#mathuravrindavan
घर में AC बंद होते ही,
हमारा ���ारा 100 degree पार हो जाता है... 😡
और UPPCL के customer care को,
हम अपनी पूरी vocabulary सुना देते हैं..
लेकिन कभी सोचा है?
जब हम कूलर की हवा ��ें बैठकर गालियां दे रहे होते हैं.
तब कोई अपनी जान हथेली पर रखकर...
दलदल, पानी और high voltage तारों के बीच मौत से खेल रहा होता है।
तस्वीर में दिख रहा यह stunt...
किसी movie की shooting नहीं,
हमारे घरों को रोशन करने की एक Dangerous मजबूरी है।
Light कटने पर गुस्सा होना बहुत easy है दोस्तों,
लेकिन इन जांबाजों की hard work को समझना भी जरूरी है।
इन्हें गालियों की नहीं, हमारे respect और support की जरूरत है। 🙏
Proud of these real-life Spidermans..
#uppcl #bijli
लेकिन अगर आप चाहे तो Sharp comment करने के लिए Free हैं..🤣
आज दिनांक 18 जुलाई 2026 को जनपद मेरठ में किसान संगठनों द��वारा विद्युत आपूर्ति बाधित होने के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान इं० सौरभ कुमार, विद्युत सहायक अभियंता (तृतीय), 11 केवी, मेरठ किसानों की समस्याएँ सुनने एवं उनसे वार्ता करने के उद्देश्य से ही धरना स्थल पर एसडीएम से ��िलने के लिए कलेक्ट्रेट के दूसरे गेट की ओर से जा रहे थे ,तभी कुछ किसानों द्वारा पुलिसकर्मियों से कहा गया कि एसडीओ भाग रहा है। इसके तुरंत बाद वहाँ मौजूद एक पुलिस उपनिरीक्षक (दरोगा) दौड़कर इं० सौरभ कुमार के पास पहुंचे और उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उनका हाथ पकड़ के ले जाने लगा जबकि इंजीनियर सौरभ एस डी एम से ही मिलेने धरना स्थल पर किसानों को संतुष्ट करने पहुचे थे। इंजीनियर सौरभ एक उपखण्ड अधिकारी स्तर के अधिकारी है और इस तरह का व्यवहार उनके साथ दरोगा स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाना नियम संगत नही है।
साथ ही कुछ अराजक तत्वों द्वारा इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रसारित किया गया, जिससे इंजीनियर सौरभ मानसिक रूप से आहत है और अपमानजनक महसूस कर रहे है। इस घटना से पूरे प्रदेश के बिजली अभियंताओं में गहरा रोष व्याप्त हो रहा है।
इस भीषण गर्मी में पूरे प्रदेश को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में लगे बिजली अभियंताओं के साथ इस प्रकार की अभद्रता स्वीकार करने योग्य नहीं है। माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी से अनुरोध है कृपया उपरोक्त प्रकरण में न्याय संगत कार्यवाही कराने की कृपा करें, जिससे सभी विद्युत अभियंता बिना किसी भय के सम्मान के साथ अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन कर सके।
@narendramodi
@myogiadityanath
@myogioffice
@aksharmaBharat
@ChiefSecyUP
@spgoyal
@dgpup
@adgzonemeerut
@digrangemeerut
@DmMeerut
@meerutpolice
@Uppolice
@UPGovt
@UPPCLLKO
@chairmanuppcl
@yadavakhilesh
@RahulGandhi
@Mayawati
@aajtak
@ABPNews
@ZeeNews
@News18India
@ndtv
@timesofindia
@IndianExpress
@TheEconomist
@EconomicTimes
Lucknow has been designated as a UNESCO Creative City of Gastronomy, a recognition of its distinguished culinary heritage and invaluable contribution to India’s rich gastronomic traditions.
