भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती (14 अप्रैल 2026) पर हार्दिक शुभकामनाएं! बाबासाहेब के सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के आदर्श (शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो) आज भी देश को प्रेरित कर रहे हैं।
#ambedkharjayanti#jaibheem
" 31 अगस्त विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति दिवस की समस्त देशवासियों और समाज के भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं
यह दिन हमारे समुदायों की साझा अस्मिता, अद्वितीय संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक है। आइए, इस अवसर पर हम सब मिलकर इन समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण संकल्प लें
पहले फूड डिपार्टमेंट में हाहाकार मचाई, उन्हें सुधारा और अब चिकित्सा क्षेत्र में आ गए।
हम बात कर रहे हैं FDA कमिश्नर IAS तुकाराम मुंडे की जिन्होंने कल पुणे में Cipla फॉर्मा का लाइसेंस रद्द कर दिया।
Cipla फॉर्मा में तुकाराम मुंडे को दवा के प्रचार और लेबलिंग के लिए ऐसी चीजें मिली हैं जो नियमों के विरुद्ध हैं।
इसमें उन्होंने बड़ी कार्यवाई करते हुए Reactin Plus दवा का लगभग 11.19 लाख का स्टॉक जब्त करके मार्केट में गईं इस दवा को वापस मंगाने का आदेश दिया है।
अब FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे एक एक क्षेत्र में घुसते जा रहे हैं और यही डर लोगों को उनके सही ट्रैक पर ले आयेगा।
संविधान में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण केवल अवसर का प्रावधान नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और असमानता के विरुद्ध सामाजिक न्याय का सुरक्षा कवच है।
ऐसे में SC/ST आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ या उप-वर्गीकरण (Sub-classification) की मांग सामाजिक न्याय के मूल उद्देश्य को कमजोर करने वाली है। जो लोग इसका समर्थन करते हैं, उन्हें पहले स्वयं आरक्षण का लाभ छोड़कर एक नैतिक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
जब तक समाज में भेदभाव और असमानता कायम है, तब तक वंचित एवं शोषित वर्गों के अधिकार, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा की हमारी लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रहेगी : @iChiragPaswan
NEET पेपर लीक की वजह से 20-25 छात्रों की जान चली गई, हजारों के सपने टूट गए ।
हजारों-लाखो लोगो ने आंदोलन किया, भूख-हड़ताल की।
अभी भी FMG भूख हड़ताल पर बैठे हैं अपनी मांगों को लेकर, उनके साथ हो रहे भेदभाव के ख़िलाफ़।
लेकिन देश के स्वास्थ्य मंत्री नड्डा जी के कानो से जूँ तक नहीं रेहंगी।
21 अगस्त नड्डा जी को अच्छे से याद है।
कितने ग़ैर जिम्मेदार और दोगले लोग है।🤔
एक आंदोलन है, जो चाहता है कि देश के सभी स्कूल ठीक हो। वो चाहता है कि देश के गरीब, पिछड़े तबके से आने वाले बच्चों को भी अच्छी शिक्षा मिले। ज़मीनी स्तर पर वो सरकार और प्रशासन को स्कूलों के लिए जवाबदेह बनाना चाहता है।
एक राजनैतिक दल है, जिसकी देश के 60% राज्यों में सरकार है। वो स्कूल ठीक करने की बजाय आंदोलन करने वालो के साथ हिंसा करने, मारपीट करने, गाली-गलौज करने, और फर्जी FIR करने में व्यस्त है।
मजे की बात यह है कि यह दल खुद को देशभक्त और आंदोलन को गद्दार कहता है।
कोई आदेश निरस्त कर रहे है कोई आदेश जारी कर रहे हैं यह मज़ाक़ बना दिया अभ्यर्थियों का जो की ग़लत बात है ।
विद्या संभल योजना
#Rajasthan#cjp#EducationMatters
जातिगत आरक्षण पर छिड़ी बहस के बीच LJP(R) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अपना एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए लिखा- "मैंने 10 फरवरी 2020 को देश की संसद में भी स्पष्ट रूप से कहा था कि आरक्षण किसी को दी हुई खैरात नहीं, बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है. मेरी और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सोच बिल्कुल स्पष्ट है-आरक्षण को समाप्त करने की बात तो दूर, आरक्षण की समीक्षा भी हमें कभी स्वीकार्य नहीं है. सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है"
#Reservation #ChiragPaswan #Caste #ABPNews
चिराग पासवान ने आरक्षण विरोधियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा,
आरक्षण किसी के कहने या मांग करने पर खत्म नही किया जा सकता है.
