दिनांक 20.12.2024 को वजीरगंज, थाना द्वारा लाल वारंटी निरंजन कुमार, पे० अनुप सिंह, सा० कुर्कीहार, थाना वजीरगंज, जिला गया को गिरफ्तार कर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।
@bihar_police@IPRDBihar@gaya_dm@thegreatkbc
बहूत दिन बाद गया जी को मिला ईमानदार और न्यायिक पदाधिकारी । आशा और विश्वास है अपराध और माफिया शब्द गया जी से समाप्त होगा! @vikasvaibhavips Sir ज्ञान और मोक्ष की धरती पर आपका स्वागत है । 🙏
Let's Inspire Gaya
#gaya#gayaji#wazirganj
बहूत दिन बाद गया जी को मिला ईमानदार और न्यायिक पदाधिकारी । आशा और विश्वास है अपराध और माफिया शब्द गया जी से समाप्त होगा! @vikasvaibhavips Sir ज्ञान और मोक्ष की धरती पर आपका स्वागत है । 🙏
Let's Inspire Gaya
#gaya#gayaji#wazirganj
कुर्किहार[ कुंडलपुर ]देवी स्थान – हमारी माँ, हमारी पहचान और वजीरगंज विधासभा का गौरव 🙏🚩
गया ज़िले के वजीरगंज प्रखंड का कुर्किहार देवी स्थान सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि हमारी आत्मा और पहचान का केंद्र है।
सदियों से यहाँ माता की आराधना होती आई है, पीढ़ियों ने यहाँ माथा टेका है और आज भी हर श्रद्धालु यहाँ आकर शक्ति और शांति का अनुभव करता है।
लेकिन दुःख की बात यह है कि इतने पावन और ऐतिहासिक स्थल को वह सम्मान और पहचान अब तक नहीं मिली जिसकी यह हक़दार है। अगर सही योजना और संवर्धन होता, तो आज कुर्किहार मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि धार्मिक पर्यटन और हज़ारों लोगों की रोज़ी-रोटी का साधन बन चुका होता।
सोचिए…
- मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए होटल,
- गाइड और ट्रांसपोर्ट की सुविधा,
- स्थानीय प्रसाद और हस्तशिल्प,
- खाने-पीने के नये विकल्प…
यह सब वजीरगंज और पूरे गया ज़िले को रोजगार और विकास दे सकते थे।
लेकिन अफ़सोस, नेताओं और सरकार की नज़रें अब तक यहाँ नहीं पड़ीं। अगर हम खुद अपनी आस्था और इतिहास को नहीं पहचानेंगे तो कौन पहचानेगा?
इस नवरात्रि, हम सब वादा करें –
- कि हम कुर्किहार देवी स्थान को सिर्फ़ पूजा तक सीमित नहीं रहने देंगे।
- इसे बिहार की पहचान और गर्व का केंद्र बनाएँगे।
- आस्था और विकास को एक साथ जोड़कर अपने गाँव, अपने वजीरगंज और अपने बिहार को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँगे।
जब आस्था और नेतृत्व साथ चलता है, तब बदलाव रुकता नहीं है।
अब वक़्त है कि हम अपनी माँ और अपनी मिट्टी के हक़ की लड़ाई खुद लड़ें।
जय माता दी! 🚩
#wazirganj #kurkihar #gaya #Bihar #navratri
पहली मूर्ति महिषासुर मर्दिनी की है, 12 वीं शताब्दी में पाल/सेन वंश द्वारा निर्मित बताई जाती है. यह मेट्रोपॉलिटेन म्यूजियम में है.
वहीं दूसरी मूर्ति बिहार म्यूजियम में है, कुर्किहार, वजीरगंज, गया से मिली थी. यह मूर्ति भी पालकालीन है, दोनों की संरचना एक जैसी है. #Navratri
आज BREAD Foundation कुर्किहार महादलित टोला और पूरा मोड़ पर शिक्षा शिविर का शुभआरंभ किया जिस्में गरीब बच्चों को अध्ययन सामग्री नोट बुक, पेंसिल, किताब,सिलेट आदि वितरित किया गया, करीब 200 से ज्यादा बच्चे और उनके माता-पिता को इस शिविर से लाभ हुआ
1.हमारे गया के सांसद और कैबिनेट मंत्री @jitanrmanjhi जी कुर्किहर गढ़ की खुदाई को लेकर लिखा है
18/04/2025
2.हमारे विधायक श्री बीरेंद्र सिंह(BJP) ने DG Asi और सांस्कृतिक मंत्री को भी लिखा है
05/05/2025
3.@FoundationBread साथ में 950 स्थानीय लोग द्वारा हस्ताक्षरित पत्र दीया है
The world aware of Kurkihar rich cultural heritage & a dying national monument site but why @MinOfCultureGoI@gssjodhpur@ASIGoI not keen to preserve and protect it? Why scientists Excavation of kurkihar gadh not carried out even after 95year?
Where is विरासत से विकास तक?
#Asi