हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है
मिर्ज़ा ग़ालिब साहब का शेर है और रेफरेंस है #mppscstudentprotest और @CMMadhyaPradesh की वादाखिलाफी
एमपीपीएससी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर दबाव बनाने और उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ़ है। हालात इतने चिंताजनक रहे कि माननीय उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप कर यह स्पष्ट करना पड़ा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। यह पूरी घटना भाजपा सरकार और प्रशासन के दमनकारी रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
दिसंबर 2024 में अभ्यर्थियों से जो वादे किए गए थे, वे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। करीब 90 प्रतिशत माँगें अब भी लंबित हैं। मैं स्वयं उस समय अभ्यर्थियों के धरना-प्रदर्शन में छात्रों से संवाद करने पहुँचा था और उनकी माँगें समझी थीं इस भरोसे के साथ कि सरकार समाधान निकालेगी, लेकिन एक वर्ष बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। यह युवाओं के साथ किया गया सीधा अन्याय और विश्वासघात है।
भाजपा सरकार को चाहिए कि वह छात्रों की माँगों को गंभीरता से संज्ञान में ले और केवल आश्वासनों के बजाय तुरंत कोई ठोस निर्णय ले। अहंकार छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाया जाए और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। युवाओं के भविष्य की कीमत पर किसी भी तरह की लापरवाही या मनमानी स्वीकार नहीं की जा सकती।
कांग्रेस पार्टी इस पूरे मुद्दे पर अभ्यर्थियों की हर जायज़ माँग के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।
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@DrMohanYadav51@Indersinghsjp
साथियों,
माननीय उच्च न्यायालय की अनुमति के अनुरूप आज दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक माननीय अध्यक्ष एवं सचिव, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के साथ अभ्यर्थियों की विभिन्न मांगों पर विस्तृत चर्चा एवं सहमति हेतु वार्तालाप प्रस्तावित है।
सभी अभ्यर्थियों से आग्रह है कि वे अपनी-अपनी मांगों के साथ शीघ्रातिशीघ्र आयोग परिसर पहुंचें और अपनी समस्याएं, पीड़ा एवं अपेक्षाएं सीधे आयोग के समक्ष रखें।
साथियों, पिछले आंदोलन की तरह यह वार्तालाप आयोग भवन के भीतर नहीं, बल्कि बाहर सत्याग्रह मंच पर आप सभी के बीच होगी।
इसलिए ऐतिहासिक और निर्णायक चर्चा में आप सभी की उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है।
आपकी संख्या ही हमारी ताकत है, आपकी आवाज़ ही हमारा अधिकार।
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2
#MPPSC_Article19_सत्याग्रह
@NEYU4INDIA@MPYuvaShakti
ठंड में बैठे ये छात्र किसी ‘राजनीति’ का हिस्सा नहीं, ये मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री की वादाखिलाफी का नतीजा हैं। यहां किसी नेता का नेता का बेटा नहीं बैठा, इसलिए चुप है सब!
#MPPSC#MPPSC_प्रोटेस्ट_2
माननीय न्यायालय के आदेशानुसार छात्रों का धरना अभी जारी है और आज दोपहर तक इसकी अनुमति है।
दुःखद यह है कि इतने समय बाद भी न सरकार की ओर से, न ही आयोग की ओर से कोई प्रतिनिधि यह जानने नहीं आया कि छात्रों की समस्या क्या है।
छात्र शांतिपूर्ण, वैधानिक और स्पष्ट मांगों के साथ बैठे हैं।
हमारी मांगें भी स्पष्ट हैं और NEYU की नियत पूरी तरह छात्रहित में है।
सरकार और आयोग से कहना है-
समय रहते छात्रों की आवाज़ सुनिए और मांगों को मानिए।
क्योंकि जो सत्ता छात्रों को अनसुना करती है,
वह जवाबदेह नहीं बल्कि तानाशाही की ओर बढ़ती है।
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2 #AllEyesOnMppsc #Republic
मध्य प्रदेश के इंदौर में चल रहे #MPPSC_PROTEST का आज चौथा दिन है. ये छात्र रात-दिन प्रदर्शन कर रहे. आज आयोग को ज्ञापन देंगे. MPPSC के OSD डॉ. रवींद्र पंचभाई ने आयोग का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि आज स्टूडेंट ज्ञापन सौंपेंगे. उनकी मांगों का अध्ययन करने के बाद ही हम अपना पक्ष रख सकेंगे.
सारे न्यूज़ पेपर, न्यूज़ चैनल, डिजिटल प्लेटफार्म मुद्दे को उठा रहे हैं. आयोग भी छात्रों की मांगों से अवगत होगा. लेकिन फिर भी अध्ययन की बात कही जा रही. आज छात्रों को प्रदर्शन करने का वक्त ख़त्म हो जाएगा क्योंकि हाई कोर्ट की ओर से इन्हें आजतक ही प्रदर्शन करने का समय मिला था. उम्मीद है कि आयोग इनकी मंगों का समय रहते संज्ञान लेगा.
#lallantop छात्रों का मुद्दा उठता रहेगा.
https://t.co/C4oJ1KUEph
एमपीपीएससी की विसंगतियों को लेकर प्रदेश का युवा एक बार फिर सड़कों पर है!
भाजपा सरकार की धोखाधड़ी, बार बार किए जा रहे छलावे और झूठ से प्रदेश का युवा परेशान हो चुका है!
इस सरकार का ध्यान केवल धरना खत्म करने में रहता है! सिस्टम के सुधार की कोई पहल मोहन बाबू नहीं कर पाते!
MPPSC अब आयोग नहीं,
उम्मीदें कुचलने की मशीन बन चुका है।
कम पद,
अंतहीन देरी,
और जवाबदेही शून्य।
युवा ठंड में सड़कों पर हैं,
और MPPSC कुर्सियों से चिपका बैठा है।
ये लापरवाही नहीं,
सिस्टमेटिक अन्याय है।
अब सिर्फ़ माँग नहीं,
हिसाब होगा।
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2#AllEyesOnMPPSC