सुनिए श्याम लाल यादव जी को, वैलिड क्वेश्चन है । मै तो समर्थन करती हु । समर्थन करती हु 50% रिजर्वेशन और 50% ओपन टू ऑल का । सरकारी से लेकर प्राइवेट तक में, संसद से लेकर चपरासी तक के लिए । रिजर्वेशन न होता तो आज हिंदुस्तान और अधिक पिछड़ा होता । आरक्षण रोटी कपड़ा मकान की तरह अपिरहार्य है । बॉयस मानसिकता इसका विरोध करती है अन्यथा VC या लेटरल इंट्री में अवश्य जगह मिलती । सरकारी नौकरियों को खत्म करना या कम करना भी इसी मानसिकता का रूपांतरण है । मै राहुल गांधी की सत्तालोलुपता में 80% - 90% आरक्षण की समर्थक नहीं हु किंतु 50% आरक्षण मुझे न्यायोचित और अपिरहार्य लगता है। इसके लिए आप मुझे अपशब्द बोल सकते है कि मैं कैसी ब्राह्मण हु लेकिन मानवता और जीवन उत्थान मेरे लिए आवश्यक विषय है ।
@Rakeshpal1998@RajeevRai भाई साहब की रीच कम हो गई थी लगता है , इसीलिए करना पड़ा ,अगर मुद्दा खत्म हो जाएगा तो रीच खत्म हो जाएगी , पंचायत चुनाव लड़ना है लेकिन सरकार वो भी नहीं करवा रही है , इसीलिए रीच कम नहीं होनी चाहिए, इसी चक्कर में टंकी पर भी चढ़ना पड़ा लेकिन माहौल वैसा नहीं बना जैसा सोचा था ।
@theredinkmedia@yadavakhilesh@myogiadityanath@SanjayAzadSln बताओ इस तथाकथित पत्रकार को इतना तक नहीं पता कि obc रिजर्वेशन में क्रीमी लेयर का नियम है , जो लोग नॉन क्रीमी लेयर में आते हैं उनको ही आरक्षण मिलता है , ये हाल है जन्मजात मेरिट वालों का , ऊपर से इनको भी ews के नाम पे आरक्षण मिला हुआ है ।