हाथरस रोटी बैंक (संस्कार वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित)
एक प्रयास " कोई भूखा ना सोये "
भाइयो प्रतिदिन शाम 7:30 बजे 4 रोटी, सब्जी या अचार का पैकिट बना कर वितरण किया जाता है, आप भी भोजन का पैकिट लेकर शाम 7:30 बजे हाथरस सिटी स्टेशन पर कार्यक्रम में शामिल हो सकते है।
हाथरस रोटी बैंक
🙏जय माँ अन्नपूर्णा🙏
प्रतिदिन की तरह आज दिनाँक 21मई 2020 दिन गुरुवार को भी #संस्कार_वेलफेयर_सोसाइटी (#हाथरस_रोटी_बैंक) के सेवादारों द्वारा भोजन प्रसादी वितरण की चंद झलकियाँ
"जवाब माँगेंगे!
ये रोती माँएँ, बिलखते हुए बच्चे, बूढ़े...
बड़ी हवेलियो, ख़ुशहाल मोहल्ले वालो!
कटे अंगूठों की नीवों पे खड़े हस्तिनापुर!
ये लोग एक दिन तुझसे जवाब माँगेंगे"
#Jawaab_Mangenge#LabourersPain#जवाब_माँगेंगे#Nazm
प्रतिदिन की भाँति आज भी गोपेश्वर, तालाब चौराहा, नगर पालिका के अलावा अन्य जगहों पर भी भोजन वितरित किया गया। संस्कार वेलफेयर सोसाइटी के सभी सेवादारों जिन्होंने भोजन वितरण में साथ दिया हम उन सभी का धन्यवाद करते है। @PMOIndia@myogiadityanath@AmitShah@ZeeNews@dm_hathras@ABPNews
सभी को राधे राधे
प्रतिदिन की भाँति आज भी जो कि हमारा 1271 वां दिवस है भोजन गरीब, जरूरतमन्द एवं असहायों को वितरित किया गया। हम सभी सेवादारों का दिल से नमन करते है जो इस महामारी के चलते लॉक डाउन में भी अपनी सेवाएं दे रहे है। @myogiadityanath@narendramodi@AmitShah@ZeeNews@aajtak
प्रतिदिन की भाँति आज भी भोजन प्रसादी वितरण सेवा की गई जिसमें हमारी बहिन जी गरिमा राठी जी का सहयोग रहा। हम उनका तहे दिल से धन्यवाद करते है एवं आज हमारे ही सदस्य श्री गोपाल जी के आज पुत्र का नामकरण संस्कार होंने के उपलक्ष्य में उनको बहुत बहुत बधाई @narendramodi@myogiadityanath
इस अधिकारी के ख़िलाफ़ तो तुरंत कारवाई होनी चाहिये.
होमगार्ड अपनी ड्यूटी निभा रहा था और कृषि अधिकारी अपना ईगो सेटिस्फाई करने लगे..
हद है...
शर्म आनी चाहिये ऐसे अधिकारियों को. देश कोरोना से लड़ रहा है और ये लोग अपने अहंकार में डूबे हैं..
होमगार्ड गरीब/बेबस है इसीलिये? @Jduonline
हम सरकार से अपील करते हैं कि इस संकट में आपातकाल राशन कार्ड जारी किए जाएँ।ये उन सभी के लिए हों जो इस लॉकडाउन में अन्न की कमी से जूझ रहे हैं।लाखों देशवासी बिना राशन कार्ड के PDS का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।अनाज गोदाम में सड़ रहा है जबकि सैकड़ों भूखे पेट इंतज़ार कर रहे हैं।अमानवीय!