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Filed a complaint to register FIR against Seema Khanna DG IT @ECISVEEP at Parliament Street PS today. SHO asked for time till 5th to see if case made out for FIR. Told him I will be back on 6th to follow up. @MamataOfficial@RahulGandhi
ओडिशा से सामने आई 'वोट चोरी' की काली करतूत
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक👇
• धामनगर विधानसभा सीट में BLOs की ID और OTP का इस्तेमाल कर हजारों की संख्या में वोटर लिस्ट से नाम काटने के फॉर्म भरे गए
• जांच में BLOs ने बताया है कि इस धांधली के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी, क्योंकि वे 'OTP' वेरिफिकेशन के नाम पर AERO और उनके स्टाफ को दे चुके थे
• BLO निरुपमा त्रिपाठी के नाम पर धोखाधड़ी कर 227 फॉर्म-7 भरे गए, जबकि अन्य कई BLOs के नाम पर भी ऐसी धांधली की गई
• इस धांधली में एक सीट से ही 3,000 से ज़्यादा नाम हटाने के फॉर्म भरे गए और इनमें 90% से ज़्यादा नाम मुस्लिम मतदाताओं के थे
• BLOs का कहना है कि ये सभी असली मतदाता थे, जांच में सही पाए गए थे और इनका नाम 2002 की पुरानी सूची में भी था
- ये मामला सीधे तौर पर 'वोट चोरी' का है, जिसमें मोदी के इशारे पर ज्ञानेश कुमार वैलिड वोटर्स के नाम काट रहे हैं।
लेकिन ज्ञानेश कुमार जैसे 'वोट चोर' याद रखें कि समय के साथ सबका हिसाब होगा, जनता सब देख रही है।
कर्नाटक में वोट चोरी का मामला बढ़ गया है.
खुद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. साथ में सरकार के मंत्री और विधायक भी धरने पर बैठे हैं.
ये लोग FIR की मांग कर रहे हैं, जो SIR में धांधली कर रहे हैं उनके खिलाफ.
बालाघाट में आकर ऐसा लगा- जैसे हिंदुस्तान के बीच में ही हिंदुस्तान की सरकार नहीं है।
यहां बहुत सारे बच्चों की मृत्यु कुपोषण और अन्य बीमारियों के कारण हुई है, लेकिन सरकार की तरफ से लोगों को कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा है।
यहां पर लोगों की जमीन से जुड़े मुद्दे हैं, वन अधिकार अधिनियम से जुड़ा मुद्दा है और मनरेगा का भी मुद्दा है। कई परिवारों ने अपने बच्चे खो दिए, लेकिन अभी तक आधे लोगों को मुआवजा नहीं दिया गया है।
मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि वो अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
बालाघाट में लोगों को स्कूल, अस्पताल की सुविधा दीजिए और इन्हें इनका हक दीजिए। BJP सरकार 24 घंटा विकास की बात करती है, लेकिन जिम्मेदारी निभाने के वक़्त गायब हो जाती है।
अगर सरकार प्रदेश में दो योजनाएं चला रही है तो इन्हें दोनों का फायदा मिलना चाहिए, लेकिन इन्हें एक योजना का फायदा देकर, दूसरे से नाम इनका काट दिया जाता है।
मुझे यहां की स्थिति देखकर काफी दुख हुआ। हमने इनसे कहा है कि हम सरकार में आते ही इनकी मदद करेंगे।
हम इन्हें वनवासी नहीं, आदिवासी कहते हैं और ये हिंदुस्तान के पहले मालिक हैं, इसलिए इन्हें देश में जगह और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
मध्य प्रदेश में हर तरफ हालात खराब हैं और ये पूरी तरह से मध्य प्रदेश सरकार का Failure है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 बालाघाट, मध्य प्रदेश
पूरा देश वोट चोरी के खिलाफ़ गुस्से में है - मगर फिर भी BJP-EC की बेशर्मी देखिए कैसे खुलेआम वही किए जा रहे हैं।
कर्नाटक के बेलगावी में एक झटके में लगभग 15 हजार वोटरों के नाम मिटाने की साजिश चल रही थी।
सिर्फ़ तीन दिनों - 22, 23 और 24 सितंबर - में इतने नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए Form 7 की बाढ़ आ गई।
और निशाने पर कौन? मुसलमान, SC, ST और OBC। क्योंकि इनमें से ज़्यादातर लोग BJP के खिलाफ वोट डालते हैं।
मैंने वोट चोरी के इस तरीके का पहले ही पर्दाफाश किया था - Centralized तरीके से software के जरिए वोट delete किए जाते हैं। "चुनिंदा" लोगों के खिलाफ BJP और EC के लोगों द्वारा मिलकर automated तरीके से थोक में Form 7 भरे जाते हैं - और देखते ही देखते लाखों वोटर लिस्ट से गायब हो जाते हैं। और ये सब ऊपर से नियंत्रित किया जाता है।
कर्नाटक कांग्रेस के नेता इस वक्त कर्नाटक CEO के दफ़्तर में इसके दोषियों के ख़िलाफ़ FIR की मांग कर रहे हैं। CEO इस FIR से मना क्यों कर रहे हैं?
