"Today, in the country's banks, 78,000 crore of our citizens own money is lying unclaimed. We don't know who this money belongs to, it is just there, unclaimed. It belongs to the poor and middle-class": PM @narendramodi at Hindustan Times Leadership Summit 2025.
परवाज़ है दोनो की उसी एक फ़िज़ा में
…
"असदुद्दीन ओवैसी और इकरा हसन "के स्पीच की बुनियादी फर्क ....
यह रहा के
जहां ओवैसी साहब ने पूरे आनंद मठ किताब को उद्धृत कर उस किताब में लिखी नफरत को उजागर किया और बंकिम उपाध्याय को अंग्रेजों का पट्टू बताया के कैसे वो DM बना, और बना रहा पर वहीं इस गीत को गाने वालों को प्रताड़ित किया जाता रहा।
वहीं
इकरा हसन
की पूरी स्पीच उस गाने की तारीफ में थी
के कैसे यह हमारी शुद्ध नदी हवा की बात करता है जो आपने गंदी कर दी ,उनकी स्पीच में अटल बाजपई हीरो बना कर रेखांकित किए जाते हैं के उनके आदर्शों पर सत्ता पक्ष खड़े नहीं हो पा रहे। यानी सत्ता में बैठे लोगों की आलोचना में भी उनको गौरांवित कराना और सेफ खेलना।
उनको उनकी महान संस्कृति और उनके महामानव की याद दिला कर उनके उस उच्च कोटि के स्तर को बरकार रखने की अपील।
दो विचार हैं : एक मुक्त जिसे ओवैसी साहब रिप्रेजेंट करते हैं जो बिना डरे फैक्ट को सामने रख रहा है और दूसरी इकरा हसन जो किसी पार्टी की मुस्लिम चेहरा हैं जो दया की भीख मांग रही है.....!
कयादत किसे कहा जाएगा आप अपनी राई जरूरी लिखे ?”
-अनवर अली की कलम से ✍️
Note -
“ओवैसी क़यादत का रास्ता हैं
इकरा नुमाइंदगी का तरीका
परवाज़ दोनों की है
मगर
जहाँ दोनों के अलग हैं”
इकरा हसन
उनका पूरा संदेश यह कह रहा था
“हम आपको आपके ही महान आदर्श याद दिला रहे हैं
आप उनसे गिर रहे हैं वापस वहीं लौटीए”
यानी आलोचना भी
संस्कृति का स्मरण कराते हुए दया की अपील में बदल जाती है
यह नेतृत्व नहीं
नुमाइंदगी होती है
ओवैसी साहब
जिन का जहाँ शाहीन का
जहाँ सच बोलना इबादत है
हक़ पर खड़ा रहना सियासत है
और ऊँचाई मक़सद है
इकरा हसन का जहाँ क़र्गस का
जहाँ उड़ान सिस्टम के डर के साथ तय होती है
जहाँ आलोचना भी सावधानी से बुनी जाती है
और जहाँ स्वीकार्यता बराबरी से बड़ी बन जाती है।
-awafazmi
#Anandmath the controversial novel written by Bankim Chandra Chatterjee paints a picture of the bharat mata in the image of Hindu goddess kaali.
The protagonists bow to this imagery and sing bande maatram
This is deification of nation in the imagery of hindu goddess.
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#NeverForgetBabriMasjid
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