भाई, कब तक आवाज़ रोकोगे? अब तो सारा डेटा और सच्चाई बाहर आ रही है
मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण को 27% से गिराकर 14% पर समेट देना और OBC समाज के हक को सरेआम छीनना💔, यह इस Madhya Pradesh के 51% OBC के साथ खुला और भयानक अन्याय है।
अब इन 15% मनुवादी और Sudama विचार के लोगों की दाल ज्यादा दिन तक नहीं गलने वाली, क्योंकि देश के 85% बहुजन का हिस्सा कोई मुट्ठीभर लोग नहीं खा सकते!
इन Sudama merit-धारी भीख मांगे एक्टिविस्टों की हमेशा यही बड़ी तकलीफ रहती है कि अरे जितनी आबादी उतना रिजर्वेशन क्यों मिलेगा... तो मेरा सवाल इन भीख मंगों से है....जब तुम्हारी SUDAMA quota वाली आबादी मुश्किल से 5-7% ही होगी, तो इन्हें 10% रिजर्वेशन कैसे मिल गया?यानी इन्हें इनकी अपनी कुल आबादी से भी ज्यादा हक और आरक्षण मिल रहा है!!
और ताज्जुब की बात यह है कि धर्म का चूर्ण ये SUDAMA wale OBC समाज को खिलाते हैं कि रिजर्वेशन गलत है... आज OBC समाज की आबादी 51% है, लेकिन इन्हें सिर्फ 27 % आरक्षण के लिए हाथ फैलाना पड़ रहा है!
यह और कुछ नहीं, बल्कि इन भीख मंगों द्वारा 1000-2000 साल पहले चलाई गई उसी पुरानी दमनकारी व्यवस्था को वापस लाने की गंदी साजिश है
...जहाँ सारा एकाधिकार सिर्फ चंद लोगों के पास हो और देश का 85% बहुजन समाज अपने ही अधिकारों से वंचित रहकर खून-पसीना बहाए।
जय संविधान! 🇮🇳