बिहार में अराजक स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। बिहार में अब कहीं भी, कभी भी, कोई भी छात्रा और महिला सुरक्षित नहीं है। गुंडे अपराधी अब दिन दहाड़े स्कूलों, कॉलेज और घरों में घुसकर अपराध कर रहे है।
महिलाओं को 10 हज़ार रूपया नगद देकर और चुनाव बाद दो लाख ₹ ओर देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री ऐसी घटनाओं पर मौनी बाबा बन चुके है। एनडीए सरकार में महिलाओं, छात्रों, गरीबों और दलितों पर अत्याचार में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।
बिहार का खजाना लुटाकर तथा महिलाओं को 2 लाख रुपए देने का लालच देकर श्री नीतीश कुमार तो चार महीने में ही अपना झोला-झंडा उठाकर चल दिए।
विधानसभा चुनाव के अंतिम 35 दिनों में बिहार के खजाने से ही एक बीमार मुख्यमंत्री से 41 हज़ार करोड़ रुपए बंटवाकर तथा तंत्र व यंत्र से विजय हासिल कर घमंड में डूबे बीजेपी के दो शीर्ष नेता नौसिखिए हाथों में बिहार की बागडोर देकर, पता नहीं बिहार से किस जुर्म का बदला ले रहे है?
बिहार के इस हालात के अकेले ज़िम्मेवार प्रधानमंत्री श्रीमान @narendramodi जी हैं। भाजपा और उनकी पिछलग्गु पार्टियों को ऐसी घटनाओं पर शर्म भी नहीं आती।
बिहार के बच्चे बच्चे सम्राट चौधरी और सम्राट सरकार की पोल खोल रहे हैं!
इनकी चाटुकारिता की नौटंकी पर बिहारवासी चुप नहीं बैठेंगे!
भाजपाई नेता-कार्यकर्ता हों या @bihar_police के वर्दीधारी कारिंदे, दोनों को गुंडागर्दी और लूट खसोट की खुली छूट मिली हुई है!
सम्राट चौधरी ने बिहार को गुंडा-स्टेट बना दिया है!
जैसा CM, वैसे ही उसके चमचे!
@yadavtejashwi #RJD
‘नारी वंदन’ और ‘स्वतंत्र पत्रकारिता’ दोनों को चुनौती देता उप्र भाजपा का शासन-प्रशासन एक ईमानदार महिला पत्रकार की जान के पीछे सिर्फ़ इसलिए पड़ गया है क्योंकि उसने मुख्यमंत्री जी से ‘सवाल’ करना चाहा था।
भाजपा पत्रकारों को मूक श्रोता बनाना चाहती है।
तानाशाही और दानाशाही को चुनौती देनेवाली साहसिक पत्रकारिता की आवाज़ अब और नहीं दबाई जा सकती है।
पत्रकारों का अगर कोई संगठन सक्रिय हो तो वो संज्ञान ले और महिला आयोग भी।
घोर निंदनीय!
केंद्र में बिहार से 7 बेगैरत मंत्री है लेकिन एक की भी हैसियत नहीं कि बिहार की बाढ़ पर केंद्र सरकार से बिहार की कोई मदद करा सके। बिहार से केंद्र में एक भेड़-बकरी मंत्री है, एक कपड़ा मंत्री है, एक गेंहू-चावल मंत्री है, एक छोटा-मोटा कछु लघु मंत्री है, बाक़ी सब पिछलग्गू मंत्री है। पहले बिहार के केंद्रीय मंत्रियों का रुतबा होता था अब तो सब फुस्स फुलझड़ी है।
बिहार में बाढ़ से हाहाकार है। 50 से अधिक लोग मरे है। हज़ारों करोड़ का नुकसान हुआ है, 45 लाख लोग प्रभावित है लेकिन मदद तो दूर प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री के मुँह से एक शब्द नहीं निकला है।
गुजरात के किसी नाला में भी बारिश का पानी बढ़ जाता है तो प्रधानमंत्री वहाँ पहुँच, इसे आपदा घोषित कर गुजरात को हज़ारों करोड़ का पैकेज दे देते है।
इसी साल 23 जुलाई को गुजरात में बारिश ही हुई थी, बारिश के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। बारिश मतलब बारिश होने पर ही प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने वहाँ के CM से conferencing की, Airforce और NDRF को अलर्ट मॉड पर रहने को कहा गया।
अभी कुछ साल पहले गुजरात में बाढ़ आई तो प्रधानमंत्री मोदी हवाई सर्वेक्षण करने गए, तुरंत 500 करोड़ का पैकेज दिया। राहत और बचाव के लिए Army, Airforce और NDRF की टीमें लगाई। पीड़ितों को 2-2 लाख रुपए दिए।
👉 अब देखिए बिहार में बाढ़ से 50 से अधिक लोग मरे है। हज़ारों मवेशी ग़ायब हैं, हज़ारों करोड़ का नुकसान हुआ है, 45 लाख लोग प्रभावित है लेकिन सहायता तो छोड़िए प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री के मुँह से एक शब्द नहीं निकला है। वहाँ मदद करना तो दूर बिहार के CM से फ़ोन पर भी बात नहीं की है। क्या यहाँ के CM को वो फालतू और हल्का समझते है?
👉 हमारे बिहार के साथ इतना भेदभाव क्यों? गुजरात में बाढ़ नहीं बारिश में ही केंद्र सरकार active हो जाती है और बिहार में सैंकड़ों लोगों के मरने और 45 लाख बिहारियों के प्रभावित होने पर भी कोई हलचल नहीं।
👉 समझो बिहारियों। हमारे यहाँ तो ठनका गिरने से ही एक सीजन में सैंकड़ों लोग मर जाते है फिर भी “ठनके” को इन्होंने राष्ट्रीय आपदा सूची में सम्मिलित नहीं किया। केंद्र सरकार कोई मुआवजा नहीं देती। गुजरात में तो बारिश से मरने पर केंद्र 2 लाख रुपए दे देती है।
👉 पहले बिहार पर आपदा आती थी तो लालू जी, नीतीश जी, चाहे इनके बीच जैसे राजनीतिक दुश्मनी हो लेकिन आपदा के समय बिहार के हक को लेकर एक रहते थे। अब तो 30 सांसद सहित 8 केन्द्रीय मंत्री सब गूंगे, बहरे और अंधे है। ये अपने हक के लिए भी नहीं बोल सकते।
👉 हम तो विपक्ष में है पहले दिन से माँग कर रहे है, प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है अगर केंद्र से पैकेज मिलेगा तो वो सरकार को मिलेगा, बताइए इसमें मेरा क्या भला होगा? अगर मैं नकारात्मक दृष्टिकोण का होता तो केंद्र पर क्यों दबाव बनाता? तेजस्वी बिहार और बिहारियों के लिए मरता और जीता है, यही हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सिखाया है।
भाजपाई लोग तो अब सरेआम कहते है कि हमें बिहारियों की कोई चिंता नहीं। भाजपाई कहते है कि 4 साल 11 महीना बिहारियों को उनके हाल पर छोड़ दो। चुनाव के आख़िरी महीना में 5 किलो चावल और 10 हज़ार नगद बांटो और वो सब भूल जाएँगे।
हम बिहारियों के लिए कितने शर्म की बात है कि 45 लाख लोग प्रभावित होने के बावजूद सरकार से कहीं कोई सहायता, सहयोग और उम्मीद नहीं।
आख़िर सोचिए ऐसा क्यों? राजनीति से परे यह पूछ रहा हूँ, क्यों? बिहार ने अपने हक़ के लिए हमेशा केंद्र को झुकाया है लेकिन अब इस बीजेपी के फेर में बिहार झुक रहा है।
#TejashwiYadav #RJD #flood #Bihar
राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड के माननीय नेताओं के साथ प्रदेश में संगठन को मजबूत करने एवं पार्टी के आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई।
#TejashwiYadav#RJD#Jharkhand
जनसमस्या उठाने पर बिहार पुलिस अब पत्रकारों पर फर्जी केस ही नहीं बल्कि जानलेवा हमला भी कर रही है।
बिहार में आपराधिक प्रवृत्ति के मुख्यमंत्री का मनोनयन होने से अब पुलिस का चरित्र भी आपराधिक हो गया है। हालिया दिनों में जब मर्जी जहां मर्जी पुलिस अधिकारी आम नागरिकों की हत्या कर दे रहे है। सरकार विरोधी खबर चलाने पर स्थानीय मंत्री के इशारे पर वैशाली पुलिस ने स्थानीय पत्रकार को फंसाने के लिए उसे फर्जी जुर्म स्वीकार करने के तीन विकल्प दिए:-
1. स्थानीय हत्या में फर्जी कबूलनामा
2. लड़का-लड़की प्रकरण में साजिशकर्ता बनना स्वीकारना
3. देसी कट्टा रखने की स्वीकारोक्ति ताकि ऑर्म्स एक्ट में फंसाया जा सके
पत्रकार द्वारा कृत्रिम अपराध नहीं स्वीकारने पर उसे बर्बर तरीके से पीटा गया। पत्रकार अगर ऐसी घटनाओं पर चुप रहेंगे तो ये सत्ताधारी तानाशाह किसी को नहीं बख्शेंगे।
𝐁𝐉𝐏-𝐑𝐒𝐒 और 𝐍𝐃𝐀 घोर आरक्षण विरोधी है। इसलिए इनकी सरकार में:-
👉 देश के विश्वविद्यालयों में 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के कुल 𝟏𝟎 कुलपति भी नहीं है।
