तुम देओ बयान
तुम कहो जातिवादी
तुम जलाओ पुतले
तुम लगाओ आरोप
तुम दर्ज करवाओ मुकदमे
तुम गालियाँ दो
तुम बदनाम करने की हर कोशिश कर लो
लेकिन राजस्थान की जनता एक बात कभी नहीं भूलेगी
जब किसी गरीब का बेटा दुनिया छोड़ जाता है, जब किसी बेटी का परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकता है, जब किसी माँ की आँखों से आँसू रुकने का नाम नहीं लेते, जब किसी घर का चिराग बुझ जाता है.....
तब बड़ी-बड़ी बातें करने वाले नेता दिखाई नहीं देते
तब एक आदमी सबसे पहले उस परिवार के बीच बैठा दिखाई देता है
आज की घटना देखिए.....
एक परिवार टूट जाता है।
परिजन बिलख रहे हैं, न्याय की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है
ऐसे समय में कितने मंत्री पहुँचे?
कितने विधायक पहुँचे?
कितने बड़े-बड़े नेता पहुँचे?
लेकिन एक व्यक्ति वहाँ पहुँचा.....
कुर्सी बचाने नहीं,
राजनीति चमकाने नहीं,
फोटो खिंचवाने नहीं,
बल्कि उस परिवार के आँसू पोंछने, उनका दर्द सुनने और यह भरोसा दिलाने कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा मैं आपके साथ खड़ा हूँ।
शायद यही वजह है कि हनुमान बेनीवाल को समझने के लिए राजनीति नहीं संवेदना चाहिए।
सोचिए एक ऐसा व्यक्ति जो वर्षों से अपने परिवार को पूरा समय नहीं दे पाया, जिसके बच्चे अपने पिता का इंतजार करते होंगे, जिसकी माँ कई बार बेटे को देखने को तरस जाती होगी....
लेकिन प्रदेश के किसी भी कोने में किसी के साथ अन्याय हो जाए, किसी गरीब की आवाज दबा दी जाए, किसी परिवार पर दुःख का पहाड़ टूट जाए तो सबसे पहले वही व्यक्ति वहाँ पहुँचता है।
सरकार से लड़ना पड़े तो लड़ता है, प्रशासन से टकराना पड़े तो टकराता है, मुकदमे झेलने पड़ें तो झेलता है, आलोचनाएँ सुननी पड़ें तो सुनता है लेकिन पीड़ित परिवार का साथ नहीं छोड़ता।
आज राजनीति का सबसे बड़ा संकट यही है कि नेताओं के पास शब्द तो बहुत हैं लेकिन संवेदनाएँ कम हैं
सोशल मीडिया पर दो लाइन लिख देना आसान है, श्रद्धांजलि का पोस्टर लगा देना आसान है लेकिन किसी रोते हुए परिवार के बीच बैठकर उनके आँसू महसूस करना आसान नहीं होता।
राजस्थान की जनता इसलिए याद रखेगी कि इस दौर में जब अधिकांश नेता मोबाइल की स्क्रीन से राजनीति कर रहे थे तब एक नेता धरातल पर लोगों के दुःख-दर्द में शामिल हो रहा था
पद बड़े होने से कोई बड़ा नहीं होता, बड़ा वह होता है जो किसी टूटे हुए इंसान को सहारा देने के लिए उसके दरवाजे तक पहुँच जाए
और यही कारण है कि लाख विरोध, लाख आरोप और लाख साजिशों के बावजूद जनता के दिलों में हनुमान बेनीवाल की जगह बनी हुई है.....