This honour enhances Lucknow’s global stature, positioning it as a premier destination for food and culture, and opens new avenues for tourism promotion, culture-led economic growth, heritage conservation, and international collaboration through the UNESCO Creative Cities Network.
Guided by the visionary leadership of Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi ji, India’s timeless traditions, culture, and values continue to attain unprecedented recognition and respect on the global stage.
#LucknowUNESCOCityOfFlavours
बिजली की माँग 30251 मेगावॉट पहुंचने के बाद निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाये रखने की बिजली कर्मियों से अपील : निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान उपभोक्ताओं को कोई कठिनाई न होने पाये: निजीकरण के विरोध में अगले सप्ताह से केन्द्रीय पदाधिकारियों के प्रांतव्यापी दौरे
विद्युत कर्मचारी संयुक्त ���ंघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने बिजली कर्मियों से अपील की है कि निजीकरण के विरोध में चलाये जा रहे आंदोलन के दौरान बढ़ी हुई बिजली की मांग को देखते हुए बिजली उपभोक्ताओं को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में आज लगातार 266 वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में सभी जनपदों और परियोजनाओं पर व्यापक जनसंपर्क कर विरोध प���रदर्शन जारी रखा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि 19 अगस्त को रात 10.21 बजे 30251 मेगावॉट बिजली की माँग पहुंच गई जिसके आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है। जून में 31486 मेगावॉट की अब तक की सबसे अधिक मांग रही है। अगस्त सितम्बर में ��िजली की मांग इससे भी अधिक रहने की सम्भावना है।
संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मी निजीकरण के विरोध में चल रहे संघर्ष में उपभोक्ताओं को साथ लेकर चल रहे हैं । यह अपने आप में एक कीर्तिमान है कि विगत 266 दिन के आन्दोलन में बिजली कर्मियों ने आन्दोलनरत रहते हुये भी महाकुम्भ में बिजली की अद्वितीय व्यवस्था बनाये रखी और मई जून की भीषण गर्मी में अधिकतम बिजली आपूर्ति के कीर्तिमान बनाये। संघर्ष समिति का बिजली कर्मियों को निर्देश है कि आंदोलन के कारण किसी भी उपभोक्ता को कठिनाई नहीं होनी चाहिए।
संघर्ष समिति ने कहा है कि जहां बिजली कर्मी आंदोलन के साथ उपभोक्ताओं की समस्याओं का भी समाधान कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन बिजली कर्मियों का दमन कर कार्य का वातावरण लगातार बिगाड़ रहा है। हजारों बिजली कर्मियों का जून, जुलाई माह का वेतन काम करने के बावजूद नहीं दिया गया है जो सबसे अधिक निन्दनीय है। संघर्ष समिति ने कहा कि चाहे जितना दमन किया जाए बिजली कर्मियों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण वापस नहीं होता और उत्पीड़न की समस्त कार्यवाहियां निरस्त नहीं की जाती।
संघर्ष समिति का निर्णय है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का टेंडर होने पर सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार प्रारंभ कर देंगे और शुरू होगा सामूहिक जेल पर हुआ आंदोलन।
आज राजधानी लखनऊ में संघर्ष समिति के केन्द्रीय पदाधिकारियों की बैठक में निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई गई। अधिकतम अभियंताओं तक जनसंपर्क तेज करने की दृष्टि से अभियन्ता सं�� ने आज से परियोजना वार ऑनलाइन मीटिंग करना प्रारम्भ किया है। आज हरदुआगंज और पारीछा ताप बिजली घरों के अभियंताओं की ऑनलाइन मीटिंग हुई। अगले सप्ताह से संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों के प्रांतव्यापी दौर प्रारंभ होंगे।
#stop_privatization_of_uppcl
@narendramodi
@myogiadityanath
@myogioffice
@aksharmaBharat
@ChiefSecyUP
@spgoyal
@UPGovt
@UPPCLLKO
@yadavakhilesh
@RahulGandhi
@Mayawati
@aajtak
@ABPNews
@ZeeNews
@News18India
@ndtv
@timesofindia
@IndianExpress
@TheEconomist
@EconomicTimes
🔆🏡 क्या आपके घर में स्मार्ट मीटर पहले से लगा है?