👉 भारत सरकार के सचिवों में 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के कुल 𝟏𝟎 सचिव भी नहीं है।
👉 उच्च न्यायालयों में 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के कुल 𝟏𝟎 न्यायाधीश भी नहीं है।
इन क्षेत्रों में देश की 𝟗𝟎 नब्बे फ़ीसदी आबादी का 𝟏𝟎 प्रतिशत भी प्रतिनिधित्व नहीं है। इससे स्पष्ट है कि यह सरकार या तो यह मानती है कि 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों की 𝟗𝟎% आबादी के लोगों में कोई प्रतिभा और योग्यता नहीं है, अगर प्रतिभा/योग्यता है तो उन्हें अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा?
क्या कुलपति का चयन ये लिखित परीक्षा से करते है? बाबा साहेब के संविधान में इन्हें समानता और आरक्षण का अधिकार मिला तो अब ये भाजपाई उन अवसरों को समाप्त कर रहे है। 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के आरक्षित कोटे की लाखों नौकरियां रिक्त क्यों है?
दलित-पिछड़े वर्गों का वोट लेकर 𝐁𝐉𝐏-𝐑𝐒𝐒 की गोद में बैठे नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, अनुप्रिया पटेल, राजभर, निषाद, सुदेश महतो जैसे लोग और उनकी पार्टियां वंचित वर्गों की दुश्मन है।
औरंगाबाद के गोह में श्रीकृष्णा सामाजिक सेवा संघ द्वारा आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में हर्षोल्लास से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण जी से प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि, उन्नति-प्रगति और आनंद की मंगलकामना की तथा क्षेत्रवासियों को अपनी शुभकामनाएं दी।
भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य संदेश और उपदेश को हमें आज के इस दौर में आत्मसात करने की अत्यधिक आवश्यकता है।
कंस सी क्रूर बिहार की डबल इंजन सरकार से आज हर व्यक्ति दुखी है। एनडीए सरकार प्रदत्त बेरोजगारी रूपी बुराई, अपराध रूपी अधर्म, भ्रष्टाचार रूपी भस्मासुर, महंगाई रूपी मारामारी, बलात्कार जैसे अत्याचार का नाश करना जनहित में जरूरी है।
जय श्री कृष्णा!
#janmashtami #TejashwiYadav
कल सुबह 10 बजे गांधी मैदान से शुरू होकर बिहार का यूथ करेगा राजभवन कूच!
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, नियमितता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने हेतु छात्रों और युवाओं का विशाल मार्च!
सासाराम के दिनारा थाना क्षेत्र में 3 अगस्त को कानून से निडर आदतन अपराधी अजीत तिवारी ने मजदूरी का पैसा मांगने पर गरीब मजदूर 60 वर्षीय श्री चंदेश्वर चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी।
आज पीड़ित के गांव में उनके शोकाकुल परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की तथा गरीब परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की।
आदरणीय सोनम वांगचुक जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि अपना आमरण अनशन स्थगित कर दीजिए। इस संवेदनहीन सरकार से आपकी नैतिक लड़ाई को समझने या सच्चे संवाद की उम्मीद बहुत कम है।
आपके पीछे खड़े हर युवा को वचन है कि शिक्षा और हर सड़ते तंत्र के सवाल हम सड़क से संसद तक उठायेंगे। जय हिंद!