एक लोक गायिका @nehafolksinger से ��तनी नफरत की ABP न्यूज़ ने बिना चेक किये बिना पता लगाए नेहा सिंह राठौर को सेक्स रैकेट से जोड़ दिया...बड़े बड़े पत्रकार ज्ञान बांच रहे हैं कि सबको पत्रकारिता नहीं करनी चाहिए हर कोई माइक आईडी लेकर ��हीं घूम सकता..भाई साहब अगर मेन स्ट्रीम की इतनी नीच पत्रकारिता है तो उससे अच्छा है की बच्चे ही पत्रकारिता संभालें..अगर पत्रकार और इन्फेलुसर के बीच लकीर होनी चाहिए तो दलाल और पत्रकार के बीच भी लकीर होनी चाहिए...है कोई माई का लाल ये लकीर खींचने वाला...
डियर @smritiirani जी,
हमारी विचारधारा अलग हो सकती है लेकिन क्या मैं इस देश की बेटी नहीं हूँ? क्या किसी भी बेटी के ख़िलाफ़ फेक न्यूज़ चलाकर उसे वेश्या कहना छोटी बात है? आप ख़ुद महिला हैं और आपके परिवार में भी ब���टियाँ होंगी!
अगर @ABPNews जैसा चैनल एक महिला के ख़िलाफ़ बेबुनियाद और झूठी पत्रकारिता करके उसका मान-मर्दन कर रहा है तो क्या आपको इस पर कुछ भी नहीं कहना है?
नमस्कार अश्विनी वैष्णव @AshwiniVaishnaw जी. आज मैं कोई पॉलिटिकल सटायर करने नहीं आई हूँ. मैं स्पष्ट और सीधी बात करूँगी.
आप इस देश के सूचना और प्रसार��� मंत्री हैं और मैं इस देश की एक साधारण लड़की हूँ. हमारी विचारधारा निश्चित रूप से अलग है, लेकिन क्या इस वजह से किसी @ABPNews को ये अधिकार मिल जाता है कि वो फ़र्ज़ी ख़बर चलाकर मुझे वेश्या कह दे?
जी हाँ अश्विनी जी…@ABPNews ने अपनी एक झूठी रिपोर्ट ��ें मुझे कॉल गर्ल और प्रॉस्टिट्यूट कहा. उन्होंने मेरे ख़िलाफ़ फ़ेक न्यूज़ चलाई और मेरा मान-मर्दन किया.
अश्विनी वैष्णव जी! आपके घर में भी बेटियाँ होंगी! आपके परिवार में भी बहनें होंगी! क्या आपको उनके लिए डर नहीं लगता? क्या ये देश महिलाओं के लिए और ज़्यादा असुरक्षित नहीं हो गया है? क्या न्यूज़ चैनलों पर मंत्रालय की कोई लगाम नहीं बची है? आप लोगों की चुप्पी खलती है.
@MIB_India
सुनो @ABPNews अपने कर्मचारियों से फ़ोन करवाकर माफ़ी माँगना बंद करो. माफ़ी गलती की माँगी जाती है बदमाशी की नहीं. मेरे बारे में अफ़वाह उड़ा कर तुम IT सेल को स्क्रीनशॉट मुहैया करा रहे थे? तुम्हारी इस घटिया हरक़त से मेरी छवि और गरिमा को जो ठेस पहुँची है उसकी कोई माफ़ी नहीं है.😡
स्पष्टीकरण एवं खेद : ABP नेटवर्क के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर से संबंधित एक ख़बर प्रसारित की गई, जो तथ्यों के आधार पर ग़लत पाई गई. इस त्रुटिपूर्ण प्रसारण के लिए हमें खेद है, हम इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं.
Neha was detained by police alone!
Where is Neha?
Nothing warrants this brutality, attack and abduction by Delhi Police!
Video credits: @Saurabh_Unmute , @TheRedMike , @DeKoderAI
अभिजीत दीपके को किस जुल्म में हिरासत में लिया जा रहा है? तिरंगा झंडा फहराने के जुर्म में!