तो आपके लिए पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना और भी ज्यादा फायदेमंद है!
✅ ₹6000 तक नेट मीटरिंग में बचत
✅ शीघ्र और सरल प्रक्रिया
✅ सोलर इंस्टॉलेशन में समय की बचत
⚡ हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली का ��ाभ!
अभी आवेदन करें 👉 https://t.co/vIguWqVhz1
📞 टोल-फ्री नंबर: 155243
[PM Surya Ghar Yojana | Solar Energy | Smart Meter | Rooftop Solar | Muft Bijli Yojana | Government Subsidy | Renewable Energy]
#PMSuryaGhar #MuftBijliYojana #SmartMeterBenefits #SolarUP #UPNEDA
@CMOfficeUP
@JoshiPralhad
@aksharmaBharat
@isomendratomar
@ChiefSecyUP
@ACS_Energy
@MinOfPower
@mnreindia
@beeindiadigital
@PetroleumMin
@UPNEDA_Agency
@Nise_Gurgaon
@SECI_Ltd
निजीकरण का विफल प्रयोग उप्र की गरीब जनता पर न थोपा जाय: उप्र के सांसदों और विधायकों को पत्र भेजकर संघर्ष समिति ने की मांग
संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के सभी सांसदों और विधायकों को पत्र भेज कर मांग की है कि वे प्रभावी पहल करें जिससे उत्तर प्रदेश की जनता पर निजीकरण का विफल हो चुका प्रयोग थोपा न जाय और ग्रेटर नोएडा व आगरा की बिजली वितरण व्यवस्था को पॉवर कारपोरेशन टेकओवर करे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के के��द्रीय पदाधिकारियों ने आज यहां बताया कि बिजली के निजीकरण का प्रयोग उड़ीसा और अन्य स्थानों पर पूरी तरह विफल हो चुका है। उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा और आगरा में बिजली के निजीकरण से पावर कारपोरेशन को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है और हो रहा है। ऐसे में विकसित भारत और विकसित उप्र के विजन में सबसे बड़ी प्राथमिकता पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीक��ण का निर्णय निरस्त करना और ग्रेटर नोएडा और आगरा की विद्युत वितरण व्यवस्था को तत्काल सरकारी क्षेत्र में टेकओवर करना होना चाहिए।
आगरा डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी मेसर्स टोरेंट पावर कंपनी के बारे में सांसदों और विधायकों को भेजे गए पत्र में वर्ष 2010 से 2024 तक का प्रत्येक साल का विवरण दिया गया है। विवरण के अनुसार प्रत्येक वर्ष पॉवर कॉरपोरेशन ने महंगी दरों पर बिजली खरीद कर टोरेंट पावर को सस्ती दर पर आपूर्ति की है और इससे भारी घाटा होता जा रहा है। संघर्ष समिति ने सवाल किया कि यह कौन सा निजीकरण है जिसमें निजी क्षेत्र को बिजली आपूर्ति करने में ही पावर कारपोरेशन को 2434 करोड रुपए का नुकसान हो चुका है।
संघर्ष समिति ने कहा कि दरअसल यह नुकसान लगभग 10000 करोड रुपए का है। आगरा एक औद्योगिक और व्यावसायिक शहर है। आगरा भारत की लेदर कैपिटल है। वर्ष 2023 - 24 में जहां पावर कारपोरेशन ने 05 रुपए 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद कर टोरेंट पावर को 04 रुपए 36 पैसे प्रति मिनट की दर पर बेचा�� महंगी बिजली खरीद कर सस्ते में बेचने से पॉवर कॉरपोरेशन को वर्ष 2023 - 24 में 274 करोड रुपए का नुकसान हुआ है। आगरा औद्योगिक शहर होने नाते आगरा में बिजली विक्रय की दर 07 रुपए 98 पैसे प्रति यूनिट है। इस प्रकार सस्ती बिजली खरीद कर टोरेंट पावर ने केवल एक वर्ष में 800 करोड रुपए का मुनाफा कमाया है। यदि आगरा की बिजली व्यवस्था सरकारी क्षेत्र में रहती तो यह मुनाफा पावर कारपोरेशन को मिलता । इस प्रकार एक वर्ष में ही लगभग 1000 करोड रुपए का घाटा पावर कारपोरेशन को उठाना पड़ा है।
