आप SIR के बारे में AIMIM का स्टैंड जानते हैं जब पार्लियामेंट में ये बिल आया था तो सबसे पुरजोर तरीके से किसी ने विरोध किया था उस शख्स का नाम बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी साहब थे। आपको बता दें चीफ़ इलेक्शन कमीशन के पास डेलिगेशन लेकर जाने वाले बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी साहब, अख्तरूल ईमान साहब तौसीफ साहब और आदिल हसन थे उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में पेटीशन देने वाले का नाम अख्तरूल ईमान है AIMIM है इसलिए सवाल करने से पहले जानकारी ले लें :- AIMIM राष्ट्रीय प्रवक्ता @AadilHasanAdv1 साहब
पटना में आज नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च निकाला। इस दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग कूदकर आगे बढ़ते नजर आए।
अगर आपको लगता है की ये पुलिस वाले हैं तो आप बिल्कुल ग़लत हो।
सबसे पहले तो इन लोगों ने वर्दी अधूरी पहनी हुई है और दूसरी बात की ये पुलिस वाले नहीं पालकी सरकारी गुंडे हैं।
जो सत्ता के टुकड़ों पर पल रहे हैं।
लंदन में लक्ष्मण लाल को बुर्का पहनकर चोरी करते दबोचा गया
लक्ष्मण लाल का मकसद था मुस्लिम महिला वेश में चोरी कर के मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करना।
लक्ष्मण लाल एक अकाउंट भी बनारस बाबा नाम से चलाता है जहाँ से मुस्लिम को बदनाम करने की एक से झूठी पोस्ट करता रहता है
दिल्ली 2020 📍
ये वीडियो किसी फ़िल्म का सीन नहीं है बल्कि 2020 दिल्ली दंगे का वीडियो है।
वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है की दिल्ली दंगे का मास्टरमाइंड कौन कौन था।
साफ़ लफ़्ज़ों में कहें तो रागनी तिवारी और कपिल मिश्रा द्वारा दिल्ली दंगा भड़काया गया।
रागिनी तिवारी द्वारा खुलेआम हिंसा करने की अपील की जा रही थी।
लेकिन दंगे का आरोपी किसे बनाया गया? उमर खालिद शरजील इमाम और खालिद सैफी को।
जिनका इन दंगों से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं था,वहीं दूसरे तरफ़ वीडियो में दिखने वाले सभी मुख्य चेहरे बाहर आराम से घूम रहे हैं।
पश्चिम बंगाल 📍
पश्चिम बंगाल में चल रहे RSS के कर्रेकर्म में हिंदू युवकों द्वारा RSS गो बैक के नारे लगाये।
नाराज युवकों का कहना था की हिंदू जब मुसीबत में पड़ता है तब ये नहीं दिखाई देते।
और जान हिंदू मुस्लिम में दंगा भड़काना हो ये देश के कोने कोने में पहुँच जाते हैं।
दिल्ली जंतर–मंतर:
देश के अलग अलग हिस्सों में मस्जिदों के खिलाफ़ हो रही कार्रवाई के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन हुआ
जिसमें मुस्लिम संगठनों के अलावा मुस्लिम सांसद इकरा हसन, जियाउर रहमान वर्क और मोहिबुल्लाह नदवी ने भी हिस्सा लिया..!
2014 में जन्मे अंधभक्तों को ये लगता है की कश्मीर से कश्मीरी पंडित को भगाने वाले कांग्रेसी थे।
अंधभक्तों अब तो सच्चाई स्वीकार करलो की आपके अघोषित पिता जी ग़लत हैं।
एक मुस्लिम महिला भूखी थी, लेकिन खाना देने से पहले उससे ‘जय श्री राम’ कहलवाने की शर्त रख दी गई। उसने इनकार किया तो खाना नहीं मिला।
और दूसरी तरफ़ दिल्ली की जामा मस्जिद में एक हिंदू बच्ची के इलाज के लिए करीब ₹6 करोड़ जुटाए गए।
एक तरफ़ मजहब के न��म पर भूख को भी शर्तों में बांधा गया, दूसरी तरफ़ इंसानियत ने मजहब नहीं पूछा।
आप सस्पेंड हो सकते हो अगर मोहर्रम में अपने करतब कर दिया।
आप लाइन हाजिर भी हो सकते हो अगर अस्सलाम वालेकुम, जज़ाक अल��लाह कह दिया।
��स शर्त यह है की आप मुस्लिम होने चाहिए।
बाक़ी धर्म के लोग अपने धार्मिक यात्रा में नाच भी सकते हैं, गदा लेकर आगे आगे चल भी सकते हैं।
अगर हक़ के लिए लिख नहीं सकते तो कमसे कम हक़ के लिए लिखने वालों का साथ दो।
आओ हम सब मिलकर उज्जैन की शा���ी मस्जिद को बचाने के लिए एक जुट होकर लिखे…✍️
#SaveUjjainShahiMosque