हम हर रोज़ फ़ैसले करते हैं। दिन भर में कई-कई बार। फ़ैसले जीवन बदल सकते हैं, जीवन बर्बाद कर सकते हैं। कई बार तो हम यह सोचने में ही समय बर्बाद कर देते हैं कि आज क्या पहनें। कुछ फ़ैसलों को बदलना आसान होता है।
✅ और वह यह है कि सफलता और खुशी दो अलग-अलग स्थितियां हैं
✅ यह संभव है कि एक आम जीवन जीने वाला कोई व्यक्ति हमेशा खुश रहे
✅ और धन, संपत्ति, पद आदि की सफलता के बावजूद कोई दूसरा व्यक्ति दुखी हो
✅ मैंने यह जानने की कोशिश की कि दोनों तरह के लोगों में अंतर क्या है?
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@Kritimakhija
Thank you for this wonderful reply. You mean that “[email protected]” is saying that making 10 calls a day including early morning and late evening to a non-customer is okay. And how can a non-customer have an email I’d registered with you ?
https://t.co/bA5BRO5fOX
हमारे देश में एक व्यक्ति ऐसा है जो चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को ख़त्म कर सकता है या यह क़ानून बनवा सकता है कि अब देश में कोई संविधान नहीं होगा। यह ताक़त उसे हमारे संविधान से ही मिली है। एमेजॉन पर उपलब्ध पुस्तक “भारतीय लोकतंत्र: समस्याएं और समाधान” पढ़िए।
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