@shivkant माननीय प्रधानमंत्री जी तो कहते हैं कि उन्हें ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त है वे हर चीज को पहले ही जान लेते हैं। तो फिर उन्होंने पूरा देश चुनाव में क्यों झोंक रखा था? जबकि पूरा देश खाड़ी में हो रहे खेल को और अमेरिका के हाथों लगातार हो रहे देश के अपमान को देख रहा है।
@shivkant पता नहीं आप कहना क्या चाहते हैं पता नहीं? परन्तु जहां तक विरासत की बात है तो हमारी विरासत ही भाईचारा थी, अपनी जुबान थी, अपनी संस्कृति थी। परन्तु आज न तो किसी की कोई जुबान है न किसी के प्रति सम्मान। बस सभी को चाहिए जबरदस्ती का सम्मान।
@ZeeBusiness@raghav_chadha अब पढ़े लिखे नहीं बल्कि फर्जी डिग्री वालों की ही आवश्यकता है। इसीलिए सरकार ने शिक्षा का बजट 4% से घटाकर 2% कर दिया है। बस तालियां पीटिए नहीं तो थाली पीट लीजिए।
@ManojSr60583090 मूर्खतापूर्ण बात और अपनी ही पार्टी में दूसरी पार्टी के ऐजेन्ट होने का सबूत। क्योंकि वोटिंग लिस्ट का कार्य चुनाव आयेग का है न कि राजनीतिक दलों का। चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में केन्द्र सरकार का अहम रोल होता है तो कुछ भी समझाने की आवष्यकता नहीं है।
@SushantBSinha क्या आप यह बता सकते हैं कि राष्ट्र के प्रति आपके क्या उत्तरदायित्व हैं। आरोप चुनाच आयोग पर लगा है, जवाब उसको देने दीजिये। आपको इतना दर्द क्यों हो रहा है। आप सवाल उठा नहीं सकते दूसरे को पूछने नहीं देंगे। बस लग गये अपनी चाटुकारिता सिद्ध करने। राष्ट्रहितों की रक्षा कौन करेगा?