तजुर्बा एक ही काफी था
बयां करने के लिए
मैंने देखा ही नहीं कभी
* इश्क* दोबारा करके...
🌸🌹🌹🌹
ना जाने कितने दूर हुए और ना जाने कितने हमसे #जुदा हुए
कुछ से हम रूठे * दूर हुए और कुछ ख़ुद ही हमसे ख़फ़ा हुए ❤️💔
समाज के सही मुद्दे बेरोज़गारी,ग़रीबी, सामाजिक जागरूकता के बजाय एक अख़बार @DainikBhaskar अपनी घटिया मनगढ़ंत कहानी का पुलिसकर्मी द्वारा विरोध करने पर पुलिसकर्मीयो का मनोबल गिराने का लगाता प्रयास किया जा रहा है ?कया पत्रकारिता का स्तर इतना नीचे गिर सकता है?
#बॉयकाट_भास्कर@jpk_11