"PM Cares Fund was the sole source of funding for CJP. The agencies should conduct an audit of the PM Cares Fund to establish the facts."
— Cockroach Janta Party
ये एकदम ग़लत हो रहा है। देश के प्रधानमंत्री को किसी बच्ची से क्या ख़तरा हो सकता है। उन्हें एतराज़ हैं तो वो कहें। वो सक्षम हैं और रैलियों में कहते भी हैं। उनके नाम पर न्यूज़ चैनल अति किए जा रहे हैं।
"सोनम वांगचुक ने देश से कुछ नया या ग़ैरकानूनी नहीं माँगा, उन्होंने वही माँगा जो सरकार ने जनता से वादा किया था। लेकिन सवाल पूछना और अपना हक़ माँगना आज इस सरकार को गवारा नहीं।
जो इंसान देश के लिए अवॉर्ड लाता है, शिक्षा में क्रांति लाता है, सीमा पर चीन के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है… आज वही जेल भेजा जा रहा है। ये कैसी विडंबना है?
अगर सोनम वांगचुक जैसे पढ़े-लिखे और ईमानदार लोगों को "देशद्रोही" बताकर दबाया जाएगा तो समझ लीजिए असल समस्या उन लोगों में नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार में है।
हम सब सोनम वांगचुक के साथ खड़े हैं। आवाज़ को दबाने की हर कोशिश का जवाब और बुलंद आवाज़ से दिया जाएगा।
#SonamWangchuk
एक बार जब लता मंगेशकर अमृतसर में थीं, तो उन्होंने नूरजहाँ को फोन किया, जो पास ही सरहद पार लाहौर में रहती थीं। घंटों बातें करने के बाद लता जी ने उनसे मिलने की इच्छा ज़ाहिर की, लेकिन कम समय में ज़रूरी कागज़ात तैयार करना संभव नहीं था।
दोनों ने इसका एक तोड़ निकाला—वाघा और अटारी बॉर्डर के बीच एक जगह थी जो किसी देश की सीमा में नहीं आती। दोनों वहाँ पहुँचीं, एक-दूसरे से गले मिलीं, ढेर सारी बातें कीं। जब विदा लेने का वक्त आया, तो दोनों की आँखों में आँसू थे। दोनों के बीच आत्मीय और घनिष्ठ मित्रता थी, और एक-दूसरे की प्रतिभा के प्रति गहरा सम्मान भी।