ऐसे ही 3 मराठी युवकों को जेल भेजा गया था जब उन्होंने ने 2001 में 52 साल तक तिरंगा नहीं फहराने वाले RSS के हेडक्वार्टर पर तिरंगा फहराने का जज्बा दिखाया था!
ये बेहद गंभीर मामला है कि डिटेन की गई नेहा बोरा कहाँ हैं, इसकी कह��ं कोई ख़बर नहीं है। एक नारी को रात में डिटेन करके कहाँ ले जाया गया है, पुलिस इसका ख़ुलासा करे। राष्ट्रीय महिला आयोग तत्काल इस अति संवेदनशील प्रकरण का संज्ञान ले।
नेहा बोरा को तुरंत रिहा किया जाए!
मोदी जी हम कोई गुंडे माफिया या आतंकवादी नही देश की संसद के सदस्य हैं।
आपकी पुलिस ने हमारे साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया है।
मैंने संसद की विशेषाधिकार समिति को दिल्ली पुलिस कमिश्नर जाफरपुर SHO और अन्य पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ पत्र लिखा है, सारे साक्ष्य समिति के सामने रखूँगा।
इन पुलिस वालों के ख़िलाफ़ कोर्ट में भी FIR दर्ज कराऊँगा।
गृह मंत्री द्वारा SIR में बाहर 13.3 करोड़ भारतीयों को “घुसपैठिया” घोषित करना भारतीयता का अपमान है।
सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बावजूद, जंतर-मंतर को designated protest site से हटाकर…
पहले वोट चोरी फिर “विरोध करने के अधिकार की चोरी” भाजपाई तानाशाही का प्रमाण है।
ज्ञानेश कुमार को बचाना बंद कीजिए !
सत्ता से सवाल पूछने वालों को जेल,
युवाओं को लाठी-डंडे, जबरन हिरासत
हमारी बेटियों से पुलिसिया बर्बरता,
RSS गुंडों को खुलेआम छूट,
मोदी-शाह की दमनकारी नीतियों के आगे अब कोई नहीं झुकेगा,
देश आवाज़ उठा रहा है, भाजपा से एक-एक बात का हिसाब लेकर रहेगा।
ज्ञानेश कुमार को लगा था कि SIR के नाम पर करोड़ों लोगों के वोट काट देंगे। जो कहानी सुनाएँगे, जनता सुनकर सो जाएगी? पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए समय नहीं था मगर SIR करना ही था। प्रक्रियाओं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में वोट छीनने के अपराध से बच नहीं सकते। शर्म आनी चाहिए कि उनके इस्तीफ़े, SIR रद्द करने की माँग को लेकर जनता सड़क पर है। पिछले साल राहुल गांधी ने शालीन शब्दों में महादेवपुरा और अलंद में वोट चोरी का उदाहरण दिया था तब ज्ञानेश कूमार प्रेस कांफ्रेंस करने आए और राहुल गांधी से हलफनामा और माफीनामा मांगने लगे थे। इस बार राहुल गांधी ज्ञानेश कुमार को चोर बोल रहे हैं, ज्ञानेश कुमार चुप हैं। क्योंकि जनता को चोरी की यह कहानी समझ आ गई है। यह दिन भी देखना था। चुनाव आयुक्त इस देश के हीरो हुआ करते थे, आज उन्हें चोर कहा जा रहा है।
सुप्रीमो कोर्ट का दिल्ली को लेकर आदेश
-इंटरनेट बंद नहीं किए जाए
-बैरीकेट्स हटाएं जाएँ
-मेट्रो स्टेशन खुले रखें जाएँ
-वकीलों को परेशान न किया जाए
कुछ तो शर्म करना चाहिए सरकार को।
दिल्ली हिरासत में लिए गए हजारों छात्रों को अगर कल 12:00 बजे तक रिहा नहीं किया तो हम सैकड़ो बौद्ध भिक्षुओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे