जिनका जमीर जिंदा है वे सरकारी अत्याचार, तानाशाही और शोषण के खिलाफ आंदोलन करते हैं।
आपको क्या लगता है?आंदोलन नहीं होना चाहिए!
जबतक दुनिया कायम है तब तक जन आंदोलन होते रहेंगे। इसे कोई रोक नहीं सकता।
बंगाल में जनता के नाम पर आरएसएस के गुंडे ठीक उसी तरह टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं और उनके परिजनों पर हमले कर रहे हैं, जिस तरह 1975-76 में गुजरात में छात्र आंदोलन की आड़ में संघी गुंडों ने कांग्रेस के विधायकों और उनके परिवार व घरों पर हमले कर उन पर इस्तीफे का दबाव बनाया था।
दल-बदल के ऑपरेशन में यह नया कीर्तिमान! ढाई साल पहले रजिस्टर हुई एक पार्टी. उसका न कोई MLA-MP न कोई मुखिया-प्रधान! रातोंरात छप्पर फाड़कर उसकी झोली में गिर पड़े 20 अनुभवी और गणमान्य सांसद! कमल खिलखिला रहे!
इतिहास में पहली बार 20 सांसदों ने एक ऐसी पार्टी में Merger किया, जिसका न तो उन्होंने कभी नाम सुना.. न मुखिया का पता... न ऑफिस का पता.. न सिंबल का पता...
अंदर गये तो भंडारा खत्म, बाहर निकले तो चप्पल गायब 😀
यही स्थिति है तृणमूल के भगोड़ों की - मारे मारे फिर रहे हैं.
जिस नेशनलिस्ट सिटीजेन्स पार्टी में विलय का दावा किया उसके महासचिव ऋतिक मंडल कह रहे हैं इन्हे नहीं लेंगे. बदनामी होगी.
लोकतंत्र और संसद का तमाशा बना दिया बीजेपी ने.
You must have heard of Shell companies for laundering money
Now, introducing Shell political parties for laundering MPs
Bought to you by Tadipar
Paid for by Indian taxpayers.
Valid only in Vishwaguru.
Yet another history created in legislative architecture. Suddenly. An unknown Registered Unrecognised Political Party #RUPP known as Nationalist Citizen Party acquires 20 rebel #TMC Lok Sabha Members without contesting a single seat. And becomes the third largest party. Doesn’t have a list of office bearers and never submitted any details?
मेरे देश के लोग इस इंतज़ार में बैठे हैं कि लोकतंत्र खत्म करने का ऐलान लाल किले की प्राचीर से होगा, लेकिन वे भ्रम में जी रहे हैं। लोकतंत्र अक्सर एक दिन में नहीं, बल्कि संस्थाओं को कमजोर करने, असहमति की आवाज़ दबाने और नागरिक अधिकारों को सीमित करने की प्रक्रिया से क्षीण होता है।
'''टीएमसी के बागी नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी के साथ मर्ज करेंगे। भारतीय लोकतंत्र 'बेतुकी बातों का थिएटर' बन गई है। एक मजाक है यह! टीएमसी विधायक दल के बागी सदस्य किसी राजनीतिक दल में विलय नहीं कर सकते हैं। ऐसा महज तभी संभव है जब खुद टीएमसी ऐसा चाहे! इन्हें अयोग्य घोषित किया जाए!''
- कपिल सिब्बल
ट्रम्प के देवता पूर्व राष्ट्रपति रीगन चार दशक से पहले लेबनान पर इज़रायली हमलों की निंदा कर चुके हैं. ये लोग निंदा ही कर सकते हैं, एक्शन नही ले सकते. पैसा बोलता है.
कीर्ति आजाद @KirtiAzaad जिस तरह से आज के राजनैतिक परिदृश्य को देखते हैं उसे वैसे ही देखने की जरूरत है। थोड़ी देर पहले एक संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि दरअसल जो आज परिस्थितियां है उसके लिए सबसे ज्यादातर जिम्मेदार दलाल मीडिया है। वह मीडिया जो यूपीए के दौरान कारपोरेट और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मित्रता से अस्तित्व में आई अब उसके कंधे पर सांप उग आए हैं।
कीर्ति कहते हैं वह मीडिया जिसने एक सज्जन और विजनरी पीएम और उसकी सरकार को अनवरत लांछित किया। उन पर घोटालों के झूठे आरोप लगाए। उसको इस देश की जनतांत्रिक पार्टियों ने अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों की वजह से अनदेखा किया।नतीजा सामने हैं।
कीर्ति कहते हैं कि उसी मीडिया ने टीएमसी पर न केवल हमले किए बल्कि पिछले 12 सालों से जारी लोकतंत्र की लूट पर भी खामोश रही। वही मीडिया सांसदों के बिकने के इस दौर में चुप्पी साधे बैठी है और कोने में बैठ मलाई खा रही है।यह मीडिया लोकतंत्रिक मूल्यों और देश की गुनाहगार है।
3 हेलीकॉप्टर और 3 प्राइवेट हवाई जहाज यूपी सरकार के बेड़े में थे।
PM बनने की ख्वाहिश में CM योगीजी 120 करोड़ ₹ का नया ऑगस्टा हेलीकॉप्टर खरीद कर लाये।
BJP प्रदेश अध्यक्ष OBC वर्ग से हैं उन्हें ट्रेन से यात्रा करनी पड़ रही है उनका कद बड़ा न हो जाय इसलिए उन्हें हेलीकॉप्टर तक नहीं देते।
पायलट की ट्रेनिंग पर 15 करोड़ ₹ अलग से खर्च हुए।
उत्तर प्रदेश चुनाव प्रचार तो दिखावा है उन्हें पता है कि आगे अब यूपी में योगी को कुछ नहीं मिलने वाला है इसलिए वह 2029 में प्रधानमंत्री बनने की तैयारी कर रहे हैं।
सबसे चर्चित मॉडल, जो भारत में वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे को लेकर चर्चा में भी रहा था उसका नाम है AgustaWestland AW101 (पहले EH101 के नाम से जाना जाता था)।
AgustaWestland एक हेलीकॉप्टर निर्माण कंपनी है।
AW101 उसका तीन इंजन वाला मध्यम-भारी हेलीकॉप्टर मॉडल है।
BJP को भ्रष्टाचार से समस्या नहीं है, समस्या सिर्फ इतनी है कि भ्रष्टाचारी उसकी पार्टी के बाहर क्यों हैं?
चुनाव के दौरान जिन नेताओं और पार्टियों पर भ्रष्टाचार, हिंदू विरोध और देशविरोधी गतिविधियों के आरोप लगाए जाते हैं, वही लोग अगर BJP के साथ खड़े हो जाएं तो अचानक सारी आपत्तियां खत्म हो जाती हैं।
कुछ दिन पहले तक तृणमूल कांग्रेस को देश की हर समस्या की जड़ बताया जा रहा था। लेकिन अगर उसी दल के नेता BJP में शामिल होने लगें, तो न भ्रष्टाचार बचता है, न वैचारिक विरोध और न ही राष्ट्रवाद का सवाल।
यही वह राजनीति है, जहां सिद्धांत नहीं, सत्ता सबसे बड़ा लक्ष्य बन जाती है। आरोप भी राजनीतिक सुविधा के अनुसार बदलते हैं और चरित्र प्रमाणपत्र भी।
इसलिए सवाल उठता है कि क्या लड़ाई वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ है, या केवल यह सुनिश्चित करने की कि सभी कथित भ्रष्टाचारी एक ही राजनीतिक छत के नीचे आ जाएं?
BJP की राजनीति में विचारधारा नहीं, सत्ता सबसे बड़ी सच्चाई है।
ट्रम्प ने बेरुत पर नेतन्याहू के हमलों पर आपत्ति जताई है. यह बस माहौल बनाने के लिए है. बिना अमेरिका के समर्थन के इज़रायल कुछ नहीं करता है और अमेरिका समर्थन करना बंद कर दे, तो तीन महीने में इज़रायल का अस्तित्व ख़त्म हो जाएगा.
हमें बताया जा रहा था कि भारत की बेहाल अर्थव्यवस्था की वजह अमेरिका-ईरान की जंग है। हर महंगाई, हर गिरावट और हर परेशानी का दोष सरकार की नीतियों पर नहीं, पश्चिम एशिया के तनाव पर था।
अब जब जंग खत्म हो गई है, तो मोदी जी का बहाना भी खत्म हो जाना चाहिए।
क्रूड ऑयल के दाम कम होंगे। सप्लाई चेन सामान्य होंगी। मांग स्थिर होगी। स्वाभाविक रूप से, इसका फायदा देश के ग्राहकों को भी मिलना चाहिए।
मतलब यह कि पेट्रोल, डीज़ल, CNG, LPG और LNG के दामों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेकर कटौती की जानी चाहिए।
क्या इस खुशखबरी का ऐलान मोदी जी फ्रांस से ही करेंगे? या फिर देश को उनके वापस लौटने का इंतज़ार करना पड़ेगा?
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का बयान
"इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान ने, अपने शहीद नेता के नेतृत्व में, अमेरिकी-ज़ायोनी दुश्मन पर अपनी सफलता पूरी कर ली है"
“लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध और मिलिट्री ऑपरेशन आज रात से तुरंत और हमेशा के लिए ख़त्म हो रहे हैं। नेवल ब्लॉकेड तुरंत हटा लिया गया है।”
“ऑफिशियल MoU पर शुक्रवार, 19 जून को साइनिंग होगी। यह फाइनल डील तभी होगी जब U.S. अपने कमिटमेंट पूरे कर लेगा।”