माननीय प्रधानमंत्री जी,
देश के करोड़ों शिक्षक कर्मचारी रउआ से आपन पुरान पेंशन #OPS मांग रहल बाड़े अवुरी रउआ एकरा के NPS से UPS में बदल देले बानी, इ ठीक ओसही बा जईसे आसमान से गिरल तारीख प अटक गईल। रउआँ से निहोरा बा कि #हुबहूOPS के तुरंत बहाल कर दी जावे।
#NoNPS_NoUPS_OnlyOPS@narendramodi
*NMOPS राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न*।
*लिये गये महत्वपूर्ण फैसले*
*देश व्यापी आगामी कार्यक्रम जारी* ।
*NPS/UPS को लेकर भारी गुस्सा* ।
`NMOPS -National Movement For Old Pension Scheme के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आँनलाइन बैठक हुई संपन्न` जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार *बन्धु* ने तथा संचालन राष्ट्रीय महासचिव स्थित प्रज्ञ ने किया। NMOPS के सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष/महामंत्री उपस्थित रहे। हाल ही में मोदी सरकार द्वारा घोषित की गई `UNIFEID PENSION SCHEME (UPS) का सभी ने एक स्वर में पुरजोर विरोध किया`। जिसको लेकर इसका मुखर विरोध करने और अपनी जायज मांग `OPS - OLD PENSION SCHEME को लागू करने के लिए सरकार को घेरने की बात कही`।सबका एक मत रहा कि NPS की तरह UPS भी कर्मचारियों के साथ छलावा है जिसको लेकर पूरे देश में गुस्सा है सभी ने एक स्वर मे कहा कि हमे हुबहू OPS चाहिए न कम न उससे ज्यादा । NMOPS का संघर्ष पुरानी पेंशन की बहाली तक जारी रहेगा। संघर्ष की अगली कड़ी में राष्ट्रीय टीम ने यह तय किया कि ..
1---*`29 अगस्त 2024 को अखिल भारतीय कम्पेन – X(पूर्व में TWITTER )पर #NoNPS_NoUPS_OnlyOPS के साथ पोस्ट करेंगे`*
2----Nps/UPSके खिलाफ*`02 से 06 सितम्बर 2024– देशभर में बांह पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण/कार्यालय कार्य करेंगे`
3---*`15 सितम्बर 2024 – राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक,दिल्ली मे`*
4---*`26 सितम्बर 2024– सभी जिला मुख्यालयों पर NPS/UPS`* के खिलाफ बड़ा प्रर्दशन
5---`इसके बाद भी सरकार अगर OPS बहाल नहीं करती तो अक्टूबर महीने में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर दिल्ली में राष्ट्रीय अधिवेशन`।
6--- `नवम्बर/दिसम्बर में संसद भवन दिल्ली का घेराव करने को लेकर योजना बनाई जाएगी।`
बैठक में NMOPS के सहयोगी सभी राज्यों के अध्यक्ष/महासचिव/प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी और NMOPS के साथ एक साथ आकर पूरे देश में OPS बहाली का आगाज किया।
आपका......
`स्थित प्रज्ञ`
राष्ट्रीय महासचिव
NMOPS,भारत
Anonymous Electoral Bonds is one of the gravest threats to our democracy, and Hon'ble SC landmark decision to strike it down is indeed a welcome sign.
Democracy needs transparency to thrive, and anonymity of electoral bonds was not just compromising this facet; it was also promoting crony capitalism at the behest of the ruling party.
Not to mention it violates one the most fundamental principles of our Constitution- Article 19(1)(a).
With this decision, Hon'ble SC has struck the very heart of quid pro quo in politics & upheld the citizens' right to information about funding of political parties.
Once again, a fantastic day for democracy in India.
#ElectoralBonds