@hanumanbeniwal
दिवंगत नर्सिंग कार्मिक दीपक के परिजनों व SMS मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर दीपक जी माहेश्वरी ,चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री बीएल गोयल सहित अन्य अधिकारियों मध्य हुई वार्ता सकारात्मक रही |
मैंने भी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार की तरफ से दिवंगत की पत्नी व परिजनों को पांच लाख रुपए देने की घोषणा की |
राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा गर्भवती महिलाओं के संदर्भ में दिया गया बयान बेहद निंदनीय, असंवेदनशील और उनके पद की गरिमा के विपरीत है। जिस व्यक्ति के कंधों पर प्रदेश की माताओं, बहनों और मरीजों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी हो, उससे ऐसी टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
यह बयान केवल एक महिला का अपमान नहीं है, बल्कि मातृत्व और नारी सम्मान के प्रति भाजपा सरकार की सोच को भी उजागर करता है। सत्ता के मद में चूर मंत्री यदि जनता की पीड़ा को समझने के बजाय उसका उपहास उड़ाने लगें, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री को इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए स्वास्थ्य मंत्री को सार्वजनिक रूप से जनता से माफी मांगने हेतु निर्देशित करना चाहिए |
@PMOIndia@BhajanlalBjp@RajCMO
आज जयपुर आवास पर नीट (यूजी) परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों ने मुलाकात कर आगामी 21 जून को भरतपुर में भरतपुर , धौलपुर व डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में ओबीसी आरक्षण दिलवाने की मांग को लेकर प्रस्तावित रैली को नीट परीक्षा के मध्य नजर आगे रखने की मांग की ,मैंने जाट आरक्षण संघर्ष समिति को इस रैली की तिथि में परिवर्तन करने का आग्रह किया है ताकि बच्चों को नीट परीक्षा देने में कोई दिक्कत नहीं हो |
मुझे नागौर व बीकानेर संसदीय क्षेत्र के नागरिकों के साथ यह जानकारी साझा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत सरकार के सड़क,परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री @nitin_gadkari जी ने नागौर से बीकानेर तक राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन करने के लिए 1360 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की है |
यह मार्ग दो लेन से चार लेन (फोर लेन) सड़क में विकसित होने से आवागमन सुलभ होगा व आम जन को इससे लाभ मिलेगा |
मैं माननीय गडकरी को मेरी इस मांग पर स्वीकृति जारी करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करता हुं |
@OfficeOfNG@MORTHIndia@NHAI_Official
बाड़मेर में दलित परिवार से आने वाले श्री जैसाराम जी मेघवाल की मृत्यु हो जाने के प्रकरण को लेकर दिवंगत जैसाराम जी के परिजन बाड़मेर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर आंदोलित है,सरकार को इस प्रकरण में संज्ञान लेकर दिवंगत जैसाराम जी मेघवाल के परिजनों के साथ न्यायोचित कार्यवाही करनी चाहिए | मैंने RLP परिवार के सदस्यों को बाड़मेर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे स्वर्गीय जैसाराम जी मेघवाल के परिजनों से मुलाकात करने को कहा है|
@RajGovOfficial
आज नागौर जिला मुख्यालय पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की जिला इकाई द्वारा जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगो को लेकर लोकतांत्रिक रूप से प्रदर्शन करते हुए जिला कलक्टर को राज्यपाल महोदय के नाम ज्ञापन दिया गया |
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, राजस्थान की जनता आपसे एक सीधा सवाल पूछ रही है। जब किसी आम आदमी पर मुकदमा दर्ज होता है तो पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती है, लेकिन जब मामला प्रमोद शर्मा जैसे व्यक्ति से जुड़ा हो ,जो खुद को आपका रिश्तेदार बताता है तो कानून की रफ्तार धीमी क्यों पड़ जाती है ? जमीन हड़पने, कूट रचित दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी से जुड़े मामले में जब प्रमोद शर्मा पर दर्ज मुकदमे में माननीय हाईकोर्ट ने भी उसे राहत देने से इनकार कर दिया तो आप बताइए,उसकी गिरफ्तारी कब होगी ? और यदि वो पुलिस की पहुंच से बाहर हैं तो क्या सरकार उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित करवाने का साहस दिखाएगी ? आपकी सरकार भ्रष्टाचार और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की बातें करती है। मंचों से बड़े-बड़े भाषण दिए जाते हैं कि कानून सबके लिए बराबर है। फिर जनता जानना चाहती है कि यह बराबरी सिर्फ विपक्ष और आम लोगों के लिए है या मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों पर भी लागू होती है? अगर कोई और व्यक्ति होता तो अब तक कितनी कार्रवाई हो चुकी होती ?
राजस्थान की जनता देख रही है कि सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है। मैं मुख्यमंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि क्या रिश्तेदारी कानून से बड़ी हो गई है? क्या प्रशासन को यह संदेश दिया गया है कि कुछ लोगों को विशेष संरक्षण देना है? अगर ऐसा नहीं है तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों?
आज राजस्थान का युवा, किसान और आम नागरिक यह सवाल पूछ रहा है कि आखिर प्रमोद शर्मा को लेकर सरकार का रुख इतना नरम क्यों है ? इसलिए मैं फिर पूछता हूं कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रही है तो उनकी गिरफ्तारी पर इनाम कब घोषित करोगे ? या फिर जनता यह समझे कि सरकार रिश्तेदारी निभाने में ज्यादा व्यस्त है और कानून का राज सिर्फ भाषणों तक सीमित है ?
