पढ़े लिखे जमीनी नेता और चाँदी का चम्मच लेकर पैदा हुए नेताओ में यही फ़र्क़ होता है। लोग ज्ञानेश कुमार को निशाना बना रहे थे, लेकिन प्रशांत किशोर जमीन पर रहा है चुनाव देखा है, उसने कम शब्दों में पूरा सबूत और तर्क के साथ बता दिया को चुनाव आयोग ये कब कैसे और क्यों कर रहा है। अभी तक के नेताओ में सबसे लॉजिकल सवाल उठाया है प्रशांत किशोर जीने।
जब कोई इंसान लोगों की सोच की सीमा से बाहर निकलकर चार शब्द कह देता है,तो लोग उसके शब्दों को समझने की कोशिश नहीं करते या तो उसे भगवान बना देते हैं,या पागल शायद समाज को सबसे ज्यादा डर उसी इंसान से लगता है,जो उसकी तय की हुई सोच के दायरे में जीने से इनकार कर दे...!
تمارين كيجل فعالة للرجال
من فوائد تمارين كيجل:
• تقوية عضلات قاع الحوض
• تحسين التحكم بالمثانة
• دعم الصحة الجنسية
• المساعدة على تحسين التحكم بالقذف لدى بعض الرجال
• دعم عضلات الحوض لدى النساء
تمرين بسيط، وفوائده تبدأ مع الاستمرارية.
🧵 3 exercises every man should master for better performance.
You don’t need 2 hours in the gym—just control over your body.
They look simple… until you do them right. 👇
शहद व आंवला जब मिलते हैं तो आंवले का तो मुरब्बा बन जाता है और शहद अमृत हो जाता है। चाशनी का मुरब्बा सिर्फ स्वाद देता है और मुरब्बा समाप्त हो जाने पर चाशनी को फेंकना पड़ता है। वह इतना स्वास्थ्यकर नहीं होता जबकि शहद के मुरब्बा में बचा हुआ शहद और गुणवान हो जाता है।
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#MannKiBaat
यूपी में खाने की वैराइटी जबरदस्त है। सभी 75 जिलों को देखिए तो आपको हर जिले में कुछ न कुछ खास मिलेगा।
लखनऊ की मक्खन मलाई, हमारे जिले में समोसा, पड़ोसी जिले प्रतापगढ़ में आंवले के प्रोडक्ट, कौशांबी में मुगौड़ा। मतलब बहुत सारी चीजें हैं।
यूपी के सभी 75 जिलों के 208 पारंपरिक शाकाहारी जायकों के बारे में अब आप एक जगह पर देख सकते हैं। One District One Cuisine (ODOC) नाम के पोर्टल पर सभी जानकारी उपलब्ध है।
मतलब कहीं घूमने जाएं तो वहां का मशहूर आइटम जरूर चखें। यूपी सिर्फ ऐतिहासिक रूप से ही नहीं बल्कि स्वाद के रूप में भी संपन्न है।
जिस मौसम विभाग वाले ने देशी आइटम फूंककर बारिश कम होने की संभावना जताई थी, उसे पूर्वांचल के लोग छाता लेकर दो दिन से खोज रहे हैं. उस भाई से निवेदन है रजाई ओढ़कर ही बाहर निकले, मौसम वाक़ई ख़राब है गुरु.
जब मैंने उसे बताया कि मेरे पास घर नहीं है, अच्छी नौकरी नहीं है, कार नहीं है और बाइक भी नहीं है फिर भी उसने कहा कि कोई बात नहीं मैं चल लूंगी और वो चली गई...!!!
धैर्य का अर्थ है जैसे सागर ठहर गया है, एक लहर भी नहीं है, दर्पण बन गया है। और मजा यह है कि चांद तो सदा ऊपर है, अगर सागर जरा दर्पण बन जाए तो अभी पकड़ ले। लेकिन सागर है लहरों से भरा, तो चांद को नहीं पकड़ पाता। सत्य तो सदा मौजूद है, परमात्मा चारों तरफ निकट है, अभी और यहीं।
#ओशो