आरक्षण किसी की दी गयी खैरात या कृपा नही, संविधान में दिया गया प्रावधान है.
चिराग पासवान अपने पिता रामविलास पासवान की तरह मुखर होकर तो नही बोलते फिर भी उनके बयान का स्वागत है.
रामविलास पासवान आज होते तो सवाल उठाते देश के सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और टॉप ब्यूरोक्रेसी में कितने दलित और आदिवासी हैं ?
देश में दलितों की आबादी 24% के करीब है इसके बावजूद वर्तमान में एक भी राज्य में दलित मुख्यमंत्री नही है.
न्यायपालिका, मीडिया, केंद्रीय सरकार, ब्यूरोक्रेसी, मीडिया, सेना के सभी प्रमुख पद, यूनिवर्सिटी के चांसलर और कॉरपोरेट के सीईओ में कितने दलित आदिवासी और पिछड़े समाज के लोग हैं.
बात आंकड़ों के साथ होनी चाहिए. और संविधान में कहीं नही लिखा आरक्षण गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम है. आरक्षण प्रतिनिधित्व है.
आरक्षण किसी के कहने से समाप्त होने वाली चीज नहीं है। आरक्षण किसी को मिल रही खैरात भी नहीं है। आरक्षण संवैधानिक अधिकार है, जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं जब उनके साथ बैठकर संवाद किया जाएगा उन्हें भी समझ आएगा : @iChiragPaswan
एक पूरे गाँव पर इल्ज़ाम लगाकर एक नैरेटिव बनाने की कोशिश की गई। जबकि कल हमला करने वाले सभी भाजपा के गुंडे थे, और उन्हें वहाँ के विधायक का सरंक्षण प्राप्त है।
वीडियो फिरसे आपके साथ शेयर कर रहा हूँ। चेहरों का आप मिलान कर सकते है।
Patna, Bihar: Union Minister Chirag Paswan, On the demand to abolish reservation, says, “Reservation is not something that can be ended simply because someone demands it. Nor is it charity given to anyone. Reservation is a constitutional right. The idea behind it has been to bring people from communities that have faced discrimination for one reason or another into the mainstream...”
रामपुरा- कंवरपुरा गांव में लगभग 200 परिवार रहते हैं, जिनमें से करीब सवा सौ ब्राह्मण परिवार हैं तथा शेष घर यादव, धानक और अन्य समुदाय के हैं।
जिस स्कूल की स्थिति दयनीय है, वहां कुल 18 बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें 12 बच्चे एससी समुदाय से और 6 बच्चे ओबीसी वर्ग से हैं, जनरल का कोई बच्चा नहीं पढ़ता हैं।
स्कूल में कुल दो शिक्षिकाएं तैनात हैं।
गांव के कुछ दबंग जातिगत बाहुल्य लोग स्कूल परिसर में अपनी गाय-भैंसें बांधते हैं, चारा रखते हैं और अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली भी वहीं खड़े करते हैं।
यह भी सामने आया कि वीडियो में मारपीट को सही ठहराने वाले जुगल शर्मा के दो बेटे हैं- बनवारी शर्मा और ताराचंद।
उसने अपने दोनों बच्चों को अच्छे निजी स्कूलों में पढ़ाया, लेकिन सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा न मिले, इसके लिए अपनी संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन किया।