यही होता है जब आप ज़िम्मेदारी से अपने वोटिंग अधिकार का प्रयोग नहीं करते हैं.
जाति धर्म में फंसकर, या कभी अच्छे कैंडिडेट को कम आंककर ऐसे ही किसी को भी वोट दे देते हैं.
अब इनकी गैर ज़िम्मेदाराना टिप्पणी पर क्या ही लिखूं?
आप तो नाउम्मीदी हैं जनाब..! @chkanwarpal#श्वेता_ढुल
.@mlkhattar जी आप ने 8 तक ना रोज़गार दिया ना स्कूल व हॉस्पिटल बनाये ना किसान की सुध ली पर यौन अपराधी को मंत्री बना कर ज़रूर रखा
चुनाव आया तो जनसंवाद करने निकले
जनता सवाल पूछती हे तो लाठीचार्ज /गिरफ़्तार कराते हो
हम हर ज़िले में सवाल पूँछेंगे देखते हे आपकी जैलों में कितनी जगह है।