यदि ग्रामीण संवर्ग का अधियाचन तय समय पर प्रेषित नहीं किया जाता है तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ऐसे में लखनऊ में महाधरना प्रदर्शन हेतु 15 अक्टूबर से 20 अक्टूबर के मध्य कौन सी डेट रखी जाए अपनी राय कमेंट में दीजिए..!👇👇👇
~ आपका भाई लकी पाल कानपुर
The video from Jamui, Bihar is deeply disturbing.
Two Class 10 students were stopped on a road. Harassed. Humiliated. Molested. A young girl, hands folded, begged to be let go while goons groped her and dragged her away.
Who gave these men the right to behave like this? This is not "culture." It is patriarchy: the belief that any man can police a girl's body, her movement, her choices.
When control is mistaken for culture, and such attitudes are normalised by Andhbhakts, mobs start believing they are the law.
Every individual in that video must be identified and prosecuted under POCSO, and justice must be swift. And if the incident happened on September 19th, why are the culprits not behind bars yet?
And the Bihar government must answer why a girl is not safe on a public road at 7 pm?
बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है।
10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे।
इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह "संस्कृति" नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है।
जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है।
उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?
और बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?
साथियों "UPSSSC लेखपाल" में हुई गड़बड़ी की जांच करवाने के लिए आज ट्विटर कैंपेन रखा गया है🔥
आप सभी साथी नीचे दिए गए हैशटैग के साथ ज्यादा से ज्यादा ट्वीट करिए ताकि आपकी आवाज सरकार तक पहुंचे।
🎯 Hashtag👇
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
तमाम छात्रों और मीडिया चैनलों द्वारा लेखपाल भर्ती पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं.... परंतु अभी तक आयोग और सरकार इस पर चुप्पी... साधे हुए हैं...!!
भर्ती की सुचिता और पारदर्शित पर अगर प्रश्न उठते हैं तो आयोग... और सरकार की जिम्मेदारी है कि अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखें.... साथ ही लगाए जा रहे आरोपों की जांच करें... अन्यथा मौजूदा सरकार और आयोगो ... के ऊपर से छात्रों का भरोसा लगातार डगमगा रहा है...!!
पारदर्शिता पर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण छात्रों का अधिकार है! ✅
@myogiadityanath@myogioffice
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
यह मंदिर प्रयागराज के गंगा जी के किनारे स्थित है ।
यह बहुत प्राचीन मंदिर है यहां पे बहुत मान्यताएं प्राप्त है ।
और शाम के काल में यह बहुत से सैलानी घूमने आते है और दिव्य दृश्य के लुफ्त उठाते है । यहां बहुत दूर दूर से भक्त खास करके सर्प दोष का पूजन करने आते है।
UP SI का फॉर्म न भर पाने से लाखों अभ्यर्थी बहुत ज्यादा परेशान हैं...पर सुनने वाला कोई नहीं है। Degree की बहुत समस्या है। कोई तो इनकी सुनवाई करे 🙏 मार्कशीट को एलाऊ करने में क्या दिक्कत है।
शायद भर्ती बोर्ड चाहता है कि डॉक्यूमेंट को बाधा बना देने से कम अभ्यर्थी फॉर्म भरेंगे....
एक शर्त और जोड़ दीजिए कि चंद्रमा से मिट्टी लाकर जमा करनी पड़ेगी तब फॉर्म भर पाओगे..
@upprpb@Rajeevkrishna69@CMOfficeUP@myogiadityanath 👑
UP SI की भर्ती 4+ वर्ष बाद आई है और अब भी भर्ती बोर्ड के अनावश्यक फैसलों की वजह से लाखों अभ्यर्थी फॉर्म भरने से वंचित हैं, रो रहे है, परेशान हैं कि सुनवाई भी नहीं हो रही है। भर्ती बोर्ड से विनम्र निवेदन है कि अभ्यर्थियों की निम्न समस्याओं पर ध्यान दें
1- दस्तावेज की जांच DV के समय होती है तो डिग्री DV के समय उपलब्ध होनी चाहिए। डिग्री की फॉर्म भरने में क्या अनिवार्यता है ये समझ से बाहर है
आप मार्कशीट से भी उसकी शैक्षिक योग्यता जांच सकते हैं। जो चीज DV के समय आवश्यक होती है उसकी वजह से फॉर्म भरने से क्यों रोका जा रहा है।
निवेदन है कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य हेतु मार्कशीट से फॉर्म भरना ALLOW करें 🙏
2- उत्तरप्रदेश के EWS प्रमाणपत्र में आवेदन संख्या नहीं होती है तो अभ्यर्थी आवेदन संख्या क्या डालें,ये भी एक कन्फ्यूजन है
3- पिता पक्ष के प्रमाणपत्र की अनिवार्यता के कारण लाखों विवाहित महिलाएं आवेदन करने से वंचित हो रही हैं। बहुत सी महिलाओं की कम आयु में शादी हो जाती है ,ऐसे में पढ़ नहीं पाती हैं,जो पढ़ना चाहती हैं उनके सामने दस्तावेज की समस्या आ जाती है। अतः शासन स्तर पर कोई उपचार उपलब्ध कराने का कष्ट करें 🙏
4- भारत का प्रत्येक बोर्ड एवं आयोग 3-4 दिन का समय फॉर्म में करेक्शन के लिए देता है जिस से त्रुटियां ठीक हो सकें। कई वर्ष बाद भर्ती आई है,कृपया त्रुटि ठीक करने हेतु कुछ समय जरूर प्रदान किया जाए।
अभ्यर्थियों का भविष्य बोर्ड के फैसलों पर निर्भर करता है, कृपया संज्ञान लें 🙏
उम्मीद है कि भर्ती बोर्ड उपरोक्त बिंदुओं पर सकारात्मक दृष्टिकोण रखकर जल्दी इन समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराएगा।
#UPSI_FORM_CORRECTION
#UPSI_ALLOW_MARKSHEET
@Rajeevkrishna69@dgpup@UPGovt@myogiadityanath@CMOfficeUP@myogioffice 🙏
पुलिस थाने दलितों पिछड़ों के शोषण का केंद्र बन गए हैं
पुलिस का थाने में केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य बुजुर्ग दलित दुर्गा प्रसाद सोनकर जी के साथ ऐसा बर्ताव निश्चित ही शर्मशार करने वाला है
यूपी पुलिस इस मामले की जांच कर आरोपी पुलिस वालों पर कड़ी कार्रवाई करें