संघर्ष समिति ने पत्र मे लिखा है कि इसके अतिरिक्त 01 अप्रैल 2010 को पावर कारपोरेशन का आगरा शहर में बिजली राजस्व का 2200 करोड रुपए का बक���या था जिसे एग्रीमेंट के अनुसार टोरेंट पावर को एकत्र करके पावर कारपोरेशन को वापस करना था। इसके एवज में पावर कॉरपोरेशन 10% धनराशि टोरेंट पावर को इंसेंटिव के रूप में देती। आज 15 वर्ष व्यतीत हो गए हैं और टोरेंट पावर ने 2200 करोड रुपए की बकाया की धनराशि में एक पैसा भी पावर कारपोरेशन को वापस नहीं किया।
संघर्ष समिति ने कहा कि इस प्रकार आगरा के अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी में हजारों करोड रुपए का ���ुकसान पावर कारपोरेशन को उठाना पड़ रहा है और पावर कारपोरेशन ने इस एग्रीमेंट को निरस्त करने के लिए एक बार भी टोरेंट पावर को नोटिस नहीं दिया।
ग्रेटर नोएडा के बारे मे संघर्ष समिति ने पत्र में लिखा है कि ग्रेटर नोएडा में निजी कंपनी मेसर्स नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को शेड्यूल के अनुसार विद्युत आपूर्ति नहीं करती क्योंकि यह घाटे वाले ��्षेत्र हैं। इसी कारण और कई अन्य शिकायतों के चलते उत्तर प्रदेश सरकार नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड का वितरण लाइसेंस निरस्त कराने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय में मुकदमा लड़ रही है।
संघर्ष समिति ने पत्र में उदाहरण देकर बताया है कि उड़ीसा में निजीकरण का प्रयोग तीसरी बार विफल हो गया है। उड़ीसा का विद्युत नियामक आयोग टाटा पावर की चारों कंपनियों के बहुत खराब परफॉर्मेंस के चलते 15 अगस्त के बाद ���ाटा पावर के विरुद्ध जन सुनवाई करने जा रही है। इसके अतिरिक्त अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी का प्रयोग उज्जैन,सागर,ग्वालियर,रांची,जमशेदपुर, औरंगाबाद,नागपुर,जलगांव,मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया में विफलता के चलते निरस्त किया जा चुका है।
संघर्ष समिति ने माननीय सांसदो और विधायको से मांग की है कि वे अपने पद का सदुपयोग करते हुए प्रभावी पहल करें और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल ��िद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त कराने की कृपा करें।
प्रिय मित्रों,भाइयों,शुभचिंतकों आप सभी लोगों से निवेदन है कि बरसात का मौसम चल रहा है बिजली जनित हादसों से बचने हेतु निम्न सावधानियां बरतें:-
1.बिजली के खंभों को छूने से बचे।
2.बिजली के खंभों से अपने मवेश��यों को ना बांधे।
3.यथासंभव बिजली लाइनों के नीचे कोई भी प्रोग्राम ना करे।
4.नए भवनों से बिजली लाइनों की उचित दूरी बनाए रखें।
5.खेत की मेड़ पर यदि बिजली खंभा लगा है तो उचित दूरी रख कर ही जुताई करे ।
6.बिजली खंभे पर यदि स्पार्किंग हो रही हैं तो तुरंत अपने फीडर इंचार्ज ,जेई,संबंधित सब स्टेशन पर सूचना दे ।
7.यदि बारिश में खंभे पर तेज स्पार्क हो रहा हो और आस पास पानी भरा हुआ है तो उस रास्ते
से या पानी में जाने से बचे व दूसरों को भी सावधान करें ।
8.यदि बिजली के तार किसी पेड़ के निकट से गुजर रहे हो तो किसी भी स्थिति में उस पर चढ़ने से बचे।
9.ट्रांसफार्मर, लाइनो पर बम्बू से या किसी और चीज से कुंडी नहीं डाले,हेवी लाइनों पर रिसाव होने से व ग्राउंड होने से बड़ा हादसा हो सकता है
10.किसी भी बड़े वाहन की छत पर यात्रा न करे
11.यदि बारिश की वजह से कोई लाइन ढीली पड़ गई हो या सड़क के उपर से नीची हो तो तुरंत अपने फीडर इंचार्ज, जेई या फिर सब स्टेशन पर सूचना दे ताकि समय पर सुधार हों सके ।
12.बिजली खंभों को चार दिवारी या बाउंड्रीवाल में अतिक्रमण ना करें, हादसा होने पर भारी नुकसान हो सकता है।
13.घर में उपकरण अच्छी क्वालिटी के ही उपयोग करें ।
14.घर ��े अंदर बिजली फिटिंग में अर्थिंग जरूर कराएं व अपने उपकरण को उससे जोड़े रखे।
15.अपने सभी स्विच,एमसीबी, इएलसीबी उच्च कोटि की ही काम में लाएं व लगाएं ।
16.बगैर जानकारी के किसी भी उपकरण को छुने या खोलने से बचे ।
17.यदि कोई व्यक्ति बिजली के गिरफ्त मे हो तो तुरंत उसे बचाने हेतु निम्न कार्य करे —
सबसे पहले अपने आपको किसी सुखी जगह पर होना सुनिश्चित करें, फिर अपने जूते, जो भीगे ना हो, कोई भी धातु लगे ना हो,व��� पहने,फिर किसी इंसुलेटेड डंडे (प्लास्टिक, लकड़ी जो सुखा हों) से व्यक्ति को छुड़ाने का प्रयास करे,यदि शाक घर के अंदर लगा है तो तुरंत मेन स्विच ऑफ करे । व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल ले जाए।
आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।
@CMOfficeUP
@aksharmaBharat
@UPPCLLKO
@mduppcl
पावर कारपोरेशन में ट्रांसफर पॉलिसी के विपरीत ट्रांसफर, पोस्टिंग के नाम पर हुआ जबरदस्त भ्रष्टाचार। ट्रांसफर, पोस्टिंग में बड़े स्तर पर लेनदेन के मामले माननीय ऊर्जा मंत्री जी तक पहुंचे हैं। जिसकी ऑडियो उत्तर प्रदेश में ही नहीं ल्कि पूरे देश में जमकर वायरल हो रही, जिसमें लोन लेकर ट्रांसफर पोस्टिंग करने की बात चर्चा में आ रही है। लेकिन इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामले संज्ञान में आने के बाद भी ना ही तो ट्रांसफर आर्डर पर रोक लगाई गई है और ना ही भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्रवाई की गई है। इससे कहीं ना कहीं यह प्रतीत होता है कि भ्रष्टाचार के मामले में सब आपस में मिले हुए हैं और माननीय मुख्यमंत्री जी की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीतियों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
हम माननीय मुख्यमंत्री से अ��ुरोध करते हैं कि समस्त ऊर्जा निगमों में ट्रांसफर पॉलिसी के विपरीत मनमाने तरीके से हजारों की संख्या मे हुए ट्रांसफर, पोस्टिंग की अगर उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो इसमें सैकड़ो करोड़ का भ्रष्टाचार निकलकर सामने आयेगा।
#Transfer_posting_corruption_in_UPPCL
@narendramodi
@myogiadityanath
@myogioffice
@aksharmaBharat
@ChiefSecyUP
@UPGovt
@UPPCLLKO
@yadavakhilesh
@RahulGandhi
@Mayawati
@aajtak
@ABPNews
@ZeeNews
@News18India
@ndtv
@timesofindia
@IndianExpress
@TheEconomist
@EconomicTimes
*उप्र के बिजली कर्मियों के समर्थन में दिल्ली में 09 जून को नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग में लिया जाएगा निर्णय: संघर्ष समिति की ऑनलाइन मीटिंग में 22 जून की महा पंचायत की तैयारी: निजीकरण पर प्रबन्धन से पूछे पांच और सवाल*
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के प्रांतीय पदाधिकारियों की आज ऑनलाइन मीटिंग हुई । इस मीटिंग में निजीकरण के विरोध में विगत छह माह से चल रहे आंदोलन की समीक्षा की गई और आगामी 22 जून को लखनऊ में होने वाली किसानों, उपभोक्ताओं और बिजली कर्मियों की महापंचायत की तैयारी और महापंचायत में रखे जाने वाले प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
ऑनलाइन बैठक में सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर से संकल्प व्यक्त लिया कि छह माह तो कुछ भी नहीं है, निजीकरण के विरोध में आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक निजीकरण का फैसला पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता।
प्रत्येक सप्ताह के शनिवार और रविवार को निजीकरण पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से पूछे जाने वाले पांच प्रश्नों के क्रम में संघर्ष समिति ने कल पांच प्रश्न पूछे थे आज पांच और प्रश्न पूछे।
पहला प्रश्न - क्या निजी कॉरपोरेट घरानों की सहूलियत की दृष्टि से निजीकरण के पहले ही बड़े पैमाने पर लगभग 45% संविदा कर्मियों को हटाया जा रहा है, हटा दिया गया है ? भीषण गर्मी में अनुभवी संविदा कर्मियों को हटाए जाने से क्या बिजली आपूर्त��� प्रभावित नहीं हो रही है ? क्या प्रबन्धन बिजली व्यवस्था बिगाड़ कर निजीकरण थोपना चाहता है?
दूसरा प्रश्न - निजीकरण पर पॉवर कारपोरेशन द्वारा जारी frequently asked questions प्रपत्र में लिखा है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण नहीं हो रहा है अपितु पी पी पी मॉडल पर सुधार हेतु निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है जिसमें निजी क्षेत्र की 51% और सरकारी ।क्षे���्र की 49% भागीदारी होगी जो लगभग बराबर ही है। प्रश्न यह है कि जिसकी 51% भागीदारी होती है क्या उसका मालिकाना हक नहीं होता ? निजी क्षेत्र की 51% भागीदारी ग्रेटर नोएडा में है । क्या ग्रेटर नोएडा की कंपनी नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड निजी कंपनी नहीं है ?
��ीसरा प्रश्न है - पॉवर कारपोरेशन कह रहा है कि निजीकरण इसलिए किया जा रहा है क्योंकि घाटा बढ़ता जा रहा है और घाटे की भरपाई के लिए सरकार को सब्सिडी एवं लास फंड देना पड़ रहा है जो बढ़ता ही जा रहा है और जिस बोझ को अब आगे सरकार वहन नहीं कर सकती । सब्सिडी को घाटा बताना और घाटे में जोड़ना एक बहुत गंभीर बात है। भारतीय जनता पार्टी ने 2017 में जारी किए गए अपने संकल्प पत्र में लिखा था कि गरीबी की रेखा के नीचे रहन�� वालों को मात्र 03 रुपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली दी जाएगी। इसकी सब्सिडी देना सरकार की बाध्यता है। सवाल है कि पॉवर कारपोरेशन स्पष्ट करे कि क्या निजीकरण के बाद सरकार सब्सिडी की धनराशि नहीं देगी ? यदि निजीकरण के बाद सरकार सब्सिडी की धनराशि देगी तो सरकारी क्षेत्र को यह धनराशि देना बोझ कैसे है ?
चौथा प्रश्न है - 51% हिस्सेदारी बेचकर निजीकरण करने से क्या सुधार की गारंटी है ? उड़ीसा में 1999 में चार वि��्युत वितरण कंपनियां बनाकर निजी क्षेत्र को 51% हिस्सेदारी दी गई थी। एक निजी कंपनी अमेरिका की ए ई एस कम्पनी ने च��्रवात में ध्वस्त हुए बिजली के नेटवर्क को बनाने से इनकार कर दिया और यह कंपनी एक साल बाद ही भाग गई। 16 साल के बाद फरवरी 2015 में उड़ीसा विद्युत नियामक आयोग ने सुधार में पूर्णतया विफल रहने के कारण अन्य तीनों विद्युत वितरण कंपनियों का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। क्या गारंटी है कि जो उड़ीसा में हुआ वह निजीकरण के बाद उत्तर प्रदेश में नहीं होगा ?
पांचवां सवाल है - माननीय ऊर्जा मंत्री श्री अरविंद कुमा��� शर्मा ने ट्वीट किया है कि 2017 में 41% ए टी एंड सी हानियों से घटकर 2024 में ए टी एंड सी हानियां 16.5% रह गई हैं। यह उत्तर प्रदेश में बिजली सेक्टर में मा योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में बहुत बड़ा सुधार है। सवाल है कि ऊर्जा मंत्री इतने बड़े सुधार का दावा कर रहे हैं जो आंकड़ों की दृष्टि से सही भी है तो किस अन्य (?) सुधार के लिए उत्तर प्रदेश के 42 जनपदों का एक साथ निजीकरण किया जा रहा है ?
@narendramodi
@myogiadityanath
@myogioffice
@aksharmaBharat
@ChiefSecyUP
@UPGovt@UPPCLLKO
@yadavakhilesh
@RahulGandhi@Mayawati
@aajtak@ABPNews@ZeeNews
@News18India
@ndtv
@timesofindia
@IndianExpress
@TheEconomist
@EconomicTimes
कोटा की आइसीआइसीआइ बैंक की मैनेजर को शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट करने का ऐसा चस्का लगा की न सिर्फ अपने बल्कि अपने पिता के 40 लाख रुपए और तो और अपने बैंक के खातेदारों के 6 करोड रुपए निकालकर शेयर बाजार में डूबा दिए
अब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है
2017 में 1.80 करोड़ बिजली के उपभोक्ता थे जो कि अब मा• @myogiadityanath जी के नेतृत्व में बढ़कर 3.60 करोड़ हो गए हैं आज उत्तर प्रदेश के हर घर में, हर गाँव में, हर मजरे में, हर गली में, हर दुकान में बिजली उपलब्ध है तो मा• @aksharmaBharat जी अब बिजली का निजीकरण क्यों कर रहे हैं ?
बिजली के निजीकरण के विरोध में पूर्वांचल मुख्यालय वाराणसी में हुई जबरदस्त बिजली महापंचायत। माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया गया है कि व्यापक जनहित में बिजली के निजीकरण के प्रस्ताव को निरस्त किया जाए।
@narendramodi@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@UPPCLLKO
Advisory for UPPCL consumers to save electricity in Summer Season:-
*Air Conditioner*
- Do not set the temperature setting of AC too low. 24 deg. C to 25deg. C is comfortable for the human body.
Keep the room doors, windows and vents tightly shut when the Air Conditioner is running, to prevent leakage of cooled air.
Increase temperature of AC by 1 degree saves 6% of electricity INR 1500 annually.
