित एवं क्षेत्रवासियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए इस गंभीर समस्या पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें।
akawasthi.official@gmail.com
@kanpurnagarpol
@dcpsouthknr
@mayorkanpur
@myogioffice
@uppolice @kanpurpolice
#Kanpur #KidwaiNagar #IllegalTempoStand #TrafficProblem #CleanKanpur #GreenZone #PublicSafety #KanpurPolice #DMKanpur #NagarNigamKanpur
माननीय मुख्यमंत्री,
मध्य प्रदेश शासन
@DrMohanYadav51
विषय: सीधी जिले में मातृ मृत्यु की गंभीर स्थिति पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई हेतु।
मान्यवर,
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक वर्ष के भीतर 53 गर्भवती महिलाओं की मृत्यु की खबर अत्यंत चिंताजनक एवं हृदयविदारक है। यदि अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों, एम्बुलेंस व्यवस्था तथा समय पर उपचार के अभाव को इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है, तो यह केवल आंकड़ा नहीं बल्कि 53 परिवारों की अ��ूरणीय क्षति है।
मातृत्व किसी भी समाज की सबसे पवित्र एवं संवेदनशील अवस्था होती है। ऐसी परिस्थितियों में किसी भी महिला को केवल संसाधनों की कमी के कारण अपना जीवन गंवाना पड़े, यह क���्याणकारी राज्य की अवधारणा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि—
सीधी जिले सहित समस्त आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का विशेष ऑडिट कराया जाए।
जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्त्रीरोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट एवं आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की तत्काल व्यवस्था की जाए।
प्रत्येक मातृ मृत्यु की न्यायिक एवं प्रशासनिक जां�� कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
गर्भवती महिलाओं हेतु 24×7 आपातकालीन एम्बुलेंस एवं रेफरल प्रणाली को सुदृढ़ किया जाए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए विशेष मिशन मोड कार्यक्रम संचालित किया जाए।
मध्य प्रदेश की माताओं और बहनों का जीवन किसी भी राजनीतिक बहस से कहीं अधिक मूल्यवान है।
अपेक्षा है कि सरकार इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई करेगी।
"एक ���ी मातृ मृत्यु केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनशीलता की परीक्षा है।"
भवदीय,
अजय अवस्थी
[email protected]
#SaveMothersLives #MaternalHealth #Sidhi #MadhyaPradesh #HealthForAll #AjayAwasthi
@irajendrashukla @ChouhanShivraj @CMMadhyaPradesh
बिरसा मुंडा जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
मातृभूमि के लिए सर्वस्व त्याग करने की उनकी गाथा देश की हर पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति का संचार करती रहेगी।
#birsamunda#परिवर्तन
माननीय मुख्यमंत्री महोदया,
पश्चिम बंगाल सरकार
@SuvenduWB@WestBengalCMO
विषय: कालीघाट मंदिर की पवित्रता एवं श्रद्धालुओं के अधिकारों की रक्षा हेतु तत्काल हस्तक्षेप की मांग।
मैं आपका ध्यान कोलकाता स्थित Kalighat Kali Temple में श्रद्धालुओं द्वारा अनुभव की जा रही समस्याओं की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
कालीघाट मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। किंतु लगातार ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि मंदिर परिसर एवं उसके आसपास कथित अव्यवस्था, अवैध वसूली, श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार तथा राजनीतिक हस्तक्षेप जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं। यदि ये आरोप सत्य है���, तो यह न केवल श्रद्धालुओं के अधिकारों का हनन है, बल्कि मंदिर की गरिमा पर भी आघात है।
अतः आपसे आग्रह है कि:
मंदिर प्रशासन एवं वित्तीय व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए।
मंदिर परिसर को असामाजिक एवं राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखा जाए।
दर्शन व्यवस्था को सरल, सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाया जाए।
दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
माँ काली का यह पवित्र धाम राजनीति का नहीं, श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना रहे। प���्चिम बंगाल सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सम्मान और सुरक्षा के साथ दर्शन का अवसर मिले।
जय माँ काली।
सादर,
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#SaveKalighat #KalighatTemple #DevoteesFirst #WestBengal
🏵️ आज, 7 जून 2026 को भारतीय शक्ति चेतना पार्टी (BSCP) के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर, मैं पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में देश भर के सभी सम्मानित मतदाताओं, समर्थकों और हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देता हूँ! 🎉
भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के 14वें स्थापना दिवस पर सभी समर्पित कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं राष्ट्रभक्त नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
यह दिवस हमें राष्ट्रसेवा, चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता, नशामुक्ति, भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संकल्प को और अधिक दृढ़ करने की प्रेरणा देता है। हमारे प्रत्येक कार्यकर्ता का समर्पण ही संगठन की वास्तविक शक्ति है।
आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे भारत के निर्माण हेतु कार्य करें जो नैतिकता, आध्यात्मिकता, सद्भाव, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रभक्ति के उच्च आदर्शों पर आधारित हो।
राष्ट्र सर्वोपरि के भाव के साथ, आइए सेवा, संस्कार और संगठन के इस अभियान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ!
जय हिन्द
जय भारत 🇮🇳🇮🇳
2 साल पहले मेरे साथ भी नमक फैक्ट्री चौराहे के पास प���ट्रोल पंप में 11 लीटर क्षमता के बाइक पेट्रोल टैंक में बिना रिजर्व में लगे (लगभग 1.8 लीटर पेट्रॉल शेष ) 16 लीटर पेट्रोल भर दिया गया हालांकि ज्यादा भीड़ होने के बाद मुझे 500 रुपये वापस भी किए गए
#कान���ुर के पंप विशेष कला है उनमें..
🚨 अखिर कब तक ?
यदि किसी वाहन की टंकी की क्षमता 45 लीटर है और उसमें पहले से ईंधन मौजूद होने के बावजूद 52 लीटर से अधिक पेट्रोल भरने का बिल जारी किया जाता है, तो यह उपभोक्ता अधिकारों एवं माप-तौल प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
मान���ीय प्रशासन से निवेदन है कि संबंधित पेट्रोल पंप की निष्पक्ष जांच कराई जाए, डिस्पेंसिंग यूनिट का सत्यापन कराया जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आम नागरिकों के विश्वास एवं मेहनत की कमाई की रक्षा करना शासन-प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
सभी वाहन स्वामी भी ईंधन भरवाते समय रसीद अवश्य लें, मीटर पर नजर रखें तथा किसी भी संदेह की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई हेतु आग्रह:
@UPGovt
@UPPolice
@dmkanpur
@kanpurnagarpol
@IndianOilcl
@PetroleumMin
@fooddeptgoi
@NCDRCIndia
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"एक उपभोक्ता के साथ हुई धोखाधड़ी, लाखों उपभोक्ताओं के हितों से जुड़ा विषय हो सकती है। इसलिए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई आवश्यक है।"
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