वो सेठ व्यापारी रजवारे, दस लाख तो हम हैं दस करोड,
ये कब तक अमरीका से, जीने का सहारा मांगेंगे।
हम मेहनतकश जग वालों से जब अपना हिस्सा मांगेंगे,
इक खेत नहीं, इक देश नहीं, हम सारी दुनिया मांगेंगे।
फैज अहमद ‘फैज’
कामगारदिन जिंदाबाद ..!
भयानक! बुलंदशहर, यूपी के एक मंदिर में दो साधुओं की हत्या, लेकिन मैं सभी से अपील करता हूं कि वे इसे सांप्रदायिक न बनाएं, जिस तरह से कुछ लोगों ने पालघर मामले में करने की कोशिश की।