इस तरह से मोदी, शाह और ज्ञानेश मिल कर SIR के ज़रिए लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं। ये देशद्रोह है।
इसलिए मैं कह रहा हूं ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे कर approver बन जाना चाहिए, और मोदी शाह के खिलाफ जांच होनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी की सुरक्षा को लेकर बालाघाट पुलिस और प्रशासन की लापरवाही बहुत आपत्तिजनक है!
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम, पूर्व सूचना के बावजूद दौरे को लेकर अनभिज्ञता जता रहा सरकारी सिस्टम खुद की खामियां बता रहा है!
मैं फिर से स्पष्ट मांग कर रहा हूं कि श्री राहुल जी की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना, मध्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है!
@DGP_MP | @CMMadhyaPradesh
ज्ञानेश कुमार कर्नाटक में भी SIR से 'वोट चोरी' की धांधली कर रहे हैं.
कर्नाटक में कई जगह 'पहले से भरे हुए' फॉर्म 7 भेजे जा रहे हैं. इनमें मुख्य तौर पर मुस्लिम वोटर्स के नाम हटाने की मांग की गई है.
BLO बता रहे हैं - ऊपर से दबाव है कि वो फॉर्म 7 पर साइन करें और लोगों के नाम काटें.
ये है ज्ञानेश का 'वोट चोरी' का खेल, जो वो मोदी के कहने पर कर रहे हैं.
ये देशद्रोह है... और ज्ञानेश देशद्रोही. वक्त आने पर देशद्रोही ज्ञानेश को सजा जरूर मिलेगी.
मोदी जी सामाजिक न्याय और बराबरी के ख़िलाफ़ हैं। उनका पूरा सिस्टम शिक्षा से नफ़रत करता है, क्योंकि वे नहीं चाहते कि छात्र सोचें या सवाल पूछें।
इसका ताज़ा सबूत देखिए।
एक गुमनाम ट्वीट में बाबासाहेब अंबेडकर की "जाति का विनाश", ज्योतिबा फुले की "गुलामगिरी" जैसी कई ज़रूरी किताबों को युवाओं के दिमाग़ में "ज़हर" भरने वाला बताया गया।
अगले ही दिन, रविवार को, PMO के निर्देश पर शिक्षा मंत्रालय ने सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों से सिलेबस की जानकारी माँगी, और पूछा कि इन कोर्स में कितने छात्र पढ़ रहे हैं।
बेहद चौंकाने वाली बात है कि युवाओं के पेपर लीक, बेरोज़गारी और सुरक्षा के सवालों पर चुप रहने वाले प्रधानमंत्री, इंटरनेट ट्रोल्स के इशारे पर फ़ौरन काम करते हैं।
मैं आज बालाघाट आ रहा हूं।
उन आदिवासी परिवारों से मिलने, जिन्होंने बीमारी और BJP सरकार की उपेक्षा के कारण अपने मासूम बच्चों को खोया है। उनके साथ वक्त बिताकर उन्हें बताना चाहता हूं कि इस दुख में वो अकेले नहीं हैं - मैं उनके साथ हूं।
कुछ दिनों पहले केन-बेतवा आंदोलन के आदिवासी भाई-बहनों से भी मिला था। परियोजना के कारण आज उनके गांव डूब रहे हैं, मगर सरकार से उन्हें न पुनर्वास मिला न मुआवज़ा - मिला है तो प्रताड़ना, सरकारी दमन और हिंसा।
इंदौर में ‘छात्रों की गूँज’ के दौरान भी आदिवासी छात्रों ने बताया - स्कूल नहीं हैं, कॉलेज बदहाल हैं, हॉस्टल और खाना नर्क जैसा, परीक्षाओं में धांधली और उनके आरक्षण के अधिकार से खिलवाड़ हो रहा है।
मध्यप्रदेश के आदिवासियों की ये तकलीफें BJP-RSS की उस सोच का हिस्सा हैं जो उन्हें भारत के पहले मालिक नहीं, वनवासी मानती है। जल, जंगल, जमीन के साथ शिक्षा, रोजगार और सम्मान भी छीन लेना चाहती है और अहंकार में वो कुछ सुनना नहीं चाहती।
आदिवासी भाई-बहनों को आश्वस्त करता हूं कि मैं आपके साथ हर संघर्ष में खड़ा हूं - आपकी आवाज़ बुलंद करना मेरी ज़िम्मेदारी है और मैं इस बहरी सरकार को वो पूरी शक्ति के साथ सुनाऊंगा।
The online Form 6 was changed illegally - as the EC's own Commissioners have recorded.
Who at the ECI ordered Tata Consultancy Services to make that change?
Who at TCS signed off on it? And were they pressured into doing it?
