@TheUpenYadav कैसे भी थर्ड ग्रेड से पहले फर्स्ट ग्रेड और सैकंड ग्रेड की ज्वाइनिंग करवा दो,, चाहें थर्ड ग्रेड की सितंबर लास्ट तक हो जाए ज्वाइनिंग,, हजारों परिवारों को बचा लो, बहुत सीट खराब हों जाएंगी वरना @DrBDKallaINC @KISANHANUMAN_ @vinodmittal9@RPSC1@nkchoudhary0691
@zeerajasthan_@RajGovOfficial@RajCMO@PSKhachariyawas @sachinZeeraj वो तो प्रताप सिंह खाचरियावास मंत्री जी की जुबान फिसल गयी थी कि 3 फरवरी के बाद 2 महिने हो गये जयपुर में आये हुए मुझसे मिले ही नहीं तो अब क्या करूँ मेरी मुख्यमंत्री जी सुनते ही नहीं है ।
@GovindDotasra मंत्रालयिक कर्मचारियों का महापड़ाव शिप्रा पथ पर 56 दिन से चल रहा है जिसमे 5 कर्मचारी शहीद हो गये हैं और 15 कर्मचारी 7 दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं लेकिन हमारी सरकार उनकी बात नही सुन रही है देखो क्यसो कामनाएँ कर रही है हमारी सरकार।
@GovindDotasra आज मंत्रालयिक कर्मचारियों की सुबह 7:00 बजे आये आंधी तूफ़ान मे महापड़ाव के दौरान पाण्डाल के नीचे न्याय पत्र की माँग पर दुबक कर बैठने की स्थिति । अमीर अफसरों नेताओं ,विधायकों,मंत्रियों को 100यूनिट बिज़ली की छूट देने वाले यशस्वी मुख्यमंत्री 54दिन से नहीं कर रहे हें सुनवाई ।
@zeerajasthan_@RajGovOfficial@jaipur_police G news का भी सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ता है ।मंत्रालयिक कर्मचारियों की मांगोंको लेकर सरकारी अधिकारी,नेताओं,विधायकों,मंत्रियों ने रूचि नहीं दिखाई ।1986 से पीछे धकेलने के बाद 1998 मे समझौता किया लेकिन लागू नहीं करने के कारण मंत्रालयिक कर्मचारियों को आज यह दुखद स्थिति बनी है ।
50 दिन में 5 और 60 दिन में छठा शहीद होने के लिए तैयार हो गया है फिर भी सरकार एक लाख कर्मचारियों पर आश्रित परिवारो की बात नहीं सुन रही है । बड़े शर्म की बात है ।
क्या इस प्रकार से अपने कर्मचारियों पर ध्यान नहीं देना सरकार की संवेदनहीनता नहीं है??
40 दिन से मंत्रालयिक कर्मचारी शिप्रा पथ में महापड़ाव डालकर डटे हुए है। रात्रि को प्रकृति ने पूरा पाण्डाल उजाड़ दिया।
मा. मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी @RajCMO बाबू वर्ग की मांगों को पूर्ण करावें।
@SikarCongressSM @ashokgehlot51@_lokeshsharma माननीय जी इन मंत्रालयिक कर्मचारियों को देने पर क्यों थक रहे हो 50 दिन से लगातार माँग रहे हैं । सर्दी,गर्मी,बरसात और आंधी तूफान में शिप्रा पथ जयपुर में महापड़ाव डालकर 5 कर्मचारी की मृत्यु एवं आमरण अनशन करने के बाद भी आपका मन देने को तैयार नहीं है।आखिर क्यों?