आप सभी को ईद मिलादुन्नबी ﷺ की दिली मुबारकबाद।
अल्लाह तआला इस मुबारक मौके पर हम सब पर अपनी रहमतें नाज़िल फरमाए और हमें नबी-ए-करीम ﷺ की सीरत पर चलने की तौफ़ीक़ अता फरमाए।
आमीन। 🤲❤️
मदरसा में पढ़ने वाले मुस्लिम युवक का कहना है कि ट्रेन में सफर के दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट एवं बदसूलुकी कि.
क्या मुसलमानों के लिए सफर भी अब आसान नहीं रह गया है?
बच्चो ने कुछ भी ग़लत किया है तो गिरफ्तार करते इस तरह जानवरों की तरह कौन मारता है ये सब के सब सस्पेंड होने चाहिए मैं तो कहता हूँ टर्मिनेट होने चाहिए
विपक्ष को ये वीडियो पार्लियामेंट में रखनी चाहिए और शकल की पहचान करवा के इन पर कार्यवाही की माँग करनी चाहिए .
ये अत्याचार है बच्चों ने कुछ भी ग़लत किया हो पुलिस केवल गिरफ्तार कर सकती है
एक युवक दुकान से कुछ लेकर आ रहा था,
तभी सड़क पर एक लड़की अचानक छत से गिरी, पहले तो डर गया
जब उसने देखा बच्ची है, उसे उठा कर तुरंत हॉस्पिटल भागा ,अपना सामानभी नहीं उठाया,
वह जानता था लड़की को अगर समय पर इलाज मिल जाए तो उसकी जिंदगी बच सकती है।
युवक की मानवता को सलाम।
यह मध्य प्रदेश के खंडवा में तैनात अपर सत्र न्यायाधीश अक्षय कुमार द्विवेदी हैं। यह उन लोगों में से हैं जिन्हें हम सबको प्यार करना चाहिए।
जज साहब ने आलीशान सरकारी बंगला, वीआईपी कार और अन्य सरकारी सुविधाएं लेने से इंकार कर दिया है। वे एक छोटे से कमरे में रहते हैं, अपना खाना खुद बनाते हैं और रोजाना पैदल ही कोर्ट जाते हैं।
जज अक्षय ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को आवेदन देकर अपनी सैलरी आधी करने की मांग भी की है। निजी संपत्ति के नाम पर उनके पास सिर्फ अपनी मां द्वारा दिया गया एक मोबाइल फोन है। उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया है। तबादले पर उन्होंने विभाग से कहा है कि उन्हें देश में कहीं भी भेजा जाए, वे न्यूनतम सरकारी सुविधाएं ही लेंगे।
बचपन में अपनी मां को संपत्ति विवाद के दौरान अदालत के चक्कर लगाते देखकर उन्होंने जज बनने का निर्णय लिया था। इसी कारण वे अपनी अदालत में आने वाले मुकदमों, खासकर जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा बेहद तेजी से करते हैं ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
सलाम जज साहब
हज़रत इमाम हुसैन की शहादत का पैगाम यह है कि हर स्थिति में हक़ और इंसाफ के लिए खड़ा होना है, चाहे इसकी कोई भी क़ीमत चुकानी पड़े, ईमान का तकाज़ा यही है, मज़लूमों के साथ हक के लिए खाड़ा होना और ज़ालिम के आगे सर नही झुकाना।
#TheMessageofKarbala#WhoIsHussain#whoIsKarbala
लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर में आग लगने की दुखद घटना से मन अत्यंत व्यथित है।
इस हादसे में घायल हुए बच्चों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। पीड़ित परिवारों के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे।
#Lucknow
By I me myself, 2 ways to be by yr self, Alone and Lonely, Alone is by choice n lonely when nobody wants to be with u….. Ab iske aage you Figure out what you need to do
आयान सैफ़ी कि माँ चीख चीखकर इंसाफ कि गुहार लगा रही हैं। इकलौते बच्चे कि हत्या ने उन्हें अकेला कर दिया है। इस दर्द में वो दिल्ली कि मुख्यमंत्री @gupta_rekha को पुकार रही हैं। क्या कोई इस माँ कि सुनने वाला है?
Thinking yeh hai kisi bhi field mai . Soch lo samaj lo clear ho jao decision lo aur sab bhool ke aage badho and topi se yaad aaya topi khud pehno kisi ko pehnao nahi na kisi ko pehnane do.
बिहार निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजहरी, जो बरेली शरीफ में ताजश्शरिया के सालाना उर्स में शामिल होने आए थे, उनकी उत्तर प्रदेश के बरेली रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु अत्यंत दुखद और चिंताजनक है।
परिजनों के पास मौजूद मृतक की आखिरी कॉल की रिकॉर्डिंग इस मामले को और अधिक संवेदनशील और गंभीर बनाती है।। कॉल के दौरान मौलाना ने स्पष्ट रूप से बताया था कि कुछ नशे में धुत लोग उनकी धार्मिक पहचान को लेकर गाली-गलौज और मारपीट कर रहे हैं तथा उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कई बार मदद की गुहार भी लगाई।
वहीं दूसरी ओर, घटना पर @bareillypolice का यह बयान कि खिड़की के पास बैठने के दौरान झपकी आने से गिरने के कारण मृत्यु हुई, कई गंभीर सवाल खड़े करता है। जब एक ओर पीड़ित की आखिरी कॉल में हमले और प्रताड़ना की बात सामने आ रही है, और दूसरी ओर आधिकारिक बयान इसे दुर्घटना बता रहा है।तो यह स्पष्ट रूप से विरोधाभास दर्शाता है।
माननीय रेलमंत्री @AshwiniVaishnaw जी, ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
हम शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
@RailMinIndia
🇮🇱🇵🇸इजराइल हर दिन सैकड़ों निर्दोष गाजावासियों को चुपचाप मौत के घाट उतार देता है। वे उन्हें फांसी देने से पहले उनके अंग भी निकाल लेते हैं। कृपया इस संदेश को फैलाएं,🇵🇸💔💔
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#FreePalestineFormZionistOccupation #GazaGenocide