Clean your AC filter before use in summer.
Use the ceiling fan along with the AC to increase the circulation of cool air and to enhance the cooling effect.
*Refrigerator*
- Keep at least a 6 inch gap between walls and the refrigerator for circulation of air. This improves the cooling efficiency.
- If buying a new refrigerator, prefer a 4 or 5 star labelled energy efficient refrigerator which has 50 % less consumption compared with conventional ones.
- Allow hot food to cool before putting it into the refrigerator.
*Washing Machine*
- Run cold water washing cycles instead of hot water cycles. It saves 90 % of energy, otherwise used by the machine to heat up the water.
- Dry your clothes under the sun or in natural air instead of drying them in the Washing Machine. It saves the power otherwise being used for the Drying cycle.
*Laptops / Desktop*
- Work from Home Many customers are working from home – switch off laptop / desktop when not in use. It saves 40 % of the energy Prefer Laptop PC which consumes only 90 Watts power and is space efficient.
*Fan*
Use Energy efficient 5-star ceiling fan which consumes 60 percent less energy Use electronic fan regulators instead of conventional (Resistive/mechanical) regulators.
*Tubelights*
- Replace 36 & 40 W T8 /T12 Tube light or 28 W T5 Tube light by 20-watt LED Tube light which consumes less power with same or more light output. Replace incandescent lamps / CFLs with LED light which will save 50 % energy & have six to ten times longer life.
उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन ने पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल डिस्कॉम के निजीकरण हेतु आज पॉवर कॉरपोरेशन ने शुरुआत कर दी है जल्द ही दोनों डिस्कॉम को निजी कंपनियों जैसे अदानी, टॉरेंट पॉवर, टाटा पॉवर, यमुना पॉवर,BSES या अन्य बिजली कंपनियों को हैंडओवर करने की तैयारी यहां पर यह बड़ा सवाल है कि निजीकरण से सबसे ज्यादा फायदा/नुकसान किसको होगा -
1- सरकार
2-किस��न/आम आदमी
3-बिजली कर्मचारी
बिजली कर्मियों का मत है कि निजीकरण से सरकारी नौकरियां प्रभावित होंगी,आम जनता को महंगी बिजली मिलेगी,निजी कंपनियों किसानों को फ्री बिजली क्यू देंगी और भी कई गंभीर सवाल हैं जिनका जवाब प्रबंधन नहीं दे पाया है।
उत्तर प्रदेश सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर समय रहते विचार किया जाना आवश्यक है वर्तमान व्यवस्था में बदलाव , इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार कर,युवाओं को नई भर्तिय���ं निकालकर सरकारी क्षेत्र में रखकर भी बदलाव कर घाटे को दूर किया जा सकता है निजी कंपनियों कभी भी घाटे के लिए कार्य नहीं कर सकती है। क्या उत्तर प्रदेश राज्य वर्तमान में निजीकरण के लिए तैयार है, क्या निजी कंपनियों आते ही सारी समस्याओं को बिना निवेश के खत्म कर देगी ,क्या आरक्षण व्यवस्था बरकरार रह पाएगी ।
सवाल बहुत है लेकिन समय बहुत कम है निजीकरण का प्रयोग पहले ही कई राज्यों में फेल हो चुका है उसको बावजूद निजीकरण को आगे बढ़ाना किसी के हित में नजर नहीं आ रहा है।
@CMOfficeUP
@PMOIndia
@DyCMGoUP
@ChiefSecyUP
चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निजीकरण के नाम पर महा घोटाला होने जा रहा है इसके विरोध में शक्ति भवन पर"भ्रष्टाचार बंद करो, कुर्सी छोड़ो कुर्सी छोड़ो"के नारे के साथ शांतिपूर्वक रैली निकाली गई।देश की सरकारी संपत्तियों को ना बिकने देंगे,ना लुटने देंगे!
@UPPCLLKO