लोकतांत्रिक रूप से ज्ञापन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन देने गए RLP के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित कर दिया जाता है मगर प्रमोद शर्मा के लिए कुछ नहीं क्यों ?
क्या प्रमोद शर्मा और उसके जैसे भूमाफियों को कानून से बचने का कोई वीआईपी पास आपने दे रखा है ?
@RajCMO@PoliceRajasthan
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
को स्मरण दिलाना चाहता हूँ कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना कोई अपराध नहीं है। कुचामन में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ता बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर ज्ञापन देने गए थे, लेकिन उन्हें पहले शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया और बाद में उन पर राजकार्य में बाधा डालने जैसे झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए। इतना ही नहीं, उन्हें पकड़ने के लिए हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की तरह इनाम भी घोषित कर दिया गया। यह आपकी सरकार की नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
जनता की आवाज़ को मुकदमों और भय के माध्यम से दबाने का प्रयास किसी भी लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को शोभा नहीं देता। सरकार और प्रशासन का दायित्व निष्पक्षता से कार्य करना है, न कि राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर विपक्षी विचारधारा के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना,ऐसे में डीडवाना-कुचामन के जिला पुलिस अधीक्षक (SP) ने जिस प्रकार अपनी जिम्मेदारियों को भूलकर RLP कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए इनाम घोषित किया है, वह उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। राजस्थान की जनता यह सब देख रही है।
सरकार और प्रशासन को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को मुकदमों, धमकियों और इनाम की घोषणाओं से दबाया नहीं जा सकता। सत्ता के अहंकार में उठाए जा रहे ऐसे कदमों को जनता देख रही है और समय आने पर उसका लोकतांत्रिक रूप से जवाब भी देगी।
हम लोकतांत्रिक अधिकारों के इस खुले दमन की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएँ। लोकतंत्र में विरोध की आवाज़ को कुचलने का जो प्रयास सरकार कर रही है, वह प्रयास अंततः जनशक्ति के सामने पराजित होगा।
मैं पुनः मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूँ कि जनता की आवाज़ न कभी झुकी है और न कभी झुकेगी। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता आपकी गलत नीतियों से डरने वाला नहीं है।
@RajCMO@PTI_News@ANI@DainikBhaskar@rpbreakingnews@JagranNews@aajtak@ABPNews@ZeeNews@BBCHindi@News18Rajasthan@zeerajasthan_@1stIndiaNews@NavbharatTimes@AmarUjalaNews@TOIIndiaNews@htTweets@IndianExpress
आज जयपुर आवास पर भैराणा धाम को रिको की अवाप्ति से बचाने के लिए आंदोलित साधु संतो ने जयपुर आवास पर मुलाकात की,उन्होंने मुझे सरकार के साथ हुई वार्ता से अवगत करवाया और कई मुद्दों पर गहन चर्चा की | संतो ने यह स्पष्ट किया कि 27 मई की रात्रि को रिको को हटाने सहित अन्य मांगों पर जो सहमति सरकार की तरफ से व्यक्त की गई हम उस पर तटस्थ है और जब तक रिको वापिस नहीं लिया जाता तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा | मैने साधु - संतो से कहा कि इस आंदोलन में हर कदम पर आपके साथ है और भैराणा धाम की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा |
मैं राज्य सरकार से यह स्पष्ट कहना चाहता हूं कि साधु - संतो को बरगलाए नहीं और उन्हें धोखा नहीं दे अन्यथा यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा |
मैंने मेरे घर पधारे साधु - संतो से आर्शीवाद भी लिया |
@RajGovOfficial
सीकर जिला मुख्यालय पर जनहित के मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया!
