पराली को खाद में बदलने के लिए बायो-डिकम्पोज़र घोल के छिड़काव का काम आज दिल्ली के हिरनकी गांव से शुरू हो चुका है। इसका सारा खर्च दिल्ली सरकार उठा रही है।
अब दिल्ली के किसानों को पराली जलानी नहीं पड़ेगी। उम्मीद है कि अन्य सरकारें भी इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगी।