कौन है राहुल गांधी? क्या कर लेगी कांग्रेस?क्या होता है जनदबाव? यही पूछते थे न? लो भाजपा का दलाल, गोदी मीडिया का माई बाप सुभाष चंद्रा तो अब गया।
NCLT की पांच सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को ज़ी समूह के संस्थापक सुभाष चंद्र के खिलाफ व्यक्तिगत दिवालियापन के मामले में छोटी पीठ द्वारा 25 अगस्त को 6.5 करोड़ में सेटलमेंट के फैसले पर रोक लगा दी है।
पीठ, जिसमें अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल, न्यायिक सदस्य बाचू वेंकट बलराम दास और महेंद्र खंडेलवाल, और तकनीकी सदस्य अतुल चतुर्वेदी और रविंद्र चतुर्वेदी शामिल थे, ने आज कहा कि पिछले फैसले के संबंध में कोई स्पष्ट बहुमत का मत मौजूद नहीं है।
इसलिए, इसने मामले की नए सिरे से सुनवाई करने का फैसला किया और इसमें शामिल सभी पक्षों को नोटिस जारी किया।
इसने 25 अगस्त के फैसले के फैसले पर तो रोक लगा ही दी चंद्रा को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी संपत्ति को ट्रांसफर करने से प्रतिबंधित कर दिया।
An energising interaction between LoP @RahulGandhi Ji and the AICC Law, Human Rights & RTI Dept. together with our Legal Fellows.
Bright young lawyers, sharp questions, and a shared commitment to the Constitution….
आज से "कांग्रेस कथा विथ अरुण सिंह" नाम का नया कार्यक्रम शुरू कर रहा हूं जो हर रोज़ शाम को आप यहां देख सकते हैं। अब से थोड़ी देर में पहला एपिसोड रिलीज़ होगा।समय निकलकर देखिएगा।धन्यवाद।
बड़ी ख़बर-
यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने योगी आदित्यनाथ उर्फ अजय सिंह बिष्ट के खिलाफ लखनऊ में परिवाद दाखिल किया।
अजय राय का आरोप है कि योगी आदित्यनाथ उर्फ अजय सिंह बिष्ट ने अयोध्या में निषाद समाज के एक कार्यक्रम के दौरान,
उनके मछली खाने की झूठी अफवाह फैलाई और उसे सोशल मीडिया से प्रचारित भी किया।
इस तरह से योगी आदित्यनाथ उर्फ अजय सिंह बिष्ट ने उनकी सामाजिक छवि को धूमिल करने का षडयंत्र किया,
उनकी राजनैतिक मानहानि की गई है।
उन्होंने न्यायलय से अनुरोध किया है कि योगी आदित्यनाथ उर्फ अजय सिंह बिष्ट को न्यायालय में तलब कर दंडित करने की कृपा करें।
यूपी की राजनीति में जमकर रंग बरस रहा है।
होली बेहद करीब है।
@kashikirai@myogiadityanath
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया।
जनपद न्यायालय लखनऊ में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा की अदालत में परिवाद दाखिल किया गया।
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में निषाद सम्मेलन में राम जन्म भूमि और हनुमान गढ़ी के दर्शन करने गए अजय राय पर वहां निषाद सम्मेलन में मछली खाने का बयान दिया था।
अजय राय ने अपने परिवाद में कहा कि वे पूर्णतः शाकाहारी हैं।
योगी आदित्यनाथ द्वारा बिना किसी सबूत के बयान देने से उन्हें भारी मानसिक व सामाजिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा।
यह शायद पहला मौका है जब मुख्यमंत्री के किसी बयान पर उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया गया हो।
राहुल गांधी जी पर 38 मुकदमे हैं, BJP को लगता है एक FIR से वह विचलित हो जायेंगे?
BJP कह रही है ग्राउंड की सफ़ाई कर रहे थे - क्या नगर निगम का ठेका मिल गया है?
पुलिस कांग्रेस वालों की कंप्लेन तक नहीं लेती और नेता विपक्ष के ख़िलाफ़ बिना preliminary inquiry के FIR दर्ज हो जाती है?!
Rahul Gandhi जी पर FIR इस बात का सबूत है की देश मे और प्रदेशो मे #दलित विरोधी सरकारे काम कर रही है |
मोहन भागवत को अमरीका मे ये बात बोलना चाहिए था की भारत मे उनके लोगो के द्वारा दलितों और पिछडो के जाने के बाद उन जगहों का शुद्धि करण किया जाता है |
और राहुल गाँधी पर की गयी FIR इस बात का प्रमाण है,
भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' के तरीके बदलते रहते हैं, और बदलते रहेंगे - मकसद बस एक ही है: किसी भी क़ीमत पर BJP की जीत, और भारत के लोकतंत्र का अंत।
महाराष्ट्र 2024 - लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
बंगाल 2026 - SIR में जिन नामों को काटा गया, उनमें से 91% नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए, और नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
और अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है - यानी हर पांचवां वोटर।
लोक सभा 2024: 9.29 करोड़
विधान सभा 2024: 9.7 करोड़
SIR 2026: 7.78 करोड़
कौन सी लिस्ट सही थी?
वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता ज़रूरी नहीं है - यही कारण है कि ये BJP न जनता की सुनती है, न उनका आदेश मानती है।
असल मुद्दा राहुल गांधी के ख़िलाफ़ FIR का नहीं है बल्कि सवाल ये है कि खड़गे जी के मंच का शुद्धीकरण करने वाले, छुआछूत जैसे आपराधिक काम करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई क्यों नहीं की की गई?
नेता प्रतिपक्ष ने शुद्धीकरण के ख़िलाफ़ छुआछूत का मुद्दा उठाया इसलिए उनके ख़िलाफ़ FIR की गई है।
दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक।
हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए।
बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके। और अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं।
निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जाँच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?
पर्दे सिर्फ़ उस बस में नहीं डाले गए थे - साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफर नहीं कर सकतीं।
और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाक़ी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी?
क्या अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस और आदित्यनाथ के अधीन UP पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - इस अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगें साहब से जुड़े शुद्धिकरण के मुद्दे पर पार्टी उत्तराखंड में बड़ा आंदोलन करने जा रही है।7 सितंबर को इस प्रदर्शन की तैयारी हो रही है।नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हुई FIR पर कांग्रेस को पुलिस के बुलावे का इंतज़ार है।राहुल गांधी जाँच में शामिल होंगे…
मैंने संसद में कहा था कि जिस तरह एकलव्य का अंगूठा कटवाया गया था उसी तरह पेपर लीक करवाकर युवाओं का अंगूठा काटा जाता है।
इसका ताज़ा उदाहरण बिहार है। BPSC अभ्यार्थी पेपर लीक के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं और एग्जाम को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
लेकिन NDA की सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए उल्टा छात्रों पर ही लाठी चार्ज करवा रही है।
यह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम उनके साथ हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे।
BJP ने पहले कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे की रैली स्थल का शुद्धिकरण करवाया.
जब नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी ने छुआछूत के इस गंभीर मसले को उठाया तो अब उनपर भी FIR करवा दी.
BJP अपराध करने वालों को संरक्षण दे रही है और जो अपराध के खिलाफ बोल रहे हैं उनपर मुकदमे लिखवा रही है.
ये पूरा मामला BJP-RSS की दलित विरोधी सोच को दर्शाता है. इनके सिस्टम में दलितों के लिए कोई जगह नहीं है - ये साबित करता है.
इनको लगता है कि FIR कराने से इनके अपराध छिप जाएंगे, ये मामला दब जाएगा. ये इनकी गलतफहमी है.
इस देश का हर दलित, शोषित, वंचित व्यक्ति जानता है उनकी आवाज कौन उठा रहा और कौन उनके हक को दबाने में लगा हुआ है.
देश सब देख रहा है.
हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी को उज़्बेकिस्तान की सरकार ने एक बार फिर सर्वश्रेष्ठ सम्मान से नवाज़ा है।उज़्बेकिस्तान की जनसंख्या 3.9 करोड़ है।सरकारी आँकड़े के मुताबिक़ हमारे देश मे 8.7 करोड़ युवा तो घर पर खाली बैठे हुए हैं।
FYI
▪️10 अगस्त
गौतम अडानी ने उज्बेकिस्तान के निवेश मंत्री लाजिज कुद्रतोव से मुलाकात करके
हाइड्रोपावर प्लांट में निवेश पर चर्चा की
▪️29 अगस्त
नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान पहुंच गए
Chief Sales and Marketing Officer हो तो ऐसा हो!