बढ़ती महंगाई, बिगड़ती कानून व्यवस्था, पेयजल संकट, किसानों, युवाओं एवं आमजन की समस्याओं सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी जनता की आवाज बुलंद करेगी।
जनहित की इस लड़ाई में सहभागी बनें और अपनी आवाज को मजबूती दें।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP), सीकर
@RLPINDIAorg@hanumanbeniwal
संत, सनातन और गौमाता के नाम पर सत्ता में आई राजस्थान की भाजपा सरकार आज संतों की तपस्या और आस्था की उपेक्षा कर रही है। राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए सनातन की भावनाओं को आहत किया जा रहा है।
जयपुर जिले में स्थित दादूपंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भैराणा धाम को औद्योगिक क्षेत्र (रीको) के लिए अधिग्रहण से बचाने हेतु संत समाज पिछले दो महीनों से आंदोलनरत है। भीषण गर्मी में संतजन तपस्या करते हुए इस पवित्र स्थल एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
27 मई को प्रदेशभर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ता और सदस्य संतों के सम्मान में भैराणा धाम पहुंचे तथा लोकतांत्रिक तरीके से संत समाज की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। महापंचायत के दौरान सरकार के निर्देश पर आए अधिकारियों के साथ वार्ता हुई, लेकिन प्रथम चरण में सहमति नहीं बन सकी। संतों के निर्देशानुसार जयपुर कूच का निर्णय लिया गया।
इसके बाद सरकार ने पुनः अधिकारियों को वार्ता के लिए भेजा और मध्य रात्रि के बाद हुई बातचीत के दौरान प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संत समाज की संयुक्त समिति बनाने, भैराणा धाम में प्रस्तावित रीको परियोजना को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने सहित कई बिंदुओं पर जनता, संतों और मीडिया के समक्ष सार्वजनिक सहमति व्यक्त की गई। इसके पश्चात जयपुर कूच स्थगित कर दिया गया।
किन्तु 27 मई से आज 1 जून हो गई मगर सरकार द्वारा किए गए आश्वासनों को अमल में लाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। सार्वजनिक रूप से किए गए वादों का पालन न करना सरकार की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
मैं राजस्थान सरकार से कहना चाहता हूं कि यदि वह इस मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को श्रेय नहीं देना चाहती, तो यह उसकी इच्छा है। हमने हमेशा श्रेय से अधिक जनहित को प्राथमिकता दी है। लेकिन संत समाज की भावनाओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जब किसी जनआंदोलन के बाद सरकार सार्वजनिक समझौता करे और फिर अपने वादों से पीछे हट जाए, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से कहना चाहता हूं कि 27 मई को हुए समझौते के बाद आपकी सरकार से जुड़े विभिन्न संगठन संतों पर अनैतिक दबाव बनाने और उन्हें भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।
सरकार को चाहिए कि वह समय पर संभल जाये और समझौते के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करे, संत समाज की भावनाओं का सम्मान करे तथा भैराणा धाम की पवित्रता और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित करे अन्यथा प्रदेश भर में भैराणा धाम को बचाने के लिए आंदोलन किए जाएंगे और इन आंदोलनों के दौरान किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी |
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सत्ता की लाठी और गोली से डरने वाली नहीं है |
@PMOIndia@RajCMO
दो दिन से भाजपा से जुडा प्रत्येक छोटा बड़ा नेता वीडियो बनाने मे लगे थे लेकिन हनुमान सेना के एक ट्रेंड ने उन videos पर एक झटके मे पानी फेर दिया..... @hanumanbeniwal
राजस्थान की भाजपा सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के नाम पर बड़े-बड़े वादे किए और एक लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी कर व्यापक प्रचार किया। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग दिखाई देती है। समाचार चैनल आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में 1,66,457 पदों पर भर्ती प्रक्रियाओं की घोषणा की, किंतु अब तक केवल 34,639 पदों पर ही नियुक्तियां हो पाई हैं इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि घोषित पदों का एक बड़ा हिस्सा आज भी नियुक्तियों की प्रतीक्षा में है।
यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि भाजपा सरकार रोजगार के मुद्दे पर केवल घोषणाएं करने और राजनीतिक श्रेय लेने तक सीमित रही है, जबकि युवाओं को वास्तविक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए हैं। भाजपा सरकार की कथनी और करनी के बीच का यह अंतर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ किए गए वादों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
क्या राजस्थान के मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp इस बात का कोई जवाब देंगे ?
@aajtak
कुचामन में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पहुंचे RLP कार्यकर्ताओं पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा पुलिस बल का प्रयोग करवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राजस्थान की जनता इसका जवाब आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से अवश्य देगी। पुलिस की यह कार्रवाई पूरी तरह से अनुचित एवं पार्टी विशेष से प्रेरित लग रही है जिसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सदस्य सत्ता की लाठी और गोली से डरने वाले नहीं है |
राजनीति बयानबाजी के चक्कर में इतना भी ना गिरो कि किसी की सुरक्षा से खिलवाड़ करो ।
हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा में लगे PSO हटाना मूर्खाधीश सरकार के ताबूत में आख़िरी कील साबित होगा ।
#राजस्थान_का_CM_मुर्खाधिराज