हम ऐसा कोई कानून स्वीकार नहीं कर सकते जो शरीयत के खिलाफ हो। मुसलमान हर चीज से समझौता कर सकता है, लेकिन अपने धर्म और दीन से हरगिज़ कोई समझौता नहीं कर सकता। : अरशद मदनी (जमीअत प्रमुख)
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित आपत्तिजनक ईमेल भेजने के मा���ले में करीब ढाई साल से जेल में बंद मुबारक अली को जमानत दे ��ी है।
अली 20 मार्च 2024 से हिरासत में थे। कोर्ट ने सुनवाई की धीमी रफ्तार को भी ध्यान में रखा। 23 जुलाई 2026 तक मामले में केवल चार गवाहों के बयान दर्ज हुए थे, जबकि 26 गवाहों की गवाही बाकी थी।
अली के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है। कोर्ट ने कहा कि अगर जमानत का आधार बनता है तो केवल आपराधिक इतिहास के आधार पर किसी आरोपी को लंबे समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता।
हालांकि, हाई���ोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत देते समय कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में जिस तथाकथित मीडियाकर्मी ने हंगामा किया है, वो @SureshChavhanke के चैनल मे��� कार्यरत है। @Jour_Nadeem ने उस नफ़रती रिपोर्टर को मौके पर ही Expose कर दिया।
असम: मुस्लिम युवक पर हमला करके मंदिर के सामने घुटने टेक कर जबरदस्ती माफ़ी मंगवाई गई!
सोनापुर, कामरूप में 13 सितंबर को "हिंदू जागरण मंच" के नेता और उसके साथियों ने एक मुस्लिम युवक पर इसलिए हमला किया क्योंकि वह एक मंदिर के पास सड़क पर एक हिंदू युवती के साथ था!
उसने मुस्लिम युवक को दोबारा क���सी हिंदू युवती के साथ न दिखने की चेतावनी दी, और दावा किया कि उन्होंने अपनी महिला साथियों को भी उस हिंदू युवती पर हमला करने और उसके बाल काटने के लिए बोल दिया है!
⚠️TW: Disturbing & Sensitive Media⚠️
सलाम करने पर बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया गया और वर्दी में धार्मिक यात्रा में शामिल होने पर अनुज चौधरी का प्रमोशन कर दिया गया था।
हिंदू लीगल ��ंड नामक एक वेबसाइट ने IPS बुशरा बानो की बंगाल के गृह सचिव से शिकायत दर्ज की थी।
आरोप लगा था कि आईपीएस बुशरा ने सलाम किया, इंशाल्लाह का इस्तेमाल किया और जज़ाकल्लाह कहकर वीडियो समाप्त किया।
राज्य सरकार ने बुशरा बानो का तबादला कर दिया और उन्हें राज्य सशस्त्र पुलिस में डिप्टी कमांडेंट के पद पर भेज दिया।
बंगाल में आईपीएस बुशरा बानो का ट्रांसफर चर्चा का विषय बना हुआ है। टीएमसी सांसद @MahuaMoitra का कहना है कि बुशरा ने अपने संबोधन से पहले “अस्सलाम अलैयकुम” और “जज़ाकल्लाह” बोला था इसलिए ट्रांसफर कर दिया गया। अगर ट्रांसफर की वजह यही है तो तब प्रधानमंत्री @narendramodi ने एक वीडियो कांफ्रेंस के दौरान एक मुस्लिम अफसर से “जय जगन्नाथ” कहलवाया था, क्या वही सही था? मतलब प्रधानमंत्री जय हिंद के साथ भी अपनी बात-चीत की शुरुआत कर सकते थे, ��ेकिन उन्होंने ‘दूसरे’ धर्म के अफसर से “जय जगन्नाथ” कहलवाना ज्यादा उचित समझा! क्योंकि उन्हें अपना वोट बैंक साधना था। लेकिन मुस्लिम अफसर, मुस्लिम होकर मुस्लिमों को संबोधित करते हुए “अस्सलाम अलैयकुम” और “जज़ाकल्लाह” नहीं बोल सकती?
इस देश में अगर किसी वर्दीधारी मुस्लिम IPS अफसर ने अपने अभिवादन में अस्सलाम वालेकुम कह देिया तो गुनाह हो गया ? किसी मुस्लिम पुलिस अधिकारी ने अगर अपने संबोधन में इंशाअल्लाह और जज़ाकल्लाह जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर लिया तो उसके खिलाफ एक्शन हो जाएगा ? उसे अस्सलाम वालेकुम कहने की सजा मिलेगी ? चौबीस घंटे के भीतर उसका तबादला कर दिया जाएगा ? बीजेपी राज में इन सारे सवालों का जवाब हां में है. पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में ASP के पद पर तैनात IPS अधिकारी बुशरा बानो को इसी की सजा मिली है.
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कन्नौज की रहने वाली बुशरा बानो पश्चिम बंगाल कैडर में 2021 बैच की अधिकारी हैं
हुदा जरीवाला का बड़ा बयान-
हम कुरआन को भी मानते हैं, संविधान को भी मानते हैं।
मेरा कुरआन ही मुझे सिखाता है कि मुल���क की हिफाज़त करो,
मेरा कुरआन ही मुझे सिखाता है कि मुल्क के खिलाफ मत जाओ।
मेरा कुरआन ही मुझे सिखाता है कि जहां-जहां जुल्म हो रहा हो, नाइंसाफी हो रही है, आवाज उ���ाओ।
जिस देश के प्रधानमंत्री ने 'सेंगोल' और साधुओं के साथ नई संसद का उद्घाटन किया हो वहाँ 'अस्सलाम-अलैकुम' और 'इंशाअल्लाह' कहने पर मुस्लिम IPS अधिकारी का तबादला कर दिया गया !
: महुआ मोइत्रा, टीएमसी सांसद
एक व्यक्ति कैमरे में पकड़े जाने के बावजूद कुछ ही दिनों में ज़मानत पा जाता है।
वहीं दूसरा व्यक्ति बिना किसी ट्���ायल या सुनवाई के छह साल तक जेल में पड़ा रहता है
: अभिजीत दीपके, CJP फाउंडर
“सवालों से घबराता नहीं, जवाब देता हूँ…” — योगी आदित्यनाथ
दावा था सवालों से सामना करने का, लेकिन पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव के सवाल सामने आए तो जवाब देने के बजाय प्रेस कॉन्फ्रेंस से ही किनारा कर लिया!
लगता है बाबा जी के लिए सवाल वही अच्छे हैं, जिनके जवाब पहले से लिखे हुए हों।
सवाल थोड़ा असहज हुआ नहीं कि ‘जवाब’ देने के बजाय रास्ता पकड़ लिया!
दावा: सवालों से नहीं घबराते।
हकीकत: सवाल आया, ��ाबा जी उठे और चलते बने!
तत्काल निलंबन हो, बर्ख़ास्तगी हो और ऐसा दंड मिले कि कोई दूसरा अधिकारी फिर कभी ऐसी हिम्मत और दुस्साहस न कर सके।
‘नारी वंदन’ का ढोंग करनेवाली भाजपा सरकार है भी या नहीं।
और कुछ नहीं कहना है।