भगवान कृष्ण से डर कर उनके माता-पिता को कंस ने जेल में बंद कर दिया। भगवान कृष्ण ने जेल में जन्म लिया और जेल तोड़कर निकले, समाज की लड़ाई लड़ी, पाखंडवाद के विरुद्ध गोवर्धन को अंगुली पर उठाया और अत्याचारी पापी कंस का भी वध किया।
हम नल, नील, कोल, भील, ग़रीब, दलित, पिछड़ा की लड़ाई लड़ते हैं यही हमारा क़सूर हो जाता है। सत्ता में बैठे आज के कंस यह सोचते हैं कि मुझे जेल से डरा देंगे, CBI-ED-IT के आगे झुका देंगे, लेकिन शायद उन्हें पता नहीं है कि जेल हमारा गुरुद्वारा है। हम इनके जेल के खेल से ��हीं डरते हैं।
देश को धर्म का पाठ पढ़ाने वाले इन पाखंडी भाजपाइयों ने धर्म का नाश कर दिया है। इन भाजपाइयों ने हमारे कुल प्रधान भगवान कृष्ण जी के पाँव पखारने वाली माँ जमुना को भी दूषित कर दिया। सफ़ाई के नाम पर अरबों रुपया लूट लिए लेकिन माँ गंगा और यमुना साफ़ नहीं हुईं। अब तो इन्होंने राममंदिर का चंदा चोरी भी कर लिया।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ।
ये अकेलापन है या अधूरापन, पता नहीं पर जो भी है उदास करता है... पर मन में कुछ है जो किसी से कहना है पर सबसे नहीं कोई एक विशेष सा जो स्थाई हो मेरे साथ, बीती बार की तरह अधूरा छोड़ देने वाला नहीं अंत तक साथ रह सकने वाला.. बस उससे मन का हर भाव हर ख्याल कह देना चाहता हूं...!!!