गैरों की कामयाबी पर जलते लोग यहां..!!
"गीत" तुम शालीनता की मूरत पसंद किसे आओगी ..!!
#हमारकरेजा#हिंदीशायरी
Mujhe toh Koi pyar hi nhi krta 😏😒
कोई मुझे बाबू सोना बच्चा भी नहीं कहता
है मिज़ाज अपना ज़रा-सा सख़्त, खलता है बहुत,
पर तिरा हर एक गिला भी दिल को लगता है बहुत।
चाहता था एहसान कोई याद ही न रहे मुझे,
क्या करूँ, एहसान तेरा दिल में रहता है बहुत।
बेवफ़ाई का मुझे इल्ज़ाम देते हो, दो मगर,
पर तिरा बिछड़ना मुझको रोज़ डसता है बहुत।
झुक गया हूँ इश्क़ में, ये हार समझो मत इसे,
जो मोहब्बत जानता है, वो ही झुकता है बहुत।
हाँ, मिरी आदत है सच कहना जहाँ जैसा लगे,
तेरा हर ख़ामोश लहजा दिल को चुभता है बहुत।
सब से मिलता हूँ मगर दिल एक ही का हो गया,
भीड़ में भी नाम तेरा दिल में बसता है बहुत।
'जुनून' रोज़ समझाता हूँ दिल को भूल जा,
पर वो शख़्स साँसों में अब भी उतरता है बहुत।
इन निगाहों को कातिल तो सारा ज़माना कहता है..!!
ऐ यार.तुम इस पर ग़ज़ल लिखो तो कोई बात बने..!!
#हमारकारेजा#ग़ज़ल#निगाहे
मेरे लिए कोई कुछ नहीं लिखता 😒 kya itna bura hu mai maa💃 ना लिखे तो ना लिखे हमको भी पढ़ने का शौक नहीं ☺️ पढ़ती हूं डिग्री पाने को 😂🤣🤣
इन निगाहों को क़ातिल तो सारा ज़माना कहता है,
मैं क्या लिखूँ, हर शेर भी इन्हें अफ़साना कहता है।
जब उठती हैं तो दिलों में हलचल सी मच जाती है,
जब झुकती हैं तो मौसम खुद को दीवाना कहता है।
इनमें डूबकर कितने ही साहिल भूल गए रस्ते,
हर डूबा हुआ आशिक़ इन्हें मैख़ाना कहता है।
लब ख़ामोश रहें फिर भी बातें पूरी हो जाती हैं,
इन आँखों की भाषा को दिल का तराना कहता है।
इन निगाहों को क़ातिल तो सारा ज़माना कहता है,
मैं ग़ज़ल लिख दूँ तो हर मिसरा इन्हें ख़ज़ाना कहता है। ✍️❤️
@Geetkishayri तेरी निगाहों की रंगत में,
डूबे हैं सब मंज़र मेरे,
खुदा करे ये हुस्न-ए-नज़र,
हमेशा यूं ही काम हो।
अदाएं ऐसी कि रुक जाएं सांसे, देख कर तुमको
तुझसे शुरू मेरी सुबह,
और तुझपे ही शाम हो।
ये सादगी ये मदहोशी
क्या कयामत ढाती है
तारीफ़ क्या करें लफ़्ज़ों में
बस एक हसीन कलाम हो
@Geetkishayri बस इत्तु सा काम 😂
नशा छलके है ह तेरी आंखों से, जैसे कोई जाम हो
बहक जाए जो देख ले इनको
वो उसका गुलाम हो
सुकून सा मिलता है रूह को
जब तु पलकें उठाती हैं
तसव्वुर में मेरे दिन-रात
बस तेरा ही नाम हो