अब महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोक्कलिंगम ने ज्ञानेश कुमार के 'वोट चोरी' के खेल पर सवाल खड़े किए हैं।
एस चोक्कलिंगम ने कहा कि ERO को फैसला लेने का हक दिया जाए, ECINet सॉफ्टवेयर को नहीं।
एस चोक्कलिंगम ने ECINet से जुड़ी चार मांगें रखीं हैं:
• अच्छे कागजात आने पर सुनवाई माफ करने का विकल्प हो, ताकि बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों को दफ्तर न जाना पड़े
• 13 तय कागजों के अलावा 'अन्य दस्तावेज' भी स्वीकार हो सकें, क्योंकि आदिवासी, बेघर या कुछ अन्य लोगों के पास वही कागज नहीं होते
• गड़बड़ियों का फैसला ERO खुद कर सके, हर बार जिला अधिकारी के पास न भेजना पड़े
• हर मामले में पुरानी SIR लिस्ट को अलग से अपलोड करना अनिवार्य न हो
याद रहे कि सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने भी ECINet सॉफ्टवेयर का विरोध किया था, लेकिन ज्ञानेश कुमार ने उनकी नहीं सुनी थी।
ये विरोध की आवाज अलग-अलग राज्यों के चुनाव अधिकारी उठा रहे हैं। अब ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा, क्योंकि उनके पास यही एक रास्ता बचा है।
साम..दाम..दंड..भेद से सत्ता चल सकती है लेकिन लोकतंत्र नहीं। सच तो ये है कि ये सरकार एक भी चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शिता से कराने में असक्षम है।
निकाय चुनाव के बाद RCA चुनाव में भाजपा सरकार की बेईमानी खुलकर सामने आई, RCA की बंदरबांट में जिस तरह मंत्री पुत्रों और BJP नेताओं ने इसे राजनीति अखाड़ा बनाया वो प्रदेश के लिए शर्मनाक है।
जानकारी में आया है कि प्रत्याशियों ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कैबिनेट मंत्री का दर्जा रखने वाले भाजपा नेता अरूण चतुर्वेदी जी पर सरकार के इशारे पर लोकतांत्रिक मतदान प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया है।
आरोप है कि मतदान के समय जहां वोटर्स को बैठना चाहिए था वहां स्वयं चतुर्वेदी जी उपस्थित थे, और वोटर्स को डरा-धमका कर एक पक्ष में वोट एक तरफा डलवा गए।
मैं सरकार से पूछना चाहूंगा कि जब डराने धमकाने और सरकार के चहेते को चुनना था तो फिर चुनाव कराने का ढोंग क्यों किया गया?
नवनिर्मित जिला क्रिकेट संघ बालोतरा, डीडवाना-कुचामन और खैरथल-तिजारा को इस पूरी चुनाव प्रक्रिया से दूर रखा गया, और न ही अपने वोटों का इस्तेमाल करने दिया। अगर फैसला दिल्ली की पर्ची से ही होना था, तो फिर चुनाव कराने का ये तमाशा क्यों किया गया?
जिस तरह भाजपा सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था व मर्यादाओं की धज्जियां उड़ा रही हैं.. वो प्रदेश के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
Stop punishing women for the crimes committed against them.
Across our country, women are afraid to walk the streets, afraid of being harassed, afraid of being raped. And the government’s answer: stay at home.
This is patriarchy at work: a system that blames the victim and shields the criminal. It is time to smash it.
The solution is not to lock women inside. It is to make our streets safe, to confront the mindset of men who mistreat women, and to punish those who attack them, swiftly and without exception.
Thousands of students and young people are on the streets demanding safety for women. I urge even more young women, especially GenZ across India to come out in stronger numbers.
This government is deaf to your pain and will only listen when it’s under pressure.
Peaceful protest is your democratic right, and I stand with you wholeheartedly.
Another day, another @IndianExpress break on the EC.
Sept 23. Our investigation breaks. The EC responds the same day: its platforms are protected against "unauthorized tampering", and EROs "function as per statutory powers."
What we didn't know was this.
The very next day, Maharashtra's Chief Electoral Officer (CEO) wrote to the EC in Delhi asking for FOUR changes to ECINet, so EROs could use the discretion the law already gives them.
The same concern Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu and Vivek Joshi had put on record.
Stay with me for @vallabhozarkarr's cracker of a story in today's edition
(1/11)🧵
राहुल गांधी ने आज CWC बैठक में एक जोरदार बात कही...कहा-पीएम और गृह मंत्री ने एक बैठक में मुझसे कहा था-हमें मालूम है कि हम जाएंगे तो आप ही आएंगे.....बैठक में अपने नेताओं को राहुल गांधी ने फिर मुस्कराते हुए कहा-मुझे पता है आप मुझ पर भरोसा नहीं करते, लेकिन अभी जो मैंने बात कही वैसे ही आप मुझ पर भरोसा करिए.....
THE INDIAN ECONOMY IS DEAD.
Modi killed it.
1. Adani-Modi partnership
2. Demonetisation and a flawed GST
3. Failed “Assemble in India”
4. MSMEs wiped out
5. Farmers crushed
Modi has destroyed the future of India’s youth because there are no jobs.