In Delhi SEC court order: Saurav Das's father is Subir Das
In Madras High Court order: Saurav Das's father is Seema Chhetri
Matlab baap ka naam kuch bhi likhwa deta h...???
@Y_Uddhav पहले सपा kannauj, mainpuri, Etawah तीनों लोकसभा में ताकतवर thi. परिसीमन के बाद केवल mainpuri में.
Etawah से jaswant nagar हटा दी गई.
Kannauj का पॉवर centar रही Bharthana vidhan sabha तीन हिस्सों में बांट दी गई.
@vkjatav84 केवल yadav, मुस्लिम और jaat को sir से दिक्कत हुई है. जिनका वोट अमूमन तीन जगह होता ही है. तीनों जगह डालते भी है.
Sc वर्ग फर्जी वोट नहीं डालता है, और जहां रहता है वहीं वोट रखता है.
दैनिक भास्कर ने फर्जी एसटी-एसटी केस करवाने वाली गैंग का पर्दाफाश किया है। पढ़िए।
रिपोर्टर- आपके बारे में पता चला है कि किसी से दुश्मनी है तो आप उसकी जिंदगी बर्बाद करा सकते हैं?
रवि- किससे दुश्मनी है आपकी? आपको मेरे पास किसने भेजा है?
रिपोर्टर- बहुत परेशान हूं, गांव का आदमी ही आपके पास भेजा है।
रवि- हो जाएगा, आपका दुश्मन हवा खाने चला जाएगा।
रिपोर्टर- आप बताइए कैसे करना है, मुझे कोई जानकारी नहीं। कभी कोर्ट-कचहरी नहीं गया हूं।
रवि- कोई बड़ा काम नहीं है, आप पैसा खर्च कीजिएगा ना?
रिपोर्टर- हां, जो बोलिएगा हो जाएगा।
रवि- हमारे लोग हैं, मेरी पत्नी की तरफ से छेड़खानी और SC/ST का केस दर्ज करावा देंगे।
रिपोर्टर- केस में कौन-कौन लोग रहेंगे?
रवि- मैं और मेरी पत्नी, पैसा दीजिएगा तो गवाह बढ़ा देंगे।
रिपोर्टर- आप तो यादव हैं, आपसे कर सकते हैं?
रवि- मैं केस नहीं करूंगा? मेरी पत्नी FIR करेगी, मेरी साली रहेगी, मेरी सास और उनकी बहन सब रहेगी।
रिपोर्टर- कौन-सा केस खतरनाक होता है?
रवि- ऐसे तो छेड़छाड़ ही खतरनाक है, चाहिएगा तो इससे बड़ा वाला भी बना देंगे।
रिपोर्टर- इसमें SC/ST वाला कैसे लगेगा?
रवि- उसी में सब लग जाएगा।
रिपोर्टर- पहले कराए हैं ना?
रवि- हां, कई केस कराए हैं। मैं जैसा बोलूंगा पत्नी वैसा केस कर देगी। हम लोग केस कराने के साथ बेलर का भी काम करते हैं।
पूरी खबर भास्कर पर देख व पढ़ सकते हैं। यह लिंक हैः https://t.co/WRci7ffoh2
@umangmisra@ComradeMalal जनाधार और बाहुबल से मजबूत एक भी ब्राह्मण छोड़ा भी है? प्रतिनिधित्व के नाम पर कमजोर सत्ता लोलुप जनाधार विहीन लोगों को स्थान दिया जा रहा है. यहां तक कि जिले स्तर के मजबूत नेता भी ख़त्म कर दिए.
ब्राह्मण महासभाऑ ने पूरी हिन्दी पट्टी से ब्राह्मण नेतृत्व शून्य कर दिया है. नई पीढ़ी instagram पर like में व्यस्त हैं. रही सही कसर बीजेपी के उभार के बाद उभरे दलाल चमचों ने पूरी कर दी. 25 से 35 वाले राजनीति से ambani बनना चाहते हैं.
बिहार , उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश राजस्थान , हरियाणा इत्यादि हिंदी बेल्ट के इन सारे जगहों पे जहाँ ब्राह्मण पॉपुलेशन ठीक ठाक है। भाजपा के उभार के बाद इन क्षेत्रों से एक भी प्रभावी ब्राह्मण नेता नहीं निकल रहा है। क्या यहाँ के ब्राह्मणों ने पढ़ना लिखना छोड़ दिया है या फिर सामाजिक कार्यों से दूरी बना ली है?
या भाजपा ब्राह्मण युवाओं को यहीं सपना बेच रही कि मुंशी खलासी जैसे पर्सनालिटी ना हो तो मनोज तिवारी - रविकिशन जैसा नचनिया बजनिया फिर तुम्हें प्रमोट करेंगे।
उत्तर प्रदेश से ब्राह्मण धीरे-धीरे नेतृत्व विहीन किया जा रहा है.
आज के समय एक भी क्षत्रप नहीं बचा है. जो किसी ब्राह्मण की मदत कर सके. समाज की आवाज़ बन सके
प्रतिनिधित्व के नाम पर उन जनाधार विहीन चमचों को प्रोजेक्ट किया जा रहा है. जो केवल चापलूसी चमचागीरी करते रहे.
@navneetmishra99 ब्राह्मण नाम छोड़कर वाकी सभी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं, प्रकाश पाल जी जन्म भूमि आंदोलन के समय से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, धर्म पाल जी ने कल्याण सिंह के विद्रोह के समय भी पार्टी के साथ रहे
@PiyushPadmakar 30 साल पहले युवा मोर्चा में उपाध्यक्ष थे, इसके बाद
रोजी रोटी के लिए कानपुर से अहमदाबाद शिफ्ट हो थे. वहां मोदी जी के संपर्क में आए.
प्रदेश क्षेत्र छोड़िए कानपुर में भी कोई पहचान नहीं है
Up के ब्राह्मण को नेता विहीन कर रहे हैं, जैसे गुजरात में किया था.
@askrajeshsahu Maurya जी के चेले सब सपा पर सवार हो चुके हैं
बैसे पूर्वी उत्तर प्रदेश के जितने नव बौद्ध मौर्य नेता है
सब के सब बृज में बदायूं मैनपुरी एटा Farrukhabad Etawah के शाक्य समाज की नेता नगरी करते थे. पूर्व के मौर्य इन्हें मानता नहीं है.
और कुशवाहा सैनी के खुद के नेता पहले से हैं.
@doctorrichabjp 1991 में मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे, Etawah (auraiya)में बूथ कैप्चर करके सभी 7 सीट जीत ली, बाद में चुनाव आयोग ने चुनाव शून्य घोषित कर दिया, दोबारा चुनाव हुए bjp auraiya, Etawah, lakhna, ajeetmal चार विधानसभा जीत गई