@ajitanjum ऐसे ही सामंतवाद के समय के कवि चंद्रवरदाई हुए जिन्होंने पृथ्वीराज रासो नामक पुस्तक लिखी है उसे पुस्तक में उन्होंने लिखा है
जा की बिटिया सुंदर देखी ता पर जाए धरी तलवार
यह सामंतवादी समय की बात है तब ऐसा होता था
@ajitanjum ओमप्रकाश वाल्मीकि जी ने जो कविता लिखी है उन्होंने उसे समय के सामंतवाद के दौर का जिक्र किया है उन्होंने जो देखा अपनी कविता में उसका वर्णन किया है
@chitraaum अच्छा तमाशा कर लेती हैं आप
एक भोले वाले गरीब व्यक्ति के साथ f.i.r. हो जाती है दम है तो ब्रजभूषण को जेल भिजवा कर दिखाओ आप और आपकी पत्रकारिता सब धरी रह जाएगी इत���ा पावरफुल व्यक्ति है उसके खिलाफ एक लफ्ज़ भी नहीं बोलोगे यही तो देखो कि आप लोगों की आलोचना क्यों हो रही है
@SandipaSahu@RealNadeemAhmad@chitraaum पर्सनल क्या होता है पर्सनल वह होता है जो एक दूसरे के सिर्फ बीच में ही रहे वह तो पब्लिकली हो गया है पर्सनल कुछ तो रहा ही नहीं है
@Kesariya_Meenu एक महिला होकर महिलाओं के सम्मान में ऐसी बात बोलती हो शर्म नहीं आती है तुम्हें लगता है तुम्हारे बहुत अच्छे विचार हैं बाबाओं की गुफाओं में जाकर आपने भी आशीर्वाद